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Urban Company Q4: अर्बन कंपनी के नतीजों ने बढ़ाई टेंशन, रेवेन्यू बढ़ने के बाद भी क्यों बढ़ गया घाटा?

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड May 08, 2026, 16:22 IST

सारांश

अर्बन कंपनी ने मार्च 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट लॉस पिछले साल के मुकाबले बढ़कर 161.16 करोड़ रुपये हो गया है। हालांकि, ऑपरेशन से मिलने वाला रेवेन्यू 42 पर्सेंट से ज्यादा बढ़ा है, लेकिन खर्चों में भारी बढ़ोतरी ने मुनाफे पर पानी फेर दिया।

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अर्बन कंपनी के कमजोर तिमाही नतीजों के कारण निवेशकों के बीच चिंता बढ़ी। Image: Shutterstock

होम सर्विस देने वाली दिग्गज कंपनी अर्बन कंपनी के लिए मार्च 2026 की तिमाही काफी चुनौतीपूर्ण रही है। कंपनी ने शुक्रवार को अपने चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए, जिसमें नेट लॉस तेजी से बढ़ता हुआ नजर आया है। रेगुलेटरी फाइलिंग के मुताबिक, इस तिमाही में कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ा है, जिसका सीधा असर शेयर बाजार में कंपनी के शेयरों पर भी देखने को मिला। हालांकि कंपनी के काम और मांग में कोई कमी नहीं आई है, लेकिन बढ़ते खर्चों ने कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव बना दिया है। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि वह पिछले साल के मुनाफे को बरकरार रखने में नाकाम रही है।

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चौथी तिमाही में रेवेन्यू के साथ घाटा भी बढ़ा

अर्बन कंपनी ने बताया कि मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर 161.16 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। अगर पिछले साल की इसी तिमाही से इसकी तुलना करें, तो तब कंपनी को 99.8 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। यानी कंपनी का घाटा करीब 61 पर्सेंट बढ़ गया है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू में 42.59 पर्सेंट की अच्छी बढ़त देखी गई है। यह पिछले साल के 294.9 करोड़ रुपये से बढ़कर 425.6 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी का कहना है कि होम सर्विस सेगमेंट में मांग काफी मजबूत बनी हुई है और ग्राहकों का भरोसा कंपनी पर बना हुआ है।

खर्चों की वजह से बिगड़ा खेल

कंपनी के रेवेन्यू में सुधार के बावजूद मुनाफा न होने की बड़ी वजह ऑपरेशनल खर्चों में आई भारी तेजी है। इस तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च 556.9 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी दौरान सिर्फ 320.35 करोड़ रुपये था। खर्चों में इस बड़ी बढ़ोतरी ने कंपनी के नेट प्रॉफिट के गणित को बिगाड़ दिया। अगर पूरे वित्त वर्ष यानी FY26 की बात करें, तो कंपनी अब मुनाफे से घाटे में आ गई है। पूरे साल के दौरान कंपनी को 234.8 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट लॉस हुआ है, जबकि वित्त वर्ष 2025 में कंपनी 239.76 करोड़ रुपये के नेट प्रॉफिट में थी। पूरे साल का रेवेन्यू जरूर बढ़कर 1692.23 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले साल 1260.68 करोड़ रुपये था।

शेयर बाजार में दिखा गिरावट का असर

नतीजों के बाद अर्बन कंपनी के शेयरों में निवेशकों ने जमकर बिकवाली की। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 4.74 पर्सेंट की गिरावट के साथ 139.67 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में यह 146.62 रुपये पर था। निवेशकों को उम्मीद थी कि कंपनी अपने घाटे को कम करने में सफल रहेगी, लेकिन नतीजों ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक कंपनी अपने खर्चों पर लगाम नहीं लगाती और ऑपरेशन को लेकर कोई नई स्ट्रैटेजी नहीं बनाती, तब तक शेयरों में दबाव बना रह सकता है। कंपनी की वैल्यूएशन को लेकर भी अब बाजार में नई बहस शुरू हो गई है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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