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  1. $98 तक लुढ़का कच्चा तेल, रियल्टी-मेटल शेयरों में बढ़ी खरीदारी, आज इन वजहों से चढ़ा बाजार

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$98 तक लुढ़का कच्चा तेल, रियल्टी-मेटल शेयरों में बढ़ी खरीदारी, आज इन वजहों से चढ़ा बाजार

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड September 23, 2026, 11:02 IST

सारांश

US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उनके दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर ने संघर्ष को खत्म करने के मकसद से ईरानी मध्यस्थों के साथ सार्थक बातचीत की है। ट्रंप ने कहा कि किसी संभावित समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है।

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बाजार को अब उम्मीद है कि मध्य-पूर्व से तेल की सप्लाई धीरे-धीरे बढ़ सकती है।

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में आज 23 सितंबर को खरीदारी का माहौल है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 283 अंकों की तेजी नजर आई और यह 74,812.74 के स्तर पर पहुंच गया। इसके साथ ही आज Nifty 50 भी करीब 85 अंक बढ़कर 23414.55 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। बता दें कि पिछले 6 कारोबारी दिनों में बाजार में 1 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है। तेल सप्लाई से जुड़ी चिंताएं कम होने के बीच कच्चे तेल के भाव में गिरावट जारी है। इससे बाजार को बड़ी राहत मिली है। यहां हम समझेंगे कि बाजार में आज की तेजी के पीछे कौन सी वजहें हैं।
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US-Iran के बीच बातचीत

US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उनके दूत स्टीव विटकोफ और जेरेड कुशनर ने संघर्ष को खत्म करने के मकसद से ईरानी मध्यस्थों के साथ सार्थक बातचीत की है। ट्रंप ने कहा कि किसी संभावित समझौते की दिशा में काफी प्रगति हुई है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लगभग सात महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए जल्द ही कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे ईरान को "पूरी तरह खत्म" कर सकते हैं। दूसरी तरफ ईरान ने भी संकेत दिया है कि कुछ परिस्थितियों में वह कुछ दिनों के अंदर हॉर्मूज को दोबारा खोल सकता है। इन खबरों से निवेशकों का बाजार पर भरोसा बढ़ा है।

क्रूड ऑयल में गिरावट जारी

क्रूड ऑयल के भाव में गिरावट का सिलसिला आज भी जारी है। बाजार को अब उम्मीद है कि मध्य-पूर्व से तेल की सप्लाई धीरे-धीरे बढ़ सकती है। इसके चलते आज क्रूड ऑयल का भाव करीब 1 फीसदी टूटकर 98.39 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। अमेरिकी WTI crude भी करीब $90 प्रति बैरल पर था।

सऊदी अरब ने अपनी ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को दोबारा शुरू कर दिया है। यह पाइपलाइन देश के पूर्वी हिस्से के तेल उत्पादन क्षेत्रों को Red Sea के किनारे मौजूद Yanbu बंदरगाह से जोड़ती है। इसका फायदा यह है कि सऊदी अरब अपना तेल Strait of Hormuz से गुजारे बिना भी बाहर भेज सकता है। इस पाइपलाइन के जरिए सऊदी अरब करीब 40 लाख बैरल प्रतिदिन तेल भेज रहा था। इस पाइपलाइन की अधिकतम क्षमता करीब 70 लाख बैरल प्रतिदिन है।

तेल की सप्लाई बढ़ने का एक और कारण Iraq है। इराक के तेल मंत्री Basim Mohammed ने कहा कि देश इस समय 30 लाख बैरल प्रतिदिन से ज्यादा तेल निर्यात कर रहा है। 18 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में अमेरिकी क्रूड ऑयल स्टॉक्स 18 लाख बैरल बढ़ गए। इन वजहों से तेल के भाव में लगातार गिरावट आ रही है।

ग्लोबल मार्केट से मजबूत संकेत

भारतीय बाजार में तेजी के पीछे एक और बड़ी वजह ग्लोबल मार्केट में मजबूती है। मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजार का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Dow Jones Industrial और S&P 500 में गिरावट देखी गई, लेकिन Nasdaq Composite बढ़त के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ ज्यादातर एशियाई बाजारों में आज खरीदारी देखी गई। Nikkei 225 आज 1 फीसदी से ज्यादा उछल गया। Straits Times, Taiwan Weighted, Kospi, Set Composite और Jakarta Composite भी हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे। इन वजहों से आज बाजार को मजबूती मिली।

रियल्टी और मेटल शेयरों में उछाल

आज सेक्टर स्पेसिफिक रैली ने भी बाजार का सेंटीमेंट बेहतर किया है। NSE पर निफ्टी रियल्टी, मेटल और FMCG इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं। इसके अलावा निफ्टी ऑटो, फार्मा, PSU बैंक, प्राइवेट बैंक, हेल्थकेयर और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे इंडेक्स भी हरे निशान पर ट्रेड करते दिखे। इन सभी सेक्टर्स में तेजी से बाजार को मजबूती मिली।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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