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ITR filing 2026: पिछले साल बदली थी नौकरी तो कौन देगा फॉर्म-16? जानें टैक्स भरने से पहले यह जरुरी नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 08, 2026, 13:39 IST

सारांश

फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने का सीजन शुरू हो चुका है। नौकरीपेशा लोगों को अपने एम्प्लॉयर से फॉर्म-16 मिलने का बेसब्री से इंतजार है।

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इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने के लिए फॉर्म 16 के जरुरी नियमों की पूरी डिटेल। | Image: Shutterstock.

देश में फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने का दौर शुरू हो चुका है। इस समय सैलरी पाने वाले तमाम नौकरीपेशा लोग अपने एम्प्लॉयर से फॉर्म-16 मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह डाक्यूमेंट सैलरी से कटे हुए टैक्स का एक पक्का सबूत होता है और इसके बिना सही तरीके से टैक्स रिटर्न भरना काफी मुश्किल होता है। लेकिन कई बार कर्मचारियों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर उन्होंने पिछले साल अपनी नौकरी बदली थी या पुरानी कंपनी छोड़ दी थी, तो उनके लिए फॉर्म-16 कौन जारी करेगा।

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आखिर क्या होता है फॉर्म-16?

इनकम टैक्स नियमों के अनुसार फॉर्म-16 एक बेहद महत्वपूर्ण टीडीएस सर्टिफिकेट होता है, जिसे कंपनियों द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए जारी किया जाता है। यह इस बात का ऑफिशियल सबूत है कि कंपनी ने आपकी सैलरी से टैक्स काटकर उसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जमा कर दिया है। यह डाक्यूमेंट इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें एक फाइनेंशियल ईयर के दौरान कर्मचारी की कुल कमाई और उस पर कटे हुए टैक्स का पूरा ब्यौरा होता है, जिससे टैक्स डिटेल्स को वेरिफाई करना और ITR फाइल करना बहुत आसान हो जाता है।

फॉर्म-16 के पार्ट-A और पार्ट-B में क्या होता है

इस फॉर्म के दो हिस्से होते हैं जिन्हें पार्ट-A और पार्ट-B कहा जाता है। पार्ट-A में एम्प्लॉयर और एम्प्लोयी की बेसिक डिटेल्स जैसे पैन और टैन नंबर की जानकारी होती है। साथ ही इसमें सैलरी से कटे TDS और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में जमा किए गए टैक्स का तिमाही रिकॉर्ड होता है। वहीं पार्ट-B में कर्मचारी को पूरे साल में मिली सैलरी का पूरा ब्रेकअप, मिले हुए अलाउंस और भत्ते शामिल होते हैं। इसके अलावा इसमें सेक्शन 80सी और 80डी के तहत किए गए दावों, टैक्सेबल इनकम, कुल टैक्स और मिलने वाली राहत की पूरी जानकारी होती है। एम्प्लॉयर को इसे जारी करने से पहले दोनों हिस्सों की जांच करनी होती है।

कब तक जारी होता है फॉर्म-16?

इनकम टैक्स के नियमों के मुताबिक कंपनियों को हर हाल में अगले फाइनेंशियल ईयर की 15 जून तक फॉर्म-16 जारी करना होता है। इस हिसाब से फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में दी गई सैलरी और कटे हुए TDS के लिए कंपनियों को 15 जून 2026 या उससे पहले फॉर्म-16 देना होगा। अगर किसी कर्मचारी ने साल के बीच में नौकरी बदली है, तो दोनों ही संगठनों के एम्प्लॉयर को उस समय अवधि का फॉर्म-16 जारी करना होगा, जितने समय कर्मचारी ने उनके साथ काम किया था। यानी आपको दोनों कंपनियों से अलग-अलग फॉर्म-16 लेना पड़ेगा।

कैसे मिलता है फॉर्म-16?

कर्मचारियों के लिए यह जानना भी जरुरी है कि फॉर्म-16 सिर्फ उनकी कंपनी द्वारा ही दिया जाता है। इसे इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की वेबसाइट या किसी दूसरे सोर्स से सीधे डाउनलोड नहीं किया जा सकता है। आखिरी तारीखों की बात करें तो इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए ITR-1 और ITR-2 भरने की लास्ट डेट 31 जुलाई 2026 तय की गई है। वहीं नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर्स के लिए ITR-4 भरने की डेडलाइन 31 अगस्त 2026 है।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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