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4 min read | अपडेटेड December 16, 2025, 17:16 IST
सारांश
NPS वात्सल्य योजना नाबालिग बच्चों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत लाई गई स्कीम है। इसमें माता-पिता बच्चे के नाम पर रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू कर सकते हैं। बच्चे के 18 साल के होने पर यह खाता अपने-आप रेगुलर NPS टियर-1 अकाउंट में बदल जाता है।

Best investments for children: यहां हमने बताया है कि बच्चे के सपनों और सुरक्षित भविष्य के लिए कौन-से निवेश विकल्प बेहतर हैं।
सुकन्या समृद्धि योजना खास तौर पर बेटी के भविष्य के लिए बनाई गई सरकारी योजना है। यह योजना ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई थी। इसमें टैक्स छूट मिलती है और छोटी बचत योजनाओं में सबसे ज्यादा ब्याज मिलता है, जो अभी करीब 8.2% है। इस खाते में सिर्फ ₹250 से निवेश शुरू किया जा सकता है। अकाउंट खोलने के 21 साल बाद यह मैच्योर होता है, इसलिए यह बेटी की पढ़ाई और शादी जैसे बड़े खर्चों के लिए काफी मददगार है।
NPS वात्सल्य योजना नाबालिग बच्चों के लिए नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत लाई गई स्कीम है। इसमें माता-पिता बच्चे के नाम पर रिटायरमेंट के लिए निवेश शुरू कर सकते हैं। बच्चे के 18 साल के होने पर यह खाता अपने-आप रेगुलर NPS टियर-1 अकाउंट में बदल जाता है। इसमें सालाना न्यूनतम ₹1000 का निवेश जरूरी है, जबकि अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा मिलता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी PPF बच्चों के लिए एक सुरक्षित और लॉन्ग-टर्म निवेश विकल्प है। इसमें 15 साल का लॉक-इन पीरियड होता है और टैक्स में भी छूट मिलती है। माता-पिता या गार्जियन बच्चे के नाम पर PPF अकाउंट खोल सकते हैं। जरूरत पड़ने पर कुछ शर्तों के साथ आंशिक निकासी की सुविधा भी मिलती है। यह फंड बच्चे की पढ़ाई या भविष्य की जरूरतों के लिए उपयोग किया जा सकता है।
कई बैंक बच्चों के लिए खास RD योजनाएं ऑफर करते हैं। इसमें हर महीने एक तय रकम जमा करनी होती है और एक निश्चित अवधि के बाद मैच्योरिटी मिलती है। RD की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें छोटी राशि से निवेश शुरू किया जा सकता है और ब्याज दर फिक्स रहती है। ब्याज दर बैंक-दर-बैंक अलग-अलग हो सकती है।
बच्चों के लिए म्यूचुअल फंड योजनाएं लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न देने की क्षमता रखती हैं। ये सामान्य म्यूचुअल फंड जैसे ही होते हैं, लेकिन इन्हें खास तौर पर बच्चों की पढ़ाई और भविष्य के खर्चों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जाता है। HDFC चिल्ड्रन्स फंड, ICICI प्रूडेंशियल चाइल्ड केयर फंड, टाटा यंग सिटिजन्स फंड और UTI चिल्ड्रन्स इक्विटी फंड जैसे विकल्प लोकप्रिय हैं। हालांकि, ये बाजार से जुड़े होते हैं, इसलिए इनमें जोखिम भी होता है।
फिक्स्ड डिपॉजिट उन माता-पिता के लिए सही है जो जोखिम नहीं लेना चाहते। इसमें एकमुश्त रकम जमा की जाती है और तय ब्याज मिलता है। सेविंग अकाउंट के मुकाबले FD में ज्यादा ब्याज मिलता है। कई बैंक बच्चों के लिए खास FD स्कीम भी चलाते हैं, जिनमें ब्याज दर थोड़ी ज्यादा होती है। PNB बालिका शिक्षा योजना, SBI का माइनर FD और Yes Bank का चिल्ड्रन FD इसके उदाहरण हैं।
कुल मिलाकर, बच्चे के भविष्य के लिए निवेश करते समय सुरक्षा, रिटर्न और समय तीनों को ध्यान में रखना जरूरी है। अगर सही प्लानिंग के साथ निवेश किया जाए, तो आने वाले समय में बच्चों के सपनों को पूरा करना काफी आसान हो सकता है।
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