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वेदांता रिसोर्सेज फिर विदेशी मार्केट में हो सकती है लिस्ट, अनिल अग्रवाल ने क्या कुछ कहा

Upstox

3 min read | अपडेटेड June 15, 2026, 16:49 IST

सारांश

वेदांता रिसोर्सेज को लंदन स्टॉक एक्सचेंज से डिलिस्ट किया जा चुका है। कंपनी वहां पर एफटीएसई 100 इंडेक्स में शामिल थी। अग्रवाल ने कहा कि वेदांता ग्रुप का रेवेन्यू इस समय 23-24 अरब डॉलर है, जिसे बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है।

वेदांता ग्रुप

अनिल अग्रवाल ने वेदांता रिसोर्सेज को विदेशी बाजार में दोबारा लिस्ट करने के संकेत दिए (Photo: Shutterstock)

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने आज ग्रुप की मूल कंपनी वेदांता रिसोर्सेज को विदेश में फिर से लिस्ट करने का संकेत देते हुए कहा कि ऐसा करने का एकदम तुरंत कोई प्लान नहीं है, लेकिन लगभग तीन साल लग सकते हैं। अग्रवाल ने पीटीआई को दिए इंटरव्यू में वेदांता रिसोर्सेज को विदेशी मार्केट में दोबारा लिस्ट किए जाने के सवाल पर कहा, ‘अभी यह प्राथमिकता में नहीं है, लेकिन भविष्य में अमेरिका या किसी अन्य मार्केट में इसे दोबारा लिस्ट करने से काफी वैल्यू क्रिएट की जा सकती है।’ वेदांता रिसोर्सेज को लंदन स्टॉक एक्सचेंज से डिलिस्ट किया जा चुका है। कंपनी वहां पर एफटीएसई 100 इंडेक्स में शामिल थी। अग्रवाल ने कहा कि वेदांता ग्रुप का रेवेन्यू इस समय 23-24 अरब डॉलर है, जिसे बढ़ाकर 50 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा गया है।

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उन्होंने कहा कि ग्रुप का लक्ष्य धातु, खनन, तेल और गैस, बिजली और महत्वपूर्ण खनिज जैसे अपने महत्वपूर्ण कारोबार का विस्तार करते हुए हर सेक्टर को लॉन्गटर्म में 100 अरब डॉलर के मौके में बदलना है। इस बीच, वेदांता ग्रुप की चार अलग-अलग इकाइयां- वेदांता एल्युमिनियम मेटल, वेदांता पावर, वेदांता ऑयल एंड गैस और वेदांता आयरन एंड स्टील सोमवार को शेयर मार्केट में लिस्ट हो गईं। इंडियन शेयर मार्केट में परिचालन करने वाली वेदांता लिमिटेड के विभिन्न कारोबार को अलग-अलग इकाइयों के रूप में लिस्ट करने के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने दिसंबर, 2025 में मुहर लगाई थी।

वेदांता लिमिटेड ने यह फैसला अलग-अलग क्षेत्रों के लिए स्वतंत्र बिजनेस खड़ा करने और वृद्धि मौकों का फायदा उठाने के लिए किया है। अग्रवाल ने कहा कि कंपनी भारत में बढ़ती धातुओं और ऊर्जा की मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर दे रही है। एल्युमिनियम खपत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में प्रति व्यक्ति खपत केवल तीन किलोग्राम है, जबकि ग्लोबल एवरेज 30-40 किलोग्राम है, जिससे इसमें वृद्धि की बड़ी संभावना है। तेल एवं गैस सेक्टर में उन्होंने कहा कि कंपनी ने ऐसे भंडार चिह्नित किए हैं, जिनसे अगले तीन सालों में उत्पादन बढ़ाकर पांच लाख बैरल प्रतिदिन किया जा सकता है।

स्टील सेक्टर में कंपनी 1.5 करोड़ टन उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही है। उन्होंने कहा कि इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध है। अग्रवाल ने लॉन्गटर्म ऊर्जा रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि भविष्य में कंपनी की कुल बिजली उत्पादन क्षमता का 20-25% हिस्सा परमाणु ऊर्जा से आ सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
PTI इनपुट के साथ

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