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  1. FY27 में अभी तक का डेटा आया सामने, इनकम टैक्स कलेक्शन 17 जून तक 15% बढ़कर ₹5.21 लाख करोड़ के पार

पर्सनल फाइनेंस

FY27 में अभी तक का डेटा आया सामने, इनकम टैक्स कलेक्शन 17 जून तक 15% बढ़कर ₹5.21 लाख करोड़ के पार

Namita Shukla

3 min read | अपडेटेड June 19, 2026, 07:49 IST

सारांश

मौजूदा फाइनेंशियल ईयर यानी कि FY27 में अब तक नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 22% बढ़कर 2.08 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 8% बढ़कर लगभग 2.94 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

इनकम टैक्स रिटर्न

नेट इनकम टैक्स कलेक्शन 17 जून तक 15% बढ़कर 5.21 लाख करोड़ रुपये के पार

मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में 1 अप्रैल से 17 जून के दौरान नेट इनकम टैक्स कलेक्शन 14.64% बढ़कर 5.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। गुरुवार को सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई। मौजूदा फाइनेंशियल ईयर यानी कि FY27 में अब तक नेट कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 22% बढ़कर 2.08 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि नेट नॉन-कॉरपोरेट टैक्स कलेक्शन 8% बढ़कर लगभग 2.94 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। आंकड़ों के मुताबिक प्रतिभूति लेनदेन कर (Securities Transaction Tax, STT) कलेक्शन 45% बढ़कर 18,856 करोड़ रुपये रहा। एडवांस टैक्स कलेक्शन 15.30% बढ़कर 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। कंपनियों से मिले एडवांस टैक्स 16% बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गए जबकि नॉन-कॉरपोरेट एडवांस टैक्स 13% की बढ़त के साथ 37,620 करोड़ रुपये रहा।

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टैक्स कलेक्शन से बढ़ा सरकार का रेवेन्यू

आंकड़ों के मुताबिक, 17 मई तक 89,026 करोड़ रुपये के रिफंड जारी किए गए, जो पिछले साल के इसी पीरियड की तुलना में 1.19% की वृद्धि दर्शाता है। सकल आधार पर डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 12.46% बढ़कर 6.10 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। इसमें 2.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कंपनी टैक्स और लगभग 3.15 लाख करोड़ रुपये का नॉन-कंपनी टैक्स कलेक्शन शामिल है। सरकार ने मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में डायरेक्ट टैक्स से 26.97 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है, जो फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में जुटाए गए 23.40 लाख करोड़ रुपये रेवेन्यू से लगभग 15% अधिक है। इन आंकड़ों पर डेलॉयट इंडिया में साझेदार रोहिंटन सिधवा ने कहा कि ऐसा लगता है कि टैक्स कलेक्शन पिछले सालों की दर कटौती के कारण आई गिरावट से उबर चुका है और एक बार फिर वृद्धि की राह पर लौट आया है।

इनकम टैक्स नियमों में हुए कई बदलाव

उन्होंने कहा, ‘आंकड़े कंपनियों के मजबूत एडवांस टैक्स वृद्धि को भी दर्शाते हैं, जो कॉरपोरेट सेक्टर के अच्छे प्रदर्शन को दर्शाता है। हालांकि ये शुरुआती संकेत हैं, लेकिन अगर यह रुख बरकरार रहता है, तो इससे सरकार को राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।’ आपको बता दें कि फाइनेंशियल ईयर 2026-27 के लिए इनकम टैक्स नियमों में कई बदलाव हुए हैं। भारत में रहने वाले टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने को लेकर एक जो सबसे बड़ा बदलाव सामने आया, वह ये कि अब तक ज्यादातर लोग यही मानते थे कि आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख सिर्फ 31 जुलाई होती है। कई नौकरीपेशा लोग इसी तारीख को आखिरी मानकर बैठ जाते थे और सोचते थे कि यह नियम हर किसी पर लागू होता है। लेकिन असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए यह नियम पूरी तरह बदल चुका है। यह असेसमेंट ईयर फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में हुई कमाई के लिए है। सरकार ने अलग-अलग कैटेगरीज के टैक्सपेयर्स के लिए डेडलाइन को बदल दिया है। इसलिए अब आपको बहुत सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि आपकी डेडलाइन आपकी कमाई के सोर्स, खातों के ऑडिट और पार्टनरशिप पर निर्भर करेगी।

लेखकों के बारे में

Namita Shukla
Namita Shukla is a seasoned journalist with over 15 years of experience in Hindi media. She has worked with some of the most reputed news organizations, including Navbharat Times, Dainik Jagran, Aaj Tak, and Hindustan Times Hindi. Throughout her career, Namita has reported on a wide range of beats such as national affairs, sports, business, and entertainment, bringing clarity and depth to her reporting. In addition to her journalistic work, she is a certified fact-checker by both Google and Meta, underscoring her commitment to accuracy and ethical journalism in the digital age.

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