मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड October 30, 2026, 10:49 IST
सारांश
सुजलॉन एनर्जी के शेयर शुक्रवार को 8.5% से ज्यादा टूटकर 33.65 रुपये पर आ गए। गुरुवार को जारी तिमाही नतीजों में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 69% गिरकर 394 करोड़ रुपये रह गया।
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सुजलॉन एनर्जी के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
विंड एनर्जी कंपनी सुजलॉन एनर्जी के निवेशकों के लिए शुक्रवार का दिन भारी गिरावट लेकर आया है। 29 अक्टूबर को कंपनी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही यानी Q2 FY27 के नतीजे जारी किए थे। नतीजे आने के अगले ही दिन शुक्रवार की सुबह सुजलॉन एनर्जी का शेयर बाजार खुलते ही औंधे मुंह गिर पड़ा। सुबह कंपनी का शेयर 8.53% की भारी गिरावट के साथ 33.65 रुपये के स्तर पर आ गया। शेयर में एक ही झटके में 3.14 रुपये की बड़ी गिरावट देखने को मिली। गुरुवार को यह शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 1.37% गिरकर 36.79 रुपये पर बंद हुआ था, लेकिन शुक्रवार को बिकवाली इतनी तेज रही कि शेयर धड़ाम हो गया।
शेयर में आई इस बड़ी गिरावट की सबसे मुख्य वजह कंपनी के नेट प्रॉफिट में आई भारी कमी है। दूसरी तिमाही में सुजलॉन एनर्जी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल दर साल आधार पर 69% घटकर 394 करोड़ रुपये रह गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी को 1,279 करोड़ रुपये का भारी नेट प्रॉफिट हुआ था। हालांकि कंपनी के सीएफओ राहुल जैन ने नतीजों पर स्पष्ट किया कि पिछले साल के मुनाफे में 891 करोड़ रुपये का डेफर्ड टैक्स एसेट क्रिएशन शामिल था। अगर इस टैक्स असर को हटा दिया जाए, तो कंपनी के वास्तविक मुनाफे में सुधार हुआ है। इसके बावजूद बाजार को यह भारी गिरावट पसंद नहीं आई और निवेशकों ने शेयर बेचने में देर नहीं लगाई।
कंपनी के रेवेन्यू के मोर्चे पर आंकड़े काफी बेहतर रहे हैं। जुलाई से सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 26% बढ़कर 4,875 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 3,871 करोड़ रुपये था। हालांकि ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी को सुस्ती झेलनी पड़ी। कंपनी का EBITDA मामूली घटकर 719 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछले साल 721 करोड़ रुपये था। वहीं कंपनी का EBITDA मार्जिन गिरकर 14.7% पर आ गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 18.6% था। मार्जिन में आई इस कमी ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
नतीजों के बीच कंपनी के लिए कुछ सकारात्मक पहलू भी सामने आए हैं। सुजलॉन एनर्जी की कुल नेट वर्थ अब 10,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। इसके साथ ही कंपनी की कुल ऑर्डर बुक 6 गीगावाट से अधिक हो चुकी है। पहली छमाही में कंपनी को 1.5 गीगावाट से ज्यादा के नए ऑर्डर्स मिले हैं। कंपनी की ऑर्डर बुक में 78% हिस्सेदारी पीएसयू और कमर्शियल ग्राहकों की है। वहीं ईपीसी प्रोजेक्ट्स की हिस्सेदारी बढ़कर 38% हो गई है, जिसे वित्त वर्ष 2028 तक 50% तक पहुंचाने की योजना है। पहली छमाही में कंपनी ने 723 मेगावाट की कमीशनिंग पूरी की है, जिसमें आदित्य बिड़ला रिन्यूएबल्स और ब्रुकफील्ड जैसी कंपनियां शामिल हैं।
सुजलॉन ग्रुप के सीईओ अजय कपूर ने बताया कि दूसरी तिमाही में 710 मेगावाट की रिकॉर्ड डिलीवरी और 454 मेगावाट की कमीशनिंग से रेवेन्यू ग्रोथ को बल मिला है। उन्होंने कहा कि मजबूत ऑर्डर इनटेक और 6 गीगावाट से बड़ी ऑर्डर बुक दिखाती है कि कंपनी मांग को डिलीवरी में बदलने में सक्षम है। साथ ही कंपनी फ्यूचर ग्रोथ के लिए मजबूत तैयारी में है। 29 अक्टूबर तक सुजलॉन का कुल मार्केट कैप 50,573.64 करोड़ रुपये था। लेकिन तिमाही मुनाफे में आई तेज गिरावट और कमजोर मार्जिन के कारण शुक्रवार को शेयर में भारी बिकवाली देखने को मिली।
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