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  1. BSE में गुरुवार को होगी F&O एक्सपायरी, NSE को मंगलवार के लिए मिली SEBI की मंजूरी

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BSE में गुरुवार को होगी F&O एक्सपायरी, NSE को मंगलवार के लिए मिली SEBI की मंजूरी

Upstox

2 min read | अपडेटेड June 17, 2025, 17:48 IST

सारांश

Weekly expiry: मई 2025 में SEBI ने नया नियम बनाया था कि अब सिर्फ मंगलवार या गुरुवार को ही इक्विटी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी हो सकती है। हर एक्सचेंज को इनमें से एक दिन चुनना था, और SEBI से पहले मंजूरी लेना अनिवार्य था।

Weekly expiry

Weekly expiry: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंगलवार को डेरेवेटिव्स एक्सपायरी के लिए मंजूरी मिली है।

F&O expiry: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) ने आज 17 जून को घोषणा की कि उसके फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी डे मंगलवार से बदलकर गुरुवार हो जाएगी। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को मार्केट रेगुलेटर सेबी से मंगलवार को डेरेवेटिव्स एक्सपायरी के लिए मंजूरी मिली है।
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BSE ने एक सर्कुलर में कहा, "सेबी ने BSE द्वारा प्रस्तावित एक्सपायरी डे (यानी गुरुवार) पर सहमति जताई है।" BSE द्वारा जारी नोटिस के अनुसार एक्सचेंज को अपनी सिफारिशें और ऑपरेशनल प्लान्स प्रस्तुत करने के बाद बदलाव के लिए सेबी की मंजूरी मिल गई है।

क्या हैं नए नियम

नया शेड्यूल 1 सितंबर 2025 को या उसके बाद एक्सपायर होने वाले सभी नए इक्विटी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट पर लागू होगा। मंथली कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी खास तौर पर हर महीने के आखिरी गुरुवार को होगी।

हालांकि, पहले से शुरू किए गए कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए एक्सपायरी डे में कोई बदलाव नहीं होगा। लॉन्ग डेटेड इंडेक्स ऑप्शंस के मामले में एक्सचेंज अपनी पॉलिसी के अनुसार एक्सपायरी बदल सकते हैं।

31 अगस्त 2025 तक जो नए कॉन्ट्रैक्ट्स लॉन्च होंगे, वो अभी की तरह मंगलवार को ही एक्सपायर होंगे। इसके अलावा, बीएसई को 1 जुलाई, 2025 से इंडेक्स फ्यूचर्स पर कोई भी नया वीकली कॉन्ट्रैक्ट शुरू न करने का निर्देश दिया गया है।

क्यों हो रहा है ये बदलाव?

मई 2025 में SEBI ने नया नियम बनाया था कि अब सिर्फ मंगलवार या गुरुवार को ही इक्विटी डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी हो सकती है। हर एक्सचेंज को इनमें से एक दिन चुनना था, और SEBI से पहले मंजूरी लेना अनिवार्य था।

SEBI ने मार्च 2025 में एक ड्राफ्ट पेपर जारी किया था और एक्सपायरी डेट को लेकर फीडबैक भी लिया था। अब बीएसई ने अपना दिन गुरुवार चुना है, जबकि एनएसई (NSE) का एक्सपायरी दिन मंगलवार रहेगा।

किसे होगा फायदा-नुकसान?

सीएनबीसी टीवी-18 की रिपोर्ट के मुताबिक NSE के चीफ बिजनेस ऑफिसर श्रीराम कृष्णन का मानना है कि यह फैसला उसके लिए काफी पॉजिटिव है। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मार्केट इकोसिस्टम यही चाहता था, और हमें पहले इसके सपोर्ट में फीडबैक मिले थे।"

दूसरी ओर, BSE को इस फैसले से नुकसान का खतरा है। एक्सपर्ट्स ने कहा कि इससे इससे BSE ऑप्शन वॉल्यूम पर ~20% का असर पड़ सकता है और इसलिए कुल आय में 7-8% की गिरावट आ सकती है।

लेखकों के बारे में

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Upstox Hindi News Desk पत्रकारों की एक टीम है जो शेयर बाजारों, अर्थव्यवस्था, वस्तुओं, नवीनतम व्यावसायिक रुझानों और व्यक्तिगत वित्त को उत्साहपूर्वक कवर करती है।

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