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  1. वेदांता के Q1 नतीजों में नेट प्रॉफिट 151% बढ़कर हुआ 5,294 करोड़ रुपये, रेवेन्यू में भी भारी उछाल

मार्केट न्यूज़

वेदांता के Q1 नतीजों में नेट प्रॉफिट 151% बढ़कर हुआ 5,294 करोड़ रुपये, रेवेन्यू में भी भारी उछाल

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड July 30, 2026, 16:13 IST

सारांश

वेदांता लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बेहद शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 151.86% बढ़कर 5,294 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। इस दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू भी 53.64% बढ़कर 24,205 करोड़ रुपये रहा।

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वेदांता लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में दर्ज किया रिकॉर्ड नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू।

दिग्गज नेचुरल रिसोर्सेस कंपनी वेदांता ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बेहद शानदार आंकड़े पेश किए हैं। जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 151.86% बढ़कर 5,294 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 2,102 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। कंपनी के इस दमदार परफॉर्मेंस से बाजार में काफी पॉजिटिव माहौल बना है।

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नेट प्रॉफिट और रेवेन्यू में बड़ा उछाल

कंपनी द्वारा शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, इस तिमाही में वेदांता का ऑपरेशन से रेवेन्यू 53.64% बढ़कर 24,205 करोड़ रुपये हो गया है। एक साल पहले इसी अवधि में यह आंकड़ा 15,754 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। कंपनी की आय में आई यह बड़ी बढ़त सभी मुख्य बिजनेस सेगमेंट्स में बेहतर काम के कारण संभव हुई है।

ऑपरेशनल लेवल पर भी कंपनी ने काफी मजबूत प्रदर्शन किया है। पहली तिमाही में वेदांता का एबिटा 98.81% बढ़कर 8,501 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल Q1 FY26 में 4,276 करोड़ रुपये था। इसके साथ ही कंपनी का एबिटा मार्जिन भी सुधरकर 35.12% हो गया है, जो एक साल पहले 27.14% पर था। कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अरुण मिश्रा ने बताया कि वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत बहुत मजबूत रही है और डिमर्ज्ड वेदांता के सभी बिजनेस सेगमेंट्स में शानदार प्रदर्शन देखा गया है।

बिजनेस सेगमेंट्स का कैसा रहा परफॉर्मेंस?

अरुण मिश्रा ने कहा कि जिंक इंडिया ने पहली तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा माइन्ड मेटल प्रोडक्शन हासिल किया है। वहीं फैकोर ने अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही अयस्क प्रोडक्शन और एबिटा दर्ज किया। कॉपर इंडिया ने भी पिछले आठ सालों में अपनी सबसे ज्यादा पहली तिमाही की बिक्री दर्ज की है। जिंक इंटरनेशनल ने भी गम्सबर्ग में अपनी रफ्तार बनाए रखी है, जहां फेज 1 का आउटपुट बढ़ा है और फेज 2 इस तिमाही में शुरू होने की राह पर है।

अलग-अलग बिजनेस सेगमेंट्स की बात करें तो जिंक इंडिया में माइन्ड मेटल का प्रोडक्शन 1% बढ़कर 268 केटी रहा, जबकि रिफाइंड मेटल प्रोडक्शन 4% बढ़कर 260 केटी पहुंचा। चांदी का प्रोडक्शन 149 टन पर स्थिर रहा। जिंक इंटरनेशनल का माइन्ड मेटल प्रोडक्शन 14% घटकर 48 केटी रहा, क्योंकि ब्लैक माउंटेन में डीप की खदान बंद होने के करीब है। कॉपर सेगमेंट में सिलवासा ने पिछले 8 सालों में 53 केटी की सबसे ज्यादा पहली तिमाही बिक्री दर्ज की। हालांकि फुजैराह में कॉपर रॉड की बिक्री हरमुज जलडमरूमध्य के बंद होने से 51% घट गई। फैकोर का अयस्क प्रोडक्शन 41% बढ़कर 153 केटी के रिकॉर्ड स्तर पर रहा। इसके अलावा विजाग जनरल कार्गो बर्थ पोर्ट पर डिस्चार्ज वॉल्यूम 40% बढ़कर 2,358 केटी हो गया।

कंपनी के इन मजबूत नतीजों और शानदार ऑपरेशनल परफॉर्मेंस का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। नतीजों के बाद नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई पर वेदांता लिमिटेड के शेयर 1.13% की बढ़त के साथ 267.50 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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