मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड May 08, 2026, 14:39 IST
सारांश
टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन ने वित्त वर्ष 2025-26 में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का सालाना रेवेन्यू 75,000 करोड़ रुपये के पार निकल गया है। चौथी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 35 पर्सेंट बढ़कर 1,179 करोड़ रुपये रहा। ज्वेलरी बिजनेस में 50 पर्सेंट की ग्रोथ ने इस नतीजे को ऐतिहासिक बना दिया है।

टाइटन ने पेश किए तिमाही नतीजे
टाटा ग्रुप की दिग्गज कंपनी टाइटन ने अपने बिजनेस में एक नया मुकाम हासिल किया है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटेड नतीजों ने बाजार को हैरान कर दिया है। कंपनी ने बताया है कि उसने इस पूरे साल में 75,000 करोड़ रुपये के सालाना रेवेन्यू के आंकड़े को पार कर लिया है। मार्च 2026 में खत्म हुई चौथी तिमाही के दौरान टाइटन का कुल रेवेन्यू 46 पर्सेंट बढ़कर 20,300 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। यह कंपनी के इतिहास के सबसे मजबूत तिमाही प्रदर्शनों में से एक है। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने 15 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश भी की है।
टाइटन ने इस तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट में भी जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है। चौथी तिमाही के दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 35 पर्सेंट बढ़कर 1,179 करोड़ रुपये रहा है। अगर पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो कंपनी का सालाना नेट प्रॉफिट 5,073 करोड़ रुपये पहुंच गया है, जो पिछले साल के मुकाबले 52 पर्सेंट ज्यादा है।
टाइटन के पोर्टफोलियो में सबसे ज्यादा चमक ज्वेलरी सेगमेंट में देखने को मिली है। सोने की ऊंची कीमतों और बाजार के उतार-चढ़ाव के बावजूद ग्राहकों का भरोसा बना रहा और इस सेगमेंट में 50 पर्सेंट की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई। ज्वेलरी से होने वाला रेवेन्यू चौथी तिमाही में 18,195 करोड़ रुपये रहा। तनिष्क, मिया और जोया जैसे ब्रांड्स ने भारतीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत की है। कंपनी के मुताबिक, सोने की खरीदारी को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। इसके साथ ही टाइटन ने डमास ज्वेलरी में 67 पर्सेंट हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा कर लिया है, जिससे अब कंपनी अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बड़े स्तर पर कदम रख चुकी है।
कंपनी की घड़ियों के बिजनेस में भी इस तिमाही में अच्छी बढ़त देखी गई है। एनालॉग वॉच सेगमेंट में 15 पर्सेंट की ग्रोथ रही, जिसका मुख्य कारण लोगों का प्रीमियम घड़ियों की तरफ बढ़ता रुझान है। वॉच सेगमेंट से कुल रेवेन्यू 1,222 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 8 पर्सेंट ज्यादा है। हालांकि स्मार्ट वॉच सेगमेंट में वैल्यू के लिहाज से गिरावट देखी गई है, लेकिन कंपनी ने बेहतर प्राइसिंग से इसे संभालने की कोशिश की है। वहीं आईकेयर बिजनेस की बात करें, तो यहां भी कंपनी ने 17 पर्सेंट की ग्रोथ के साथ 227 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया है।
टाइटन के मैनेजिंग डायरेक्टर अजोय चावला ने इन नतीजों पर कहा कि वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए एक मील का पत्थर साबित हुआ है। उन्होंने बताया कि कंपनी को शुरुआत के 50,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंचने में करीब 40 साल लगे थे, लेकिन अगले 25,000 करोड़ रुपये का सफर कंपनी ने महज एक साल में तय कर लिया है। यह कंपनी के ब्रांड्स की ताकत और ग्राहकों के अटूट भरोसे का नतीजा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कंपनी अपनी प्रतिद्वंद्वी क्षमता को और बढ़ाने और ग्राहकों के साथ जुड़ाव गहरा करने पर काम करती रहेगी।
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