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  1. Strait of Hormuz पर तनाव जारी, क्रूड ऑयल और FII सेलिंग समेत इन वजहों से लुढ़का शेयर बाजार

मार्केट न्यूज़

Strait of Hormuz पर तनाव जारी, क्रूड ऑयल और FII सेलिंग समेत इन वजहों से लुढ़का शेयर बाजार

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड August 13, 2026, 11:22 IST

सारांश

अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर नियंत्रण को लेकर तनाव जारी है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका के पास Strait of Hormuz पर “पूरा कंट्रोल” है और वह इसे अपने नियंत्रण में रख सकता है। इसके जवाब में ईरान का कहना है कि यह रास्ता अभी भी बंद है और इसे तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक उनकी शर्तें नहीं मानी जातीं।

Stock Market

Stock Market: बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्रूड ऑयल की कीमत ऊंची बनी हुई है।

भारतीय शेयर बाजार में आज 13 अगस्त को एक बार फिर कमजोरी नजर आ रही है। आज के कारोबार में BSE Sensex में करीब 301 अंकों की गिरावट देखी गई और यह 77665.89 के स्तर तक लुढ़क गया। दूसरी तरफ Nifty 50 भी 124 अंकों की कमजोरी के साथ 24311.40 के लेवल पर ट्रेड करता दिखा। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बना हुआ है, जिसके चलते क्रूड ऑयल का भाव अभी भी करीब 89 डॉलर पर है। यहां हम जानेंगे कि बाजार में आज की गिरावट के लिए कौन से फैक्टर्स जिम्मेदार हैं।

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जियो पॉलिटिकल टेंशन

अमेरिका और ईरान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज पर नियंत्रण को लेकर तनाव जारी है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका के पास Strait of Hormuz पर “पूरा कंट्रोल” है और वह इसे अपने नियंत्रण में रख सकता है। इसके जवाब में ईरान का कहना है कि यह रास्ता अभी भी बंद है और इसे तब तक नहीं खोला जाएगा जब तक उनकी शर्तें नहीं मानी जातीं। इस बीच इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने चेतावनी दी है कि दुनिया भर में तेल का भंडार तेजी से कम हो रहा है। इन वजहों से निवेशकों का बाजार पर भरोसा कमजोर हुआ है।

क्रूड ऑयल में तेजी

बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच क्रूड ऑयल की कीमत ऊंची बनी हुई है। आज ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव करीब 89 डॉलर प्रति बैरल पर है। भारत अपनी ज्यादातर तेज जरूरतों के लिए दूसरे देशों पर निर्भर है। ऐसे में तेल की कीमत में बढ़ोतरी भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है।

मंहगाई में उछाल

देश में खुदरा महंगाई जुलाई में सालाना आधार पर बढ़कर 4.45 प्रतिशत हो गई। खुदरा मुद्रास्‍फीति दर लगातार दूसरे महीने भारतीय रिजर्व बैंक के 4 फीसदी के लक्ष्य से ऊपर रही। खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से मुद्रास्‍फीति पर दबाव बना है। इस उछाल के कारण बाजार को डर है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ब्याज दरों में कटौती करने में देरी कर सकता है। यह भी आज बाजार में दबाव की एक बड़ी वजह है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

कुछ दिनों की खरीदारी के बाद विदेशी निवेशकों (FIIs) ने कल यानी 12 अगस्त को एक बार फिर बिकवाली की है। इस दौरान FIIs ने 1002 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली से न सिर्फ शेयर बाजार पर दबाव पड़ता है, बल्कि डॉलर के मुकाबले रुपये की वैल्यू में भी गिरावट आती है।

रुपये पर दबाव

आज शुरुआती कारोबार में रुपया दबाव में रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे गिरकर 95.40 पर आ गया। इंटरबैंक फॉरेन एक्सचेंज मार्केट में यह करेंसी 95.40 पर खुली, जबकि पिछले सेशन में यह 95.33 पर बंद हुई थी। फॉरेक्स ट्रेडर्स का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर बना हुआ है। ईरान ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मूज अभी भी बंद है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि होर्मुज अमेरिका के नियंत्रण में है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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