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  1. सितंबर में 46% बढ़ा क्रूड ऑयल का इंपोर्ट बिल, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, आज इन वजहों से टूटा बाजार

मार्केट न्यूज़

सितंबर में 46% बढ़ा क्रूड ऑयल का इंपोर्ट बिल, बैंकिंग शेयरों में बिकवाली, आज इन वजहों से टूटा बाजार

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड October 19, 2026, 10:51 IST

सारांश

तेल की बढ़ी हुई कीमतों का असर भारत के इंपोर्ट बिल पर भी दिख रहा है। सितंबर में भारत का कच्चा तेल आयात बिल सालाना आधार पर 46% बढ़ गया, जबकि आयात की मात्रा में केवल 7% की वृद्धि हुई। भारत ने सितंबर में 21.7 मिलियन टन (MT) कच्चे तेल का आयात किया, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह आंकड़ा 20.3 MT था।

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विदेशी निवेशकों (FIIs) की लंबे समय से जारी बिकवाली के चलते भी बाजार पर दबाव बढ़ा है।

भारतीय शेयर बाजार में आज 19 अक्तूबर को भारी उतार-चढ़ाव दिख रहा है। आज शुरुआती कारोबार में BSE Sensex करीब 120 अंक उछलकर 74,849.75 के स्तर पर पहुंच गया। लेकिन यह तेजी बरकरार नहीं रह सकी। बाद में सेंसेक्स करीब 560 अंक लुढ़ककर 74169.23 पर आ गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी करीब 175 अंक गिरकर 22970.50 के स्तर तक टूट गया। हालांकि इस बिकवाली के बाद बाजार ने हल्की रिकवरी भी दिखाई। रिपोर्ट लिखे जाने के समय सेंसेक्स 74,469 पर और निफ्टी 50 23,068 के स्तर पर ट्रेड कर रहे थे। यहां हम जानेंगे बाजार में आज की गिरावट के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

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कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाया इंपोर्ट बिल

क्रूड ऑयल के भाव में आज हल्की गिरावट तो है लेकिन यह अभी भी करीब 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। रिपोर्ट लिखे जाने के समय ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 107.79 डॉलर प्रति बैरल पर थी। रूस में तेल सुविधाओं पर यूक्रेन की बमबारी और फारस की खाड़ी में और अधिक टैंकरों पर हमले होने से तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक यूक्रेन द्वारा किए गए बड़े ड्रोन हमलों के बाद सेंट पीटर्सबर्ग में एक तेल टर्मिनल और डिपो में आग लग गई।

तेल की बढ़ी हुई कीमतों का असर भारत के इंपोर्ट बिल पर भी दिख रहा है। सितंबर में भारत का कच्चा तेल आयात बिल सालाना आधार पर 46% बढ़ गया, जबकि आयात की मात्रा में केवल 7% की वृद्धि हुई। पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार भारत ने सितंबर में 21.7 मिलियन टन (MT) कच्चे तेल का आयात किया, जबकि एक साल पहले इसी महीने में यह आंकड़ा 20.3 MT था। देश ने कच्चे तेल के आयात पर 15.4 अरब डॉलर खर्च किए, जो सितंबर 2025 के 10.5 अरब डॉलर से अधिक है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों (FIIs) की लंबे समय से जारी बिकवाली के चलते भी बाजार पर दबाव बढ़ा है। 16 अक्तूबर को FIIs ने 1,165.9 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, लेकिन इसके पहले 15 अक्तूबर को 5,285.37 करोड़ रुपये की बिकवाली देखी गई। इसके अलावा 14 अक्तूबर को 1,857.44 करोड़ रुपये, 13 अक्तूबर को 1,305.13 करोड़ रुपये, 12 अक्तूबर को 1,708.48 करोड़ रुपये और 09 अक्तूबर को 3,568.90 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री की गई।

प्राइवेट बैंकिंग शेयरों में गिरावट

आज के कारोबार में प्राइवेट बैंकों के शेयरों में भारी बिकवाली हो रही है। इसके चलते निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स 1.62 फीसदी तक लुढ़क गया है। सबसे ज्यादा गिरावट एक्सिस बैंक के शेयरों में है और यह करीब 4 फीसदी टूट गया है। HDFC Bank में भी 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट है।

इसके अलावा ICICI Bank, Kotak Mahindra Bank, Bandhan Bank और Yes Bank जैसे शेयर भी लाल निशान पर ट्रेड कर रहे हैं। बता दें कि शनिवार को HDFC, Axis समेत कई बैंकों ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए थे। इसके अलावा निफ्टी FMCG, IT, मीडिया और रियल्टी जैसे इंडेक्स भी लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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