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4 min read | अपडेटेड November 04, 2026, 15:02 IST
सारांश
धनतेरस पर सोने में निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड, डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ और गोल्ड म्यूचुअल फंड प्रमुख रास्ते हैं। ईटीएफ के लिए डीमैट खाता जरूरी है।

धनतेरस पर सोने में निवेश के विभिन्न विकल्पों और फंड हाउसों की नई रोक से जुड़ी अहम जानकारी।
धनतेरस का त्योहार नजदीक आते ही देश भर में सोने की खरीदारी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हिंदू परंपरा में धनतेरस पर सोना खरीदना सुख और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। पहले सोने में निवेश का मतलब केवल दुकान जाकर गहने या सिक्के खरीदना ही होता था। लेकिन आज के समय में निवेशकों के पास सोने में पैसा लगाने के कई आधुनिक विकल्प मौजूद हैं। आप अपनी जरूरत और बजट के अनुसार फिजिकल गोल्ड, डिजिटल गोल्ड, गोल्ड ईटीएफ या गोल्ड म्यूचुअल फंड का रास्ता चुन सकते हैं। हालांकि हर विकल्प के अपने फायदे और नियम हैं। इसके अलावा हाल ही में 17 बड़े फंड हाउसों ने सेबी के निर्देशों के बाद गोल्ड फंड्स (FOF) में नए निवेश पर रोक लगा दी है। ऐसे में धनतेरस पर खरीदारी से पहले हर विकल्प की सही जानकारी होना जरूरी है।
फिजिकल गोल्ड सोने में निवेश का सबसे पुराना माध्यम है। इसमें लोग दुकानों से सोने के गहने, बिस्किट या सिक्के खरीदते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो त्योहारी सीजन या शादियों में पहनने के लिए सोना चाहते हैं। लेकिन अगर आपका उद्देश्य सिर्फ निवेश और बचत है, तो फिजिकल गोल्ड महंगा साबित होता है। गहनों पर 5 से 25% तक मेकिंग चार्ज और 3% जीएसटी देना पड़ता है। इसके साथ ही घर में चोरी का डर और बैंक लॉकर का सालाना खर्च भी उठाना पड़ता है। पुराने गहने बेचते समय मेकिंग चार्ज का पैसा पूरी तरह डूब जाता है और केवल सोने का ही भाव मिलता है।
अगर आपके पास एकमुश्त बड़ी रकम नहीं है, तो डिजिटल गोल्ड एक सुविधाजनक रास्ता है। विभिन्न पेमेंट एप्स के जरिए केवल एक रुपये से भी इसमें निवेश शुरू किया जा सकता है। डिजिटल गोल्ड खरीदने पर उतनी ही कीमत का खरा सोना सुरक्षित वॉल्ट में रख दिया जाता है। जरूरत पड़ने पर इसे ऑनलाइन बेचकर पैसे सीधे बैंक खाते में मंगाए जा सकते हैं या सिक्कों की होम डिलीवरी ली जा सकती है। हालांकि इस पर भी 3% जीएसटी लगता है। इसके अलावा डिजिटल गोल्ड सेबी या आरबीआई के सीधे नियंत्रण में नहीं आता, इसलिए इसमें वित्तीय सुरक्षा का पूरा भरोसा नहीं होता है।
शेयर बाजार में सक्रिय लोगों के लिए गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी गोल्ड ईटीएफ सबसे पारदर्शी और सस्ता विकल्प है। यह स्टॉक एक्सचेंज पर सामान्य शेयरों की तरह खरीदा और बेचा जाता है। इसका भाव सोने के ताजा हाजिर रेट से जुड़ा रहता है और इसमें कोई मेकिंग चार्ज नहीं कटता। लेकिन इसका लाभ हर कोई नहीं ले सकता है। गोल्ड ईटीएफ खरीदने के लिए निवेशक के पास एक एक्टिव डीमैट और ट्रेडिंग खाता होना अनिवार्य है। जिन लोगों के पास डीमैट अकाउंट नहीं है, वे सीधे बाजार से गोल्ड ईटीएफ में निवेश नहीं कर सकते हैं।
जिनके पास डीमैट खाता नहीं होता, वे आमतौर पर गोल्ड म्यूचुअल फंड यानी गोल्ड एफओएफ के जरिए एसआईपी से निवेश करते रहे हैं। लेकिन इस धनतेरस निवेशकों के सामने एक नई रुकावट आ गई है। अक्टूबर 2026 में सेबी के निर्देशों के बाद एचडीएफसी, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, टाटा, कोटक और एक्सिस समेत लगभग 17 म्यूचुअल फंड हाउसों ने अपने गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नए निवेश पर अस्थाई रोक लगा दी है। नियामक सीमाओं और नकदी नियमों के कारण यह फैसला लिया गया है। इसलिए अगर आप गोल्ड म्यूचुअल फंड में पैसा लगाना चाहते हैं, तो पहले अपने फंड की स्थिति जरूर जांच लें और समझदारी से फैसला करें।
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