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Health Insurance: क्यों रिजेक्ट हो जाता है आपका क्लेम? जानें 6 सबसे बड़ी वजहें

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड July 01, 2026, 17:32 IST

सारांश

Health Insurance: अगर क्लेम के साथ अस्पताल के बिल, डिस्चार्ज समरी, डॉक्टर की पर्ची, जांच रिपोर्ट या अन्य जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं दिए जाते हैं, तो क्लेम में देरी हो सकती है या उसे रिजेक्ट किया जा सकता है। इसलिए इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज संभालकर रखें।

Health Insurance

Health Insurance: कम प्रीमियम वाली पॉलिसी आकर्षक लग सकती है, लेकिन उनमें कई शर्तें हो सकती हैं।

Health Insurance: हेल्थ इंश्योरेंस का मकसद मेडिकल इमरजेंसी के समय आर्थिक मदद देना होता है। हालांकि, ज्यादातर क्लेम आसानी से सेटल हो जाते हैं, लेकिन कई बार क्लेम रिजेक्ट भी हो जाता है या उसमें देरी होती है। ऐसी स्थिति में मरीज और उसके परिवार को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अच्छी बात यह है कि ज्यादातर मामलों में थोड़ी-सी सावधानी और सही जानकारी से क्लेम रिजेक्शन से बचा जा सकता है।
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जरूरी दस्तावेज पूरे न देना

अगर क्लेम के साथ अस्पताल के बिल, डिस्चार्ज समरी, डॉक्टर की पर्ची, जांच रिपोर्ट या अन्य जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं दिए जाते हैं, तो क्लेम में देरी हो सकती है या उसे रिजेक्ट किया जा सकता है। इसलिए इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज संभालकर रखें और पहली बार में ही सही और पूरे कागजात जमा करें।

वेटिंग पीरियड के दौरान क्लेम करना

अधिकांश हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों में कुछ बीमारियों, पहले से मौजूद बीमारी या मैटरनिटी जैसी सुविधाओं के लिए वेटिंग पीरियड होता है। अगर इस अवधि के दौरान क्लेम किया जाता है, तो उसे रिजेक्ट किया जा सकता है। इसलिए पॉलिसी खरीदने के बाद यह जरूर समझ लें कि कौन-सी बीमारी कितने समय बाद कवर होगी।

सिर्फ सस्ता प्रीमियम देखकर पॉलिसी खरीदना

कम प्रीमियम वाली पॉलिसी आकर्षक लग सकती है, लेकिन उनमें कई शर्तें हो सकती हैं। जैसे को-पे, सब-लिमिट, लंबा वेटिंग पीरियड या कुछ बीमारियों का कवरेज न होना। इसलिए सिर्फ प्रीमियम नहीं, बल्कि पॉलिसी का कवरेज, शर्तें और सुविधाएं भी अच्छी तरह समझकर ही फैसला करें।

सही जानकारी नहीं देना

क्लेम रिजेक्ट होने की सबसे बड़ी वजह पॉलिसी खरीदते समय गलत या अधूरी जानकारी देना है। अगर आपने पहले से मौजूद बीमारी, पुरानी मेडिकल हिस्ट्री या किसी गंभीर इलाज की जानकारी छिपाई है, तो बीमा कंपनी क्लेम खारिज कर सकती है।

कई बार ऐसा जानबूझकर नहीं होता, बल्कि एजेंट के जरिए फॉर्म भरवाने के कारण जरूरी जानकारी छूट जाती है। इसलिए पॉलिसी लेने से पहले सभी जानकारी खुद जांच लें और पूरी ईमानदारी से भरें।

समय पर क्लेम की जानकारी न देना

ज्यादातर बीमा कंपनियां अस्पताल में भर्ती होने या इलाज शुरू होने की जानकारी तय समय के भीतर देने को कहती हैं। अगर समय पर सूचना नहीं दी गई या क्लेम देर से दाखिल किया गया, तो उसे खारिज किया जा सकता है। खासतौर पर Reimbursement Claim में समयसीमा का पालन करना बहुत जरूरी होता है।

जागरूकता की कमी

हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट होने के ज्यादातर मामले जानकारी की कमी या छोटी-छोटी गलतियों की वजह से होते हैं। इसलिए पॉलिसी खरीदने से पहले उसकी सभी शर्तें ध्यान से पढ़ें, सही जानकारी दें, जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रखें और समय पर क्लेम करें।

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