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  1. वेदांता के बिजनेस बंटवारे की तारीख तय होते ही उछला शेयर, एक के बदले मिलेंगे इतने शेयर, ये रही पूरी प्लानिंग

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वेदांता के बिजनेस बंटवारे की तारीख तय होते ही उछला शेयर, एक के बदले मिलेंगे इतने शेयर, ये रही पूरी प्लानिंग

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड April 21, 2026, 10:05 IST

सारांश

वेदांता लिमिटेड ने अपने बड़े बिजनेस बंटवारे (डीमर्जर) के लिए 1 मई 2026 की तारीख तय कर दी है। इस ऐतिहासिक फैसले के बाद आज बाजार खुलते ही वेदांता के शेयरों में 2 पर्सेंट से ज्यादा की तेजी देखी जा रही है। शेयरधारकों को हर एक शेयर पर नई कंपनियों के चार शेयर बिल्कुल मुफ्त मिलेंगे।

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वेदांता लिमिटेड के बिजनेस बंटवारे की खबर ने आज शेयर बाजार में हलचल तेज कर दी है।

भारतीय शेयर बाजार में आज मेटल और माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयरों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। 21 अप्रैल को जैसे ही बाजार खुला, निवेशकों ने वेदांता के शेयरों पर दांव लगाना शुरू कर दिया। सुबह 9:26 बजे तक कंपनी का शेयर करीब 2.24 पर्सेंट की बढ़त के साथ 788.25 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा था। इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी द्वारा सोमवार शाम को किया गया वह बड़ा ऐलान है, जिसका इंतजार निवेशक लंबे समय से कर रहे थे। वेदांता ने अपने बिजनेस को पांच अलग-अलग कंपनियों में बांटने यानी डीमर्जर की प्रक्रिया के लिए अहम तारीखों की घोषणा कर दी है।

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बाजार खुलते ही शेयरों में आई तेजी

वेदांता के बोर्ड ने अपनी मीटिंग में फैसला लिया है कि 1 मई 2026 इस डीमर्जर को प्रभावी बनाने की आधिकारिक तारीख होगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी के इस कदम से निवेशकों के लिए वैल्यू अनलॉकिंग होगी, यानी अब निवेशकों को हर बिजनेस की ताकत का अलग से फायदा मिलेगा। जैसे ही यह खबर निवेशकों तक पहुंची, कंपनी के शेयरों में खरीदारी का दबाव बढ़ गया और शेयर हरे निशान में काफी ऊपर ट्रेड करने लगा। अनिल अग्रवाल की अगुवाई वाली यह कंपनी अब एक बड़े बदलाव की तरफ बढ़ रही है, जिससे इसके रेवेन्यू और ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में और सुधार आने की उम्मीद जताई जा रही है।

जानिए क्या है डीमर्जर की पूरी प्लानिंग?

वेदांता ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया है कि कंपनी के एल्युमीनियम, मर्चेंट पावर, ऑयल एंड गैस और आयरन ओर बिजनेस को अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बांटा जाएगा। इस बंटवारे के बाद ग्रुप में कुल पांच लिस्टेड कंपनियां होंगी। इसमें पहली वेदांता एल्युमीनियम, दूसरी वेदांता ऑयल एंड गैस, तीसरी वेदांता पावर, चौथी वेदांता स्टील एंड फेरस मैटेरियल्स और पांचवीं खुद मौजूदा वेदांता लिमिटेड होगी। बोर्ड ने 1 मई 2026 को रिकॉर्ड डेट के तौर पर फिक्स किया है। इसका मतलब यह है कि जो निवेशक इस तारीख तक कंपनी के शेयर अपने पास रखेंगे, वही इस डीमर्जर का फायदा उठाने के हकदार होंगे।

शेयरधारकों को कैसे होगा बड़ा फायदा?

कंपनी ने इस डीमर्जर के लिए 1:1 का रेशियो तय किया है। इसका सीधा और आसान मतलब यह है कि अगर आपके पास आज वेदांता लिमिटेड का एक शेयर है, तो आपको बिजनेस बंटवारे के बाद बनने वाली चारों नई कंपनियों का एक-एक शेयर बिल्कुल मुफ्त मिलेगा। यानी एक शेयर के बदले आपके पास कुल पांच अलग-अलग कंपनियों के शेयर हो जाएंगे। हालांकि, निवेशकों को एक बात का खास ध्यान रखना होगा। 1 मई को बाजार और बैंक की छुट्टी है, इसलिए डीमर्जर के लिए एलिजिबल होने के लिए शेयर खरीदने का आखिरी प्रभावी दिन 29 अप्रैल 2026 होगा। जो लोग इस तारीख तक शेयर खरीद लेंगे, उनके डीमैट अकाउंट में नई कंपनियों के शेयर क्रेडिट किए जाएंगे।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस बंटवारे के बाद वेदांता का एल्युमीनियम बिजनेस सबसे ज्यादा कीमती साबित हो सकता है। इसके बाद जिंक बिजनेस का नंबर आता है क्योंकि इन दोनों ही सेक्टर्स में कंपनी की ग्लोबल पकड़ बहुत मजबूत है। कंपनी ने यह भी साफ किया है कि एल्युमीनियम बिजनेस से जुड़े नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर्स (NCDs) को भी नई कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। इसके अलावा भारत एल्युमीनियम कंपनी यानी बालको (BALCO) में वेदांता की हिस्सेदारी भी अब नई एल्युमीनियम कंपनी के पास चली जाएगी। इस रिस्ट्रक्चरिंग से हर वर्टिकल को अपना ऑपरेशन स्वतंत्र रूप से चलाने में मदद मिलेगी।

वेदांता का अब नया टारगेट क्या होगा?

वेदांता लिमिटेड का इतिहास काफी पुराना है और इसकी शुरुआत 1965 में हुई थी। आज यह कंपनी देश के कई राज्यों जैसे गोवा, कर्नाटक, राजस्थान और ओडिशा में बड़े स्तर पर काम कर रही है। कंपनी ने फ्यूचर को ध्यान में रखते हुए कार्बन उत्सर्जन को कम करने का भी बड़ा लक्ष्य रखा है। वेदांता ने साल 2050 तक नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन हासिल करने का प्लान बनाया है और इसके लिए अगले 10 सालों में करीब 5 अरब डॉलर का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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