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3 min read | अपडेटेड April 21, 2026, 09:16 IST
सारांश
आज यानी 21 अप्रैल को सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव की वजह से सोने के दाम सुस्त पड़े हैं, जबकि भारतीय बाजार में चांदी की कीमतों में 1600 रुपये से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई है।

सोने की कीमतों में आज मामूली तेजी दर्ज की गई है।
भारतीय सर्राफा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट में आज सोने और चांदी की चाल काफी अलग नजर आ रही है। मंगलवार यानी 21 अप्रैल को बाजार खुलते ही निवेशकों की नजरें नए रेट पर टिकी हुई थीं। ग्लोबल मार्केट में मची हलचल का असर अब साफ तौर पर कीमतों में दिखने लगा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने एक बार फिर से बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना दिया है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने सोने की चमक को थोड़ा फीका कर दिया है। भारतीय बाजार में जहां सोना कल के मुकाबले लगभग उसी स्तर पर बना हुआ है, वहीं चांदी में भारी बिकवाली देखी जा रही है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी के रेट में काफी हलचल देखी गई है। 21 अप्रैल सुबह 9:05 बजे के अपडेटेड आंकड़ों के अनुसार, भारतीय बाजार में सोने का भाव 1,53,947 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। इसमें कल के मुकाबले कोई बहुत बड़ी तेजी तो नहीं दिखी है, लेकिन यह हरे निशान में बना हुआ है। वहीं चांदी की बात करें तो इसमें बड़ी गिरावट आई है। एमसीएक्स पर चांदी का रेट 2,50,849 रुपये प्रति किलो के स्तर पर आ गया है। यह कल के मुकाबले 1696 रुपये यानी करीब 0.67 पर्सेंट की बड़ी गिरावट है। अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमैक्स पर भी सोना 4814 डॉलर और चांदी 78.65 डॉलर के करीब कारोबार कर रहे हैं।
इस हफ्ते की शुरुआत से ही चांदी पर भारी दबाव बना हुआ है। न केवल सोना और चांदी, बल्कि अन्य कीमती धातुओं जैसे प्लैटिनम और पैलेडियम में भी गिरावट का रुख देखा जा रहा है। आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्लैटिनम की कीमतों में करीब 1.2 पर्सेंट की कमी आई है। पैलेडियम भी 0.3 पर्सेंट टूटकर एक हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया है। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक मिडिल ईस्ट के हालातों में सुधार नहीं होता और डॉलर थोड़ा कमजोर नहीं पड़ता, तब तक इन कीमती धातुओं में इसी तरह का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। आम ग्राहकों के लिए चांदी की कीमत में आई यह कमी राहत भरी हो सकती है, लेकिन सोने के ऊंचे दाम अब भी चुनौती बने हुए हैं।
कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। डॉलर इंडेक्स पिछले एक हफ्ते के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है। जब भी डॉलर मजबूत होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी जैसी धातुओं पर दबाव बढ़ जाता है क्योंकि इनका दाम डॉलर में ही तय होता है। इसके अलावा, 10 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई है। जब बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो निवेशक सोने जैसे बिना ब्याज वाले एसेट से पैसा निकालकर सुरक्षित बॉन्ड की तरफ शिफ्ट होने लगते हैं। इसी वजह से सोने की डिमांड कम हो जाती है और इसके भाव नीचे आ जाते हैं। सोमवार को सोने की कीमतों में एक हफ्ते का सबसे निचला स्तर देखा गया था।
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