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  1. असम में 8वें वेतन आयोग का काम शुरू, कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन बढ़ने की उम्मीद, जानें कब तक मिल सकता है फायदा

पर्सनल फाइनेंस

असम में 8वें वेतन आयोग का काम शुरू, कर्मचारियों की सैलरी-पेंशन बढ़ने की उम्मीद, जानें कब तक मिल सकता है फायदा

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड October 13, 2026, 14:23 IST

सारांश

आयोग का मुख्य काम सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों, नौकरी से जुड़ी शर्तों और पेंशन की समीक्षा करना है। आयोग इन सभी पहलुओं पर विचार करके राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें देगा। इसके बाद सरकार तय करेगी कि कर्मचारियों की सैलरी और दूसरी सुविधाओं में क्या बदलाव किए जाने चाहिए।

8th pay commission

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को राज्य के चार सरकारी विभागों में भर्ती हुए 439 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।

8th Pay Commission: असम में सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग ने काम शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया है कि आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपने के बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बदलाव पर विचार किया जाएगा। आयोग का गठन जनवरी में किया गया था। इसके साथ ही असम ऐसा करने वाला पहला राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बन गया, जिसने अपना 8वां राज्य स्तरीय वेतन आयोग बनाया है।
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मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। राज्य सरकार ने पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभाष दास को आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है। आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

सैलरी, भत्ते और पेंशन की होगी समीक्षा

आयोग का मुख्य काम सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों, नौकरी से जुड़ी शर्तों और पेंशन की समीक्षा करना है। आयोग इन सभी पहलुओं पर विचार करके राज्य सरकार को अपनी सिफारिशें देगा। इसके बाद सरकार तय करेगी कि कर्मचारियों की सैलरी और दूसरी सुविधाओं में क्या बदलाव किए जाने चाहिए।

रिपोर्ट के मुताबिक, कर्मचारियों की संशोधित सैलरी 2027 या 2028 में लागू हो सकती है। वहीं, इसका एरियर यानी पिछली तारीख से मिलने वाला बकाया 1 जनवरी 2026 से कैलकुलेट किया जा सकता है। हालांकि, अभी इसे अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। इस बारे में घोषणा केंद्र सरकार के वेतन आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही होने की उम्मीद है।

असम में 1.65 लाख से ज्यादा सरकारी नियुक्तियां

वेतन आयोग के अलावा मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने रविवार को राज्य के चार सरकारी विभागों में भर्ती हुए 439 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके साथ ही मुख्यमंत्री के दो कार्यकाल के दौरान की गई कुल नियुक्तियों की संख्या बढ़कर 1,65,749 हो गई है।

ईएसआई योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

मुख्यमंत्री ने कर्मचारी राज्य बीमा यानी ईएसआई योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी भी दी। यह योजना 21,000 रुपये प्रति माह से कम कमाने वाले कर्मचारियों के लिए है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत गुवाहाटी में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया गया है, जिसमें एमबीबीएस की 50 सीटें हैं। इस साल यहां छात्रों का दूसरा बैच पढ़ाई शुरू करेगा। कार्यक्रम में 12 इंश्योरेंस मेडिकल ऑफिसर्स को भी नियुक्त किया गया। ये अधिकारी राज्य में योजना के तहत चल रहे 33 डिस्पेंसरी और अस्पतालों में सेवाएं देंगे।

सरकार का दो लाख और नियुक्तियां करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री के मुताबिक असम में करीब चार लाख सरकारी कर्मचारी हैं। इनमें हाल के वर्षों में भर्ती किए गए लगभग 1.65 लाख युवा भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि राज्य के करीब 40% सरकारी कर्मचारी 40 साल से कम उम्र के हैं। राज्य सरकार की योजना आगे दो लाख और नियुक्तियां करने की है। इसके साथ ही प्रशासन में अधिकारियों को तेजी से प्रमोशन देने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे वरिष्ठ अधिकारी डायरेक्टर और जॉइंट डायरेक्टर जैसे पदों तक पहुंच सकेंगे और निचले स्तर पर नए उम्मीदवारों के लिए पद खाली होने के अवसर बन सकते हैं। रविवार को नियुक्त किए गए 439 उम्मीदवारों में से 184 को पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग और 68 को जल संसाधन विभाग में नियुक्त किया गया।

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