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3 min read | अपडेटेड June 02, 2026, 14:33 IST
सारांश
यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी इसमें कोई नए शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रमोटर और मौजूदा शेयरधारक अपने 3.08 करोड़ से अधिक शेयर बेचेंगे। इसलिए IPO से जुटाई गई पूरी राशि बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगी।

Hexagon Nutrition IPO: शेयरों की लिस्टिंग 12 जून को BSE और NSE पर होने की संभावना है।
Hexagon Nutrition का IPO 5 जून से 9 जून तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुलने वाला है। यह एक मेनबोर्ड IPO है, जिसका इश्यू साइज ₹139 करोड़ है। कंपनी ने इसके लिए ₹42 से ₹45 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 4 जून को खुलेगी, जबकि शेयरों की लिस्टिंग 12 जून को BSE और NSE पर होने की संभावना है। यहां इस आईपीओ से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है।
यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) है, यानी इसमें कोई नए शेयर जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके तहत प्रमोटर और मौजूदा शेयरधारक अपने 3.08 करोड़ से अधिक शेयर बेचेंगे। इसलिए IPO से जुटाई गई पूरी राशि बेचने वाले शेयरधारकों को जाएगी और कंपनी को सीधे तौर पर कोई फंड नहीं मिलेगा।
कंपनी के प्रमोटर अरुण पुरुषोत्तम केलकर, आदित्य केलकर, सुभाष पुरुषोत्तम केलकर और नूतन सुभाष केलकर इस OFS के तहत अपनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं। कंपनी का कहना है कि शेयर बाजार में लिस्टिंग से उसे ब्रांड पहचान बढ़ाने और कॉर्पोरेट प्रोफाइल मजबूत करने में मदद मिलेगी।
रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम आवेदन 333 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹45 के हिसाब से एक लॉट खरीदने के लिए कम से कम ₹14,985 का निवेश करना होगा। इसके बाद निवेशक 333 शेयरों के मल्टीपल में आवेदन कर सकते हैं।
IPO में 50% हिस्सा योग्य संस्थागत निवेशकों (QIBs), 35% रिटेल निवेशकों और 15% गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) के लिए आरक्षित रखा गया है। इस इश्यू के बुक रनिंग लीड मैनेजर Cumulative Capital और Catalyst Capital Partners हैं, जबकि KFin Tech रजिस्ट्रार की भूमिका निभा रही है।
शेयर अलॉटमेंट 10 जून को फाइनल होने की उम्मीद है। सफल निवेशकों के डिमैट खातों में शेयर 11 जून को जमा होंगे और 12 जून को कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंजों पर कारोबार शुरू कर सकते हैं।
Hexagon Nutrition की शुरुआत 1993 में हुई थी और यह माइक्रोन्यूट्रिएंट (विटामिन, मिनरल और पोषण संबंधी उत्पाद) बनाने वाली कंपनी है। समय के साथ कंपनी ने हेल्थ, वेलनेस और क्लिनिकल न्यूट्रिशन से जुड़े अपने ब्रांड भी विकसित किए हैं। कंपनी भारत के अलावा 75 से ज्यादा देशों में अपने उत्पाद निर्यात करती है और हाल ही में उसने "NUTRONE" नाम से नया ब्रांड भी लॉन्च किया है।
कंपनी के भारत में तीन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जो महाराष्ट्र के नासिक और तमिलनाडु के चेन्नई व तूतीकोरिन में स्थित हैं। इसके अलावा उज्बेकिस्तान के ताशकंद में भी एक फैक्ट्री है। चेन्नई और तूतीकोरिन की यूनिट्स स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (SEZ) में स्थित हैं, जिससे कंपनी को आयात शुल्क में राहत और बंदरगाहों के नजदीक होने का फायदा मिलता है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो कंपनी की स्थिति लगातार मजबूत हुई है। FY23 में कंपनी का रेवेन्यू ₹278.5 करोड़ था, जो FY25 में बढ़कर ₹324.9 करोड़ हो गया। वहीं शुद्ध मुनाफा FY23 के ₹5.82 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹24.38 करोड़ पहुंच गया। EBITDA भी इसी अवधि में ₹17.17 करोड़ से बढ़कर ₹40.07 करोड़ हो गया। FY26 के पहले 9 महीनों में ही कंपनी ₹27.03 करोड़ का मुनाफा कमा चुकी है, जो पिछले पूरे वित्त वर्ष के मुनाफे से अधिक है।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
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