पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड July 01, 2026, 09:28 IST
सारांश
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ के मेंबर्स को ऑनलाइन सेवाओं के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। ईपीएफओ ने अपने पोर्टल पर क्लेम सबमिशन और प्रोसेसिंग जैसी मुख्य डिजिटल सेवाओं के बंद रहने की समय सीमा को 1 जुलाई की रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया है। अब ये सेवाएं 2 जुलाई से बहाल होने की उम्मीद है।

सेवाओं के बंद रहने की समय सीमा को एक दिन के लिए और आगे बढ़ा दिया है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO के उन करोड़ों खाताधारकों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है जो अपने पीएफ खाते से पैसे निकालने या अन्य ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने का इंतजार कर रहे थे। पीएफ मेंबर्स को अब अपने क्लेम सेटलमेंट और डिजिटल कामों के लिए थोड़ा और लंबा इंतजार करना पड़ेगा। ईपीएफओ ने एक नया नोटिस जारी करते हुए साफ कर दिया है कि उसके पोर्टल पर ऑनलाइन क्लेम करने और उनकी प्रोसेसिंग से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण सेवाएं अब 1 जुलाई की रात तक पूरी तरह से बंद रहेंगी। विभाग के मुताबिक इन सेवाओं को 2 जुलाई से दोबारा पूरी तरह चालू करने की योजना बनाई गई है। पहले यह उम्मीद जताई जा रही थी कि यह काम 1 जुलाई से शुरू हो जाएगा लेकिन तकनीकी कारणों से इस समय सीमा को और आगे खिसका दिया गया है।
ईपीएफओ पोर्टल और उमंग ऐप पर दिखाई दे रहे नए नोटिस के मुताबिक संगठन अपने क्लेम प्रोसेसिंग सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन के अपग्रेडेशन का बड़ा काम कर रहा है। इसी तकनीकी बदलाव के कारण पोर्टल के जरिए क्लेम जमा करने और उनको प्रोसेस करने की व्यवस्था 26 जून 2026 की रात से लेकर 1 जुलाई 2026 की रात 11 बजकर 59 मिनट तक अस्थाई रूप से उपलब्ध नहीं रहेगी। ईपीएफओ ने उम्मीद जताई है कि 2 जुलाई 2026 की शुरुआत यानी रात 12 बजे से सभी तरह की ऑनलाइन सेवाओं को पूरी तरह से बहाल कर दिया जाएगा। विभाग का कहना है कि इस बड़े टेक्नोलॉजी अपग्रेड का मुख्य उद्देश्य सर्विस डिलीवरी को मजबूत करना और मेंबर्स को पहले से काफी बेहतर और सुरक्षित यूजर एक्सपीरियंस देना है।
दिलचस्प बात यह है कि ईपीएफओ के इस बड़े मेंटेनेंस काम की समय सीमा को एक बार नहीं बल्कि दो बार बदला जा चुका है। सबसे पहले जब इस काम की शुरुआत हुई थी तब ईपीएफओ ने 26 जून से 28 जून तक तीन दिनों का मेंटेनेंस विंडो तय किया था और उम्मीद थी कि 29 जून से काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद इस आउटेज को 30 जून तक के लिए बढ़ा दिया गया और मेंबर्स को बताया गया कि 1 जुलाई से सेवाएं मिलने लगेंगी। अब नए नोटिस ने इस रुकावट को एक दिन के लिए और आगे बढ़ा दिया है जिससे अब 2 जुलाई से सेवाएं बहाल होने की बात कही जा रही है। बार-बार तारीख बदलने से उन मेंबर्स की चिंताएं बढ़ गई हैं जिन्हें अपनी जरूरतों के लिए पीएफ से तुरंत पैसे निकालने थे।
इस नए सिस्टम माइग्रेशन पीरियड के दौरान ईपीएफओ की कई सबसे महत्वपूर्ण ऑनलाइन सेवाएं पूरी तरह से ठप रहने वाली हैं। नए नियमों के मुताबिक मेंबर्स इस दौरान नए ईपीएफ क्लेम के लिए रिक्वेस्ट सबमिट नहीं कर पाएंगे। इसके अलावा पहले से ऑनलाइन भेजे गए क्लेम की प्रोसेसिंग का काम भी इस दौरान पूरी तरह से रुका रहेगा। पीएफ पोर्टल पर क्लेम से जुड़ी जितनी भी दूसरी सेवाएं हैं वे भी इस अवधि में काम नहीं करेंगी। इसके साथ ही उमंग ऐप पर मिलने वाली ईपीएफओ की कई मुख्य सर्विसेज भी इस रुकावट के दायरे में आएंगी। हालांकि ईपीएफओ ने यह साफ कर दिया है कि जो क्लेम इस मेंटेनेंस पीरियड के शुरू होने से पहले जमा किए जा चुके हैं उन पर सेवाएं दोबारा शुरू होते ही तेजी से काम किया जाएगा।
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