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  1. IT सेक्टर में लौटी रौनक, Tech Mahindra समेत कई शेयरों में शानदार तेजी, क्या है वजह

मार्केट न्यूज़

IT सेक्टर में लौटी रौनक, Tech Mahindra समेत कई शेयरों में शानदार तेजी, क्या है वजह

Shubham Singh Thakur

2 min read | अपडेटेड June 24, 2026, 12:46 IST

सारांश

आज OFSS में 2.63 फीसदी, Infosys में 1.78 फीसदी और TCS में 1.62 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इन शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह वैल्यू बाइंग है। हाल की बिकवाली के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर बेहतरीन वैल्यू देखते हुए दोबारा खरीदारी शुरू कर दी है।

शेयर सूची

Nifty IT

Nifty IT इंडेक्स करीब 1.20 फीसदी उछलकर 27336.55 के स्तर पर पहुंच गया।

IT सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 24 जून को जमकर खरीदारी हो रही है। इसके चलते आज के कारोबार में Nifty IT इंडेक्स करीब 1.20 फीसदी उछलकर 27336.55 के स्तर पर पहुंच गया। रिपोर्ट लिखे जाने के समय टेक महिंद्रा के शेयर 3% से ज्यादा चढ़ गए। इंफोसिस के शेयरों में करीब 2% की तेजी देखने को मिली।

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इसके अलावा OFSS में 2.63 फीसदी, Infosys में 1.78 फीसदी और TCS में 1.62 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। इन शेयरों में तेजी की एक बड़ी वजह वैल्यू बाइंग है। हाल की बिकवाली के बाद निवेशकों ने निचले स्तरों पर बेहतरीन वैल्यू देखते हुए दोबारा खरीदारी शुरू कर दी है।

Tech Mahindra

टेक महिंद्रा ने 23 जून को घोषणा की कि उसने जर्मनी की टेलीकॉम कंपनी टेलीफोनिका जर्मनी के साथ अपनी साझेदारी का विस्तार किया है। इस समझौते के तहत दोनों कंपनियां मिलकर एक प्राइवेट क्लाउड प्लेटफॉर्म तैयार करेंगी। इसका उद्देश्य टेलीकॉम और एंटरप्राइज कारोबार के लिए आधुनिक, सुरक्षित और स्केलेबल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है।

कंपनी के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन और क्लाउड-नेटिव तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे टेलीफोनिका जर्मनी अपने नेटवर्क और बिजनेस ऑपरेशंस को अधिक आधुनिक और कुशल बना सकेगी। यह कई वर्षों का अनुबंध है, जिसे निवेशक टेक महिंद्रा के लिए सकारात्मक मान रहे हैं।

Infosys

इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कंपनी की 45वीं एजीएम में कहा कि AI इंफोसिस जैसी कंपनियों की जगह नहीं लेगा, बल्कि उन्हें और मजबूत बनाएगा। उन्होंने कहा कि 2030 तक AI से जुड़ा 300-400 अरब डॉलर का बड़ा अवसर सामने आ सकता है और इंफोसिस इस मौके का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।

नीलेकणी ने कहा कि कई लोगों को लगता है कि AI के कारण कोडिंग पूरी तरह ऑटोमेट हो जाएगी और आईटी कंपनियों की जरूरत कम हो जाएगी। लेकिन हकीकत यह है कि बड़े एंटरप्राइज ग्राहकों को अभी भी मजबूत साइबर सिक्योरिटी, डेटा गवर्नेंस, सिस्टम टेस्टिंग और जटिल टेक्नोलॉजी समाधान की जरूरत है। यही क्षेत्र इंफोसिस जैसी कंपनियों की विशेषज्ञता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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