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  1. हर किसी के लिए नहीं है ITR-1, इन मामलों में चुनना होगा दूसरा फॉर्म, फाइलिंग से पहले समझें नियम

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हर किसी के लिए नहीं है ITR-1, इन मामलों में चुनना होगा दूसरा फॉर्म, फाइलिंग से पहले समझें नियम

Upstox

3 min read | अपडेटेड July 10, 2026, 17:44 IST

सारांश

Income Tax: अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचकर एक साल के अंदर मुनाफा कमाया है, यानी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-2 भरना पड़ता है।

Income Tax

Income Tax: गलत फॉर्म चुनने पर आयकर विभाग आपके रिटर्न को गलत मान सकता है।

ITR-1 (सहज) सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म है। इसे आमतौर पर सैलरीड और पेंशन पाने वाले लोग भरते हैं। लेकिन सिर्फ इसलिए कि यह सबसे आसान फॉर्म है, हर कोई इसे नहीं भर सकता। अगर आपकी कमाई या निवेश कुछ खास तरह के हैं, तो आपको ITR-2 या ITR-3 भरना होगा। गलत फॉर्म चुनने पर आयकर विभाग आपके रिटर्न को डिफेक्टिव (गलत) मान सकता है और नोटिस भेज सकता है।

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शेयर या म्यूचुअल फंड बेचकर शॉर्ट टर्म मुनाफा हुआ है

अगर आपने शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचकर एक साल के अंदर मुनाफा कमाया है, यानी शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) हुआ है, तो आप ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-2 भरना पड़ता है। अगर शेयर या इक्विटी म्यूचुअल फंड बेचने पर आपका लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) 1.25 लाख रुपये से ज्यादा है, तो भी ITR-1 आपके लिए नहीं है।

अगर आपने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) या इंट्राडे ट्रेडिंग की है और उसकी आय बिजनेस इनकम मानी जाती है, तो ITR-1 मान्य नहीं होगा। अगर पिछले वित्त वर्ष के दौरान आपके पास किसी ऐसी कंपनी के शेयर थे जो शेयर बाजार में लिस्ट नहीं है, तो आप ITR-1 दाखिल नहीं कर सकते।

जमीन, मकान या सोना बेचकर मुनाफा कमाया है

अगर आपने जमीन, मकान, सोना, डेट म्यूचुअल फंड या कोई दूसरी संपत्ति बेची है और उससे मुनाफा हुआ है, तो यह जानकारी ITR-1 में नहीं दी जा सकती। ऐसे में ITR-2 या ITR-3 भरना होगा।

बिजनेस, फ्रीलांसिंग या प्रोफेशन से कमाई होती है

अगर आप कोई कारोबार करते हैं, फ्रीलांसर हैं, कंसल्टेंसी देते हैं या किसी प्रोफेशन से कमाई करते हैं, तो ITR-1 नहीं भर सकते। ऐसे मामलों में आमतौर पर ITR-3 भरना होता है। अगर आप प्रिजम्पटिव टैक्स स्कीम के तहत आते हैं, तो ITR-4 भी भर सकते हैं।

किसी कंपनी के डायरेक्टर हैं

अगर आप किसी कंपनी में डायरेक्टर हैं, चाहे आपको उससे ज्यादा आय हो या नहीं, तब भी ITR-1 भरने की अनुमति नहीं है।

विदेश में संपत्ति या बैंक खाते से जुड़ाव है

अगर आपके पास विदेश में कोई घर, निवेश, बैंक खाता या किसी विदेशी खाते में हस्ताक्षर करने का अधिकार है, तो आपको ITR-1 की जगह दूसरा फॉर्म भरना होगा। अगर आपको विदेश से वेतन, किराया, ब्याज, डिविडेंड या किसी भी तरह की आय मिलती है, तो ITR-1 का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

सालाना आय 50 लाख रुपये से ज्यादा है

अगर आपकी कुल टैक्स योग्य आय 50 लाख रुपये से ज्यादा है, या आपको पिछले साल का घाटा (Loss) आगे ले जाना है, या आपकी आय लॉटरी, घुड़दौड़ जैसे विशेष स्रोतों से है, तो ITR-1 की जगह ITR-2 या ITR-3 भरना होगा।

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