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4 min read | अपडेटेड August 31, 2026, 09:22 IST
सारांश
पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर की कंपनी लुमिनो इंडस्ट्रीज का आईपीओ आज 31 अगस्त को बंद हो रहा है। दूसरे दिन तक यह इश्यू कुल 5.14 गुना सब्सक्राइब हो चुका है, जिसमें रिटेल और एनआईआई हिस्से में बंपर बोलियां मिली हैं।

लुमिनो इंडस्ट्रीज के 700 करोड़ रुपये के आईपीओ में दांव लगाने का आज 31 अगस्त को आखिरी मौका है। | Image: Shutterstock
पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में काम करने वाली इंटीग्रेटेड इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन यानी ईपीसी कंपनी लुमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड का आईपीओ आज 31 अगस्त 2026 को बंद होने जा रहा है। प्राइमरी मार्केट में इस 700 करोड़ रुपये के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। तीन दिनों की बिडिंग में दूसरे दिन यानी 28 अगस्त 2026 तक यह आईपीओ कुल 5.14 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। अगर आप भी इस आईपीओ में पैसे लगाने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए सबस्क्रिप्शन स्टेटस, कंपनी का बिजनेस मॉडल, इसकी कमाई और आईपीओ से मिलने वाले पैसों के इस्तेमाल की जानकारी होना बहुत जरूरी है।
लुमिनो इंडस्ट्रीज के आईपीओ को दूसरे दिन शाम तक कुल 5.14 गुना बोलियां मिल चुकी थीं। इसमें सबसे ज्यादा उत्साह गैर-संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई कैटेगरी में देखा गया, जहां इश्यू 8.18 गुना भरा है। वहीं रिटेल कैटेगरी में निवेशकों ने दिल खोलकर आवेदन किया है और यह हिस्सा 6.87 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसके अलावा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी (एंकर को छोड़कर) कैटेगरी में दूसरे दिन तक 0.06 गुना बोलियां प्राप्त हुई हैं। कंपनी ने इस आईपीओ का प्राइस बैंड 78 रुपये से 82 रुपये प्रति शेयर तय किया है, जिसमें एक लॉट में 182 शेयर शामिल हैं।
लुमिनो इंडस्ट्रीज लिमिटेड की स्थापना साल 2005 में हुई थी। यह पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री में कंडक्टर्स, पावर केबल्स, इलेक्ट्रिकल वायर्स और एचटीएलएस कंडक्टर्स का निर्माण और सप्लाई करती है। कंपनी के पास पश्चिम बंगाल के कोलकाता और हावड़ा में मैन्युफैक्चरिंग प्लांट मौजूद हैं, जिनकी कुल प्रोडक्शन कैपेसिटी 40,000 मीट्रिक टन है। कंपनी का बिजनेस केवल प्रॉडक्ट्स बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पावर सेक्टर में ईपीसी प्रोजेक्ट्स को भी सफलतापूर्वक एग्जीक्यूट करती है। कंपनी के पास सोलर ईपीसी प्रोजेक्ट्स और रेलवे इलेक्ट्रीफिकेशन का भी अनुभव है।
लुमिनो इंडस्ट्रीज का यह आईपीओ कुल 700 करोड़ रुपये का है। इसमें 500 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 200 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस शामिल है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाले 500 करोड़ रुपये में से कंपनी लगभग 337 करोड़ रुपये की रकम का इस्तेमाल अपने बकाए कर्ज को चुकाने के लिए करेगी। इसके अलावा लगभग 15.01 करोड़ रुपये की राशि से कंपनी अपने मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में नई मशीनरी खरीदने, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट करने और सिविल वर्क्स को पूरा करने में खर्च करेगी। बाकी बची हुई रकम का इस्तेमाल जनरल कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। ओएफएस का पैसा सीधे बिकवाली करने वाले शेयरधारकों के पास जाएगा।
कंपनी की वित्तीय सेहत पिछले तीन सालों में काफी मजबूत हुई है। फाइनेंशियल ईयर 2024 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 1,407.31 करोड़ रुपये था, जो फाइनेंशियल ईयर 2025 में बढ़कर 1,917.97 करोड़ रुपये हो गया। वहीं फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 2,041.07 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मुनाफे की बात करें तो कंपनी का नेट प्रॉफिट फाइनेंशियल ईयर 2024 के 86.75 करोड़ रुपये से बढ़कर फाइनेंशियल ईयर 2025 में 124.59 करोड़ रुपये रहा था। फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर लगभग 160 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। कंपनी का ईबिटडा मार्जिन 11.62% और नेट प्रॉफिट मार्जिन 7.66% रहा है, जो इसके मजबूत बिजनेस मॉडल को दिखाता है।
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