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  1. Motor Insurance: थर्ड पार्टी से Own Damage तक, हर कवर और उसके प्रीमियम की मिलेगी अलग जानकारी, समझें नया नियम

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Motor Insurance: थर्ड पार्टी से Own Damage तक, हर कवर और उसके प्रीमियम की मिलेगी अलग जानकारी, समझें नया नियम

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड November 05, 2026, 14:07 IST

सारांश

अभी कई बार ग्राहकों को यह समझने में परेशानी होती है कि वे मोटर इंश्योरेंस के लिए किस चीज का कितना पैसा दे रहे हैं। नए सिस्टम में हर तरह के कवर और उसके प्रीमियम की जानकारी अलग-अलग दी जाएगी।

IRDAI

IRDAI के नए फ्रेमवर्क में मोटर इंश्योरेंस को चार हिस्सों में बांटा गया है।

गाड़ी का इंश्योरेंस खरीदने वालों के लिए 15 दिसंबर 2026 से नया नियम लागू होने जा रहा है। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने कार और दोपहिया वाहनों के मोटर इंश्योरेंस के लिए चार-लेयर वाला नया सिस्टम तैयार किया है। इसका मकसद ग्राहकों को यह साफ-साफ बताना है कि उनकी पॉलिसी में कौन-कौन से जोखिम कवर हैं, कौन-से कवर लेना जरूरी है और किनके लिए वे अपनी मर्जी से विकल्प चुन सकते हैं।

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अभी कई बार ग्राहकों को यह समझने में परेशानी होती है कि वे मोटर इंश्योरेंस के लिए किस चीज का कितना पैसा दे रहे हैं। नए सिस्टम में हर तरह के कवर और उसके प्रीमियम की जानकारी अलग-अलग दी जाएगी। इससे ग्राहक अपनी जरूरत के हिसाब से इंश्योरेंस चुन सकेंगे।

मोटर इंश्योरेंस के चार हिस्से क्या होंगे?

IRDAI के नए फ्रेमवर्क में मोटर इंश्योरेंस को चार हिस्सों में बांटा गया है।

  1. पहला है थर्ड पार्टी लायबिलिटी कवर। यह अनिवार्य होगा। इसके तहत आपकी गाड़ी से किसी दूसरे व्यक्ति या उसकी संपत्ति को नुकसान पहुंचने पर इंश्योरेंस सुरक्षा मिलती है। वाहन मालिक इस कवर को लेने से मना नहीं कर सकते।
  2. दूसरा हिस्सा लीगल लायबिलिटी टू ऑक्यूपेंट्स या पिलियन राइडर्स का है। कार में बैठने वाले यात्रियों और बाइक पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए यह कवर होगा। इसमें बीमाधारक के कर्मचारी भी शामिल हो सकते हैं। यह वैकल्पिक होगा।
  3. तीसरा हिस्सा पर्सनल एक्सीडेंट कवर है। इसमें वाहन के मालिक और ड्राइवर के लिए पर्सनल एक्सीडेंट कवर अनिवार्य होगा। वहीं कार में बैठे दूसरे लोगों, बाइक पर पीछे बैठने वाले व्यक्ति और मालिक के अलावा अन्य ड्राइवर के लिए यह कवर लेना वैकल्पिक होगा।
  4. चौथा हिस्सा ओन डैमेज कवर है। इसमें आपकी अपनी गाड़ी को होने वाले नुकसान या चोरी जैसी स्थिति में सुरक्षा मिलती है। यह भी वैकल्पिक होगा।

प्रीमियम की जानकारी भी अलग-अलग मिलेगी

नए नियमों का एक बड़ा फायदा यह होगा कि इंश्योरेंस कंपनियों को हर कवर के लिए लिया जाने वाला प्रीमियम अलग-अलग बताना होगा। यानी ग्राहक को सिर्फ कुल प्रीमियम नहीं दिखेगा, बल्कि यह भी पता चलेगा कि थर्ड पार्टी, पर्सनल एक्सीडेंट और ओन डैमेज कवर के लिए कितना पैसा लिया जा रहा है। हालांकि, IRDAI ने ओन डैमेज कवर के प्रीमियम की कोई एक समान दर तय नहीं की है। कंपनियां बाजार की स्थिति के हिसाब से इसका प्रीमियम तय कर सकेंगी।

पुरानी पॉलिसी में भी जुड़वा सकेंगे नया कवर

जिन लोगों के पास पहले से मोटर इंश्योरेंस है, वे भी पॉलिसी की अवधि के दौरान यात्रियों या पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए अतिरिक्त कवर ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त प्रीमियम देना होगा। हालांकि, यह सुविधा उसी इंश्योरेंस कंपनी से मिलेगी, जिसने उनकी मौजूदा थर्ड पार्टी पॉलिसी जारी की है। इसके लिए पुरानी थर्ड पार्टी पॉलिसी रद्द कराने की जरूरत नहीं होगी।

ग्राहकों को मिलेंगे दो जरूरी दस्तावेज

नई व्यवस्था में इंश्योरेंस कंपनियों को ग्राहकों को कस्टमर ऑप्शन फॉर्म और कस्टमर इन्फॉर्मेशन शीट (CIS) देनी होगी। ऑप्शन फॉर्म में चारों तरह के कवर की जानकारी होगी। ग्राहक अपनी जरूरत के मुताबिक विकल्प चुन सकेंगे। यह नियम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से पॉलिसी खरीदने पर लागू होगा।

कब से लागू होगा नया नियम?

IRDAI का चार-लेयर मोटर इंश्योरेंस फ्रेमवर्क 15 दिसंबर 2026 से लागू होगा। इस तारीख से जारी होने वाली सभी संबंधित मोटर इंश्योरेंस पॉलिसियों में नए नियमों का पालन करना होगा। साथ ही इंश्योरेंस कंपनियों को इसी तारीख से नए फ्रेमवर्क को बीमा सुगम प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध कराना होगा। यानी ग्राहक बीमा सुगम के जरिए भी नए विकल्पों के साथ मोटर इंश्योरेंस खरीद सकेंगे।

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