पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड May 11, 2026, 13:22 IST
सारांश
सुरक्षित निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी लोगों की पहली पसंद है। मई महीने में एसबीआई और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक जैसे बड़े बैंक 6.05 पर्सेंट से लेकर 7.25 पर्सेंट तक ब्याज दे रहे हैं। अगर आप 1, 5 या 10 लाख रुपये निवेश करते हैं, तो समय के साथ यह रकम काफी बढ़ सकती है।

FD पर मिलने वाला ब्याज सीधे तौर पर आरबीआई के रेपो रेट से जुड़ा होता है। | Image: Shutterstock
आज के दौर में भले ही निवेश के कई नए ऑप्शन आ गए हों, लेकिन फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी उन लोगों की पहली पसंद है जो बिना किसी रिस्क के सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं। इक्विटी या म्यूचुअल फंड की तरह इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का डर नहीं रहता। FD पर मिलने वाले रिटर्न पर सबसे ज्यादा असर आरबीआई के रेपो रेट का पड़ता है। रिजर्व बैंक हर तिमाही में जब भी रेपो रेट में बदलाव करता है, बैंक उसी हिसाब से अपनी ब्याज दरों को घटाते या बढ़ाते हैं।
रेपो रेट वह दर होती है जिस पर आरबीआई कमर्शियल बैंकों को पैसा उधार देता है। जब सेंट्रल बैंक रेपो रेट बढ़ाता है, तो बैंकों के लिए पैसा जुटाना महंगा हो जाता है। ऐसे में बैंक ज्यादा से ज्यादा डिपॉजिट हासिल करने के लिए FD की ब्याज दरों को बढ़ा देते हैं। इसके उलट रेपो रेट कम होने पर FD की दरें भी कम हो सकती हैं। वर्तमान में एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, आईसीआईसीआई और एक्सिस बैंक जैसे बड़े बैंकों में FD की दरें 6 से 7.25 पर्सेंट के बीच चल रही हैं। सीनियर सिटीजंस को इसमें आधा पर्सेंट यानी 50 बेसिस पॉइंट्स का एक्स्ट्रा फायदा मिलता है।
अगर आप 1 लाख रुपये की FD कराने की सोच रहे हैं, तो बैंक और समय के हिसाब से आपका रिटर्न अलग-अलग होगा। 3 साल की FD पर एसबीआई 6.30 पर्सेंट और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 7.25 पर्सेंट तक ब्याज दे रहे हैं। इस हिसाब से 3 साल बाद आपका 1 लाख रुपये बढ़कर 1.20 लाख से 1.23 लाख रुपये हो सकता है। वहीं अगर आप 5 साल के लिए पैसा जमा करते हैं, तो 6.05 से 7.1 पर्सेंट ब्याज के हिसाब से यह रकम 1.34 लाख से 1.41 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। लंबी अवधि यानी 10 साल के लिए 6 पर्सेंट के आसपास ब्याज मिलने पर आपका 1 लाख रुपया करीब 1.80 लाख रुपये बन जाएगा।
5 लाख रुपये का बड़ा निवेश करने वालों के लिए 3 साल की FD पर रिटर्न 6 लाख से 6.15 लाख रुपये के बीच रह सकता है। 5 साल की FD में यह रकम बढ़कर 6.79 लाख से 7.05 लाख रुपये तक जा सकती है। अगर कोई 10 साल के लिए 5 लाख रुपये छोड़ देता है, तो मैच्योरिटी पर उसे करीब 9.10 लाख रुपये मिलेंगे। इसी तरह 10 लाख रुपये के बड़े निवेश पर 3 साल में 12 से 12.25 लाख रुपये और 5 साल में 13.58 से 14.10 लाख रुपये तक मिलने की उम्मीद है। 10 साल की मैच्योरिटी पर यह फंड 18.20 लाख रुपये तक पहुंच सकता है।
FD से होने वाली कमाई को टैक्स के दायरे में रखा जाता है। इसे 'इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेस' माना जाता है और यह आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्सेबल होता है। हालांकि, पुराने टैक्स सिस्टम में 5 साल की FD पर सेक्शन 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की छूट मिलती है। इसके अलावा, अगर साल भर में ब्याज की कमाई 50 हजार रुपये से ज्यादा होती है, तो बैंक 10 पर्सेंट टीडीएस काटते हैं। सीनियर सिटीजंस के लिए यह लिमिट 1 लाख रुपये है। अगर आपकी कुल सालाना आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है, तो आप टीडीएस बचाने के लिए फॉर्म 121 (जो पहले 15जी या 15एच था) जमा कर सकते हैं।
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