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4 min read | अपडेटेड October 19, 2026, 12:32 IST
सारांश
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। इसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। प्रोफेसर पुलक घोष आयोग के पार्ट-टाइम सदस्य हैं, जबकि पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं।

8th pay commission: आयोग ने कहा है कि बैठक की जगह और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी अलग से दी जाएगी।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक अहम खबर है। आयोग 22 और 23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में अलग-अलग संगठनों और कर्मचारी संघों के साथ बैठक करेगा। इन बैठकों का मकसद कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों, पेंशन और नौकरी से जुड़े दूसरे लाभों पर उनकी राय जानना है। यह बैठक आयोग की सलाह-मशविरा प्रक्रिया का हिस्सा है। हालांकि, इससे अभी सैलरी बढ़ने या पेंशन में इजाफा होने का कोई फैसला नहीं हुआ है।
वित्त मंत्रालय की ओर से 21 सितंबर को जारी नोटिस के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग ने उन संगठनों, संस्थानों, एसोसिएशनों और केंद्रीय कर्मचारियों की यूनियनों से मुलाकात के लिए आवेदन मांगे थे, जो आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं।
इसके लिए आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 10 अक्टूबर 2026 तय की गई थी। आवेदन करने वालों को अपना मेमोरेंडम यानी मांगों और सुझावों से जुड़ा दस्तावेज जमा करने के बाद मिली यूनिक मेमोरेंडम आईडी भी देनी थी। अब आवेदन की समयसीमा खत्म हो चुकी है। आयोग ने कहा है कि बैठक की जगह और विस्तृत कार्यक्रम की जानकारी अलग से दी जाएगी। इन बैठकों में कर्मचारियों और उनके प्रतिनिधियों की मांगों पर चर्चा हो सकती है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। इसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। प्रोफेसर पुलक घोष आयोग के पार्ट-टाइम सदस्य हैं, जबकि पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं। आयोग को केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और दूसरे लाभों की समीक्षा करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा पेंशन से जुड़े मामलों पर भी विचार किया जाएगा। आयोग को अपने गठन के 18 महीने के भीतर सिफारिशें सौंपनी हैं। जरूरत पड़ने पर वह उन मुद्दों पर अंतरिम रिपोर्ट भी दे सकता है, जिन पर उसका फैसला पहले तैयार हो जाएगा।
आयोग ने केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और सरकारी मंत्रालयों व विभागों से सुझाव मांगे थे। मेमोरेंडम जमा करने की ऑनलाइन प्रक्रिया 5 मार्च से 15 जून 2026 तक चली थी। इसमें लोगों को तय ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत अपनी मांगें और सुझाव भेजने थे। आयोग ने स्पष्ट किया था कि कागज पर लिखे आवेदन, हार्ड कॉपी, पीडीएफ फाइल और ईमेल के जरिए भेजे गए मेमोरेंडम स्वीकार नहीं किए जाएंगे। मुंबई की बैठक इसी प्रक्रिया का अलग हिस्सा है, जिसमें शामिल होने के लिए संबंधित संगठनों को पहले अपॉइंटमेंट लेना था।
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, भत्तों और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभों में बदलाव हो सकता है। लेकिन अभी फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक सैलरी या पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर कोई अंतिम जानकारी नहीं दी गई है।
केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल ने आयोग के संदर्भ की शर्तों में 1 जनवरी 2026 की तारीख का उल्लेख किया था। यह सामान्य 10 साल के वेतन आयोग चक्र से जुड़ी है। इसका मतलब यह नहीं है कि इसी तारीख से बढ़ी हुई सैलरी लागू होना या एरियर मिलना पक्का हो गया है। कर्मचारियों के लिए जरूरी बात यह है कि अभी आयोग सुझावों और मांगों की समीक्षा कर रहा है। अंतिम सिफारिशें आने और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही नई सैलरी, पेंशन और एरियर से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होगी।
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