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4 min read | अपडेटेड June 30, 2026, 16:07 IST
सारांश
इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के बाद उसका स्टेटस ट्रैक करना बहुत जरुरी है ताकि यह पता चल सके कि रिटर्न सफलता के साथ वेरीफाई और प्रोसेस हुआ है या नहीं। टैक्सपेयर्स आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाकर आसानी से अपना स्टेटस देख सकते हैं।

इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर आसानी से ऑनलाइन चेक करें अपने आईटीआर का ताजा स्टेटस।
अपना इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने के बाद आपका काम पूरी तरह खत्म नहीं होता है। रिटर्न फाइल करने के बाद उसके स्टेटस को लगातार ट्रैक करना बहुत जरुरी होता है। इससे आपको यह पक्का करने में मदद मिलती है कि आपका रिटर्न सफलता के साथ वेरीफाई और प्रोसेस हो गया है या नहीं। अगर आपके रिटर्न में कोई रिफंड बन रहा है, तो स्टेटस चेक करने से यह साफ हो जाता है कि रिफंड बिना किसी देरी के जारी हो सकेगा। आयकर विभाग अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर टैक्सपेयर्स को यह खास सुविधा देता है। इसके जरिए आप घर बैठे ही अपने रिटर्न की पूरी प्रोग्रेस देख सकते हैं। आइए जानते हैं कि यह सर्विस क्या है और आप किस तरह अपने रिटर्न का स्टेटस देख सकते हैं।
आईटीआर स्टेटस सर्विस आयकर विभाग के ई-फाइलिंग पोर्टल पर मिलने वाली एक ऑनलाइन सुविधा है। यह सर्विस सभी टैक्सपेयर्स के लिए उनके परमानेंट अकाउंट नंबर यानी पैन कार्ड के आधार पर उपलब्ध होती है। इसका इस्तेमाल सिर्फ आम टैक्सपेयर्स ही नहीं, बल्कि अथॉराइज्ड सिग्नेटरी, ई-रिटर्न इंटरमीडिएट्स और रिप्रजेंटेटिव असेसी भी कर सकते हैं। इस सर्विस की सबसे अच्छी बात यह है कि यह सिर्फ मौजूदा स्टेटस ही नहीं दिखाती, बल्कि आपको कई जरुरी डॉक्यूमेंट डाउनलोड करने की सुविधा भी देती है। इसके जरिए मेंबर्स अपना आईटीआर-वी एकनॉलेजमेंट, ऑफलाइन यूटिलिटी से भरी गई जेएसओएन फाइल, पूरा आईटीआर फॉर्म पीडीएफ फॉर्मेट में और रिटर्न प्रोसेस होने के बाद जारी होने वाला इंटीमेशन ऑर्डर भी डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा जो रिटर्न ई-वेरीफाई होने से रह गए हैं, उनकी पहचान भी यहां से की जा सकती है।
इस ऑनलाइन सर्विस का इस्तेमाल करने के लिए सरकार ने टैक्सपेयर्स को दो अलग-अलग तरीके दिए हैं। पहला तरीका प्री-लगाइन एक्सेस का है, जिसमें आपको पोर्टल पर अकाउंट लॉगिन करने की जरुरत नहीं होती है। इसके लिए आपके पास पोर्टल पर भरा गया कम से कम एक रिटर्न और उसका वैलिड एकनॉलेजमेंट नंबर होना चाहिए। इसके साथ ही एक चालू मोबाइल नंबर होना जरुरी है जिस पर ओटीपी आ सके। दूसरा तरीका पोस्ट-लगाइन एक्सेस का है। इसके लिए टैक्सपेयर का ई-फाइलिंग पोर्टल पर अकाउंट होना चाहिए और उसके पास वैलिड यूजर आईडी और पासवर्ड होना जरुरी है। इस अकाउंट के जरिए कम से कम एक रिटर्न फाइल किया हुआ होना चाहिए ताकि लॉगिन करने के बाद उसकी पूरी लिस्ट देखी जा सके।
अगर आप बिना लॉगिन किए यानी प्री-लगाइन तरीके से अपने रिटर्न का स्टेटस चेक करना चाहते हैं, तो इसके स्टेप्स बहुत ही आसान हैं। सबसे पहले आपको इनकम टैक्स विभाग के ऑफिशियल ई-फाइलिंग पोर्टल पर जाना होगा। पोर्टल के होमपेज पर ही आपको इनकम टैक्स रिटर्न स्टेटस का एक विकल्प दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें। इसके बाद आपके सामने एक नया पेज खुलेगा, जहां आपको अपना आईटीआर एकनॉलेजमेंट नंबर और अपना चालू मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। यह डिटेल्स भरने के बाद नीचे दिए गए कंटिन्यू बटन पर क्लिक करें। अब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर छह अंकों का एक ओटीपी आएगा। इस ओटीपी को स्क्रीन पर दिए गए बॉक्स में भरें और सबमिट कर दें। सबमिट करते ही आपके रिटर्न का मौजूदा स्टेटस स्क्रीन पर आ जाएगा।
जो टैक्सपेयर्स अपने रिटर्न की पूरी लाइफसाइकिल और ज्यादा डिटेल देखना चाहते हैं, वे लॉगिन वाले विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले अपने रजिस्टर्ड यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन करें। लॉगिन करने के बाद आपको मेन्यू में ई-फाइल वाले सेक्शन में जाना होगा। इसके अंदर इनकम टैक्स रिटर्न्स पर क्लिक करें और फिर व्यू फाइल्ड रिटर्न्स के विकल्प को चुनें। इस पेज पर आते ही आपके अकाउंट से भरे गए सभी रिटर्न की पूरी लिस्ट आपके सामने आ जाएगी। यहां आपको व्यू डिटेल्स का एक ऑप्शन मिलेगा, जिस पर क्लिक करके आप देख सकते हैं कि आपके रिटर्न पर क्या एक्शन पेंडिंग है। इसी पेज से आप अपना एकनॉलेजमेंट, जेएसओएन फाइल, पीडीएफ फॉर्म और इंटीमेशन ऑर्डर आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं।
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