मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड June 03, 2026, 07:56 IST
सारांश
भारतीय शेयर बाजार में पिछले चार दिनों की गिरावट थमने के बाद आज यानी बुधवार को कुछ सुस्ती देखने को मिल सकती है। गिफ्ट निफ्टी से बाजार की कमजोर शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। इस बीच वेदांता, इंडिगो, केनरा बैंक और अलकेम लैब जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों पर निवेशकों की पैनी नजर रहेगी।

बाजार में आज दिख सकती है हलचल | Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार के लिए पिछला कुछ समय काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2 जून को बाजार ने अपनी पिछले चार दिनों की गिरावट के सिलसिले को पूरी तरह तोड़ दिया। आईटी सेक्टर के बड़े शेयरों में आई तेजी और निवेशकों द्वारा की गई वैल्यू बाइंग के दम पर सेंसेक्स 383 पॉइंट यानी 0.52 पर्सेंट की बढ़त के साथ 74,650 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर निफ्टी 50 भी 101 पॉइंट यानी 0.43 पर्सेंट मजबूत होकर 23,484 पर बंद हुआ। इससे पहले मिडल ईस्ट में बढ़ते तनाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण बाजार करीब 3 पर्सेंट तक टूट चुका था। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को बाजार की शुरुआत थोड़ी सुस्त या गिरावट के साथ हो सकती है क्योंकि गिफ्ट निफ्टी से कमजोर संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी करीब 147 पॉइंट की गिरावट के साथ 23,456 के स्तर के आसपास ट्रेड कर रहा था। ऐसे माहौल में कंपनियों के खास ट्रिगर्स की वजह से कुछ शेयरों में आज बड़ा मूवमेंट दिखेगा।
आज के कारोबार में वेदांता लिमिटेड के शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी। एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट यानी ईडी ने वेदांता और उसकी सब्सिडियरी कंपनी हिंदुस्तान जिंक के कुछ ऑफिसों का दौरा किया है। कंपनी ने साफ किया है कि वह अथॉरिटीज के साथ पूरा सहयोग कर रही है और मांगी गई सभी जानकारियां दे रही है। इसके अलावा एविएशन सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंडिगो यानी इंटरग्लोब एविएशन भी फोकस में रहेगी। इंटरनेशनल एयरस्पेस पर लगी पाबंदियों के कारण फ्लाइट का समय काफी बढ़ गया है जिससे मुश्किल कॉस्ट एनवायरमेंट पैदा हुआ है। इसी स्थिति को देखते हुए इंडिगो ने 31 अगस्त 2026 से मैनचेस्टर की फ्लाइट्स को अस्थाई रूप से सस्पेंड करने का फैसला किया है।
सरकारी सेक्टर के केनरा बैंक ने एक बड़ा फैसला लिया है। बैंक ने वित्त वर्ष 2027 के दौरान डेट इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए 8,500 करोड़ रुपये तक का फंड जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस पैसे का इस्तेमाल कैपिटल पोजीशन को मजबूत करने और फ्यूचर में बिजनेस एक्सपेंशन के लिए किया जाएगा। वहीं दूसरी तरफ हाइड्रोपावर कंपनी एनएचपीसी के शेयरों में भी हलचल दिखेगी। सरकार की तरफ से लाए गए ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस को नॉन-रिटेल इनवेस्टर्स की तरफ से पहले दिन 3.47 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। इसके बाद सरकार ने अपने 3 पर्सेंट के ग्रीनशू ऑप्शन को पूरी तरह इस्तेमाल करने का फैसला किया है।
फार्मा सेक्टर की बड़ी कंपनी अलकेम लैबोरेट्रीज के शेयरों में मंगलवार को करीब 930 करोड़ रुपये की एक बड़ी ब्लॉक डील देखने को मिली। प्रमोटर फैमिली से जुड़ी एंटिटीज ने घरेलू म्यूचुअल फंड्स और विदेशी संस्थागत निवेशकों को अपने शेयर बेचे हैं। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के डेटा के मुताबिक करीब 17.88 लाख शेयर 5,200 रुपये प्रति शेयर के भाव पर ट्रेड हुए। इसके साथ ही अडानी पोर्ट्स और सेज के शेयर भी चर्चा में रहेंगे। कंपनी के पोर्ट ऑपरेशन में मजबूती बनी हुई है और सालाना आधार पर कार्गो वॉल्यूम में 15 पर्सेंट की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है। हालांकि कंपनी के लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम में पिछले साल के मुकाबले 19 पर्सेंट की गिरावट आई है।
कृषि रसायन क्षेत्र की कंपनी धनुका एग्रीटेक का 70 करोड़ रुपये का शेयर बायबैक ऑफर 4 जून से खुलने जा रहा है। कंपनी इसके तहत 1,400 रुपये प्रति शेयर के भाव पर 5 लाख शेयरों को वापस खरीदेगी। फार्मा सेक्टर की कॉनकॉर्ड बायोटेक को भी बड़ी कामयाबी मिली है। कंपनी को अपने माइकोफेनोलेट मोफेटिल ओरल सस्पेंशन के लिए अमेरिकी रेगुलेटर यूएस एफडीए से मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा ब्लिस जीवीएस फार्मा के पालघर प्लांट को वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन यानी डब्ल्यूएचओ से इंस्पेक्शन क्लोजर रिपोर्ट मिल गई है जो यह कन्फर्म करती है कि यह प्लांट जीएमपी स्टैंडर्ड्स के मुताबिक काम कर रहा है।
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