मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड May 29, 2026, 07:53 IST
सारांश
आज भारतीय शेयर बाजार में स्विगी, पतंजलि फूड्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज और विप्रो जैसी बड़ी कंपनियों के शेयरों में तगड़ी हलचल देखने को मिल सकती है। पतंजलि को टैक्स अथॉरिटी से बड़ा कारण बताओ नोटिस मिला है, जबकि स्विगी का एक खास प्रस्ताव शेयर होल्डर्स की मंजूरी न मिलने से अटक गया है।

शेयर बाजार के निवेशकों के लिए आज कई कंपनियों से जुड़ी खबरें आई हैं। | Image: Shutterstock.
भारतीय शेयर बाजार में हर दिन किसी न किसी कंपनी से जुड़ी बड़ी खबरें आती हैं, जिनका सीधा असर उनके शेयर प्राइस पर पड़ता है। आज बाजार खुलने पर कई दिग्गज कंपनियों के स्टॉक्स में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। आज के ट्रेड में रिलायंस इंडस्ट्रीज, स्विगी, पतंजलि फूड्स, विप्रो और कोल इंडिया जैसी कंपनियों से जुड़े बड़े अपडेट्स आए हैं, जो निवेशकों के रडार पर रहेंगे। अगर आप भी आज ट्रेडिंग या निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इन स्टॉक्स से जुड़ी हर छोटी-बड़ी बात को समझ लेना बहुत जरुरी है।
फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयर होल्डर्स ने कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में बदलाव के एक खास प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी है। इस स्पेशल रेजोल्यूशन को केवल 72.36 पर्सेंट वोट मिले, जो जरुरी 75 पर्सेंट की सीमा से 2.64 पर्सेंट कम रह गए। कंपनी इसके जरिए इंडियन ओन्ड एंड कंट्रोल्ड कंपनी यानी आईओसीसी बनने की तैयारी कर रही थी। दूसरी तरफ, पतंजलि फूड्स के लिए एक परेशान करने वाली खबर है। चेन्नई के असिस्टेंट कमिश्नर ऑफिस ने कंपनी को 1,352.9 करोड़ रुपये का कारण बताओ नोटिस भेजा है, साथ ही 135.29 करोड़ रुपये की पेनाल्टी भी मांगी है। यह नोटिस टर्नओवर और टीडीएस में गड़बड़ी को लेकर साल 2022-23 के लिए जारी किया गया है, जिस पर 18 पर्सेंट का ब्याज भी मांगा गया है।
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी अगली सालाना बैठक यानी 49वीं एजीएम की तारीख का ऐलान कर दिया है। रिलायंस के मेंबर्स की यह बड़ी बैठक आगामी 19 जून को होने जा रही है, जिसमें कंपनी के फ्यूचर प्लान को लेकर कई बड़े फैसलों की उम्मीद है। वहीं सरकारी कंपनी कोल इंडिया को लेकर अपडेट है कि भारत सरकार ने ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के तहत ओवरसब्सक्रिप्शन ऑप्शन का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। इसके तहत सरकार अब 6.16 करोड़ बेस शेयरों के साथ अतिरिक्त 6.16 करोड़ शेयर और बेचेगी, जिससे कुल बिक्री 12.32 करोड़ शेयर यानी कंपनी में कुल 2 पर्सेंट हिस्सेदारी की हो जाएगी।
फार्मा सेक्टर की बात करें तो लूपिन को गुजरात के अंकलेश्वर प्लांट के लिए अमेरिकी रेगुलेटर यूएस एफडीए से एस्टेब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट यानी ईआईआर मिल गई है, जो मार्च 2026 में हुए प्रोडक्ट स्पेसिफिक प्री-अप्रूवल इंस्पेक्शन के बाद आई है। वहीं इंडोको रेमेडीज को हिमाचल प्रदेश के बद्दी प्लांट के लिए जर्मन हेल्थ अथॉरिटी से ईयू जीएमपी सर्टिफिकेशन मिल गया है। इसी कंपनी में आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड ने 26.88 करोड़ रुपये में 1.47 पर्सेंट हिस्सेदारी खरीदी है। इसके अलावा वॉकहार्ट को उसकी एंटीबायोटिक दवा जैनिच के भारत में इंपोर्ट और मार्केटिंग के लिए सीडीएससीओ से मंजूरी मिल गई है। जायडस लाइफसाइंसेज की सब्सिडियरी को भी उसकी दवा सारोग्लिटाजार के लिए यूएस एफडीए से प्रायोरिटी रिव्यू मिला है, जिसकी अंतिम तारीख 27 नवंबर 2026 तय की गई है।
दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो ने एंटरप्राइज फंक्शंस में एआई वर्कफ्लो को बढ़ाने के लिए सर्विसनाउ के साथ अपनी पार्टनरशिप का विस्तार किया है। टाटा एलक्सी ने हेल्थकेयर सेक्टर के लिए ओपनएना के साथ मिलकर 'एनाटेल' नाम का एक एआई सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इसके अलावा इंजीनियरिंग कंपनी राइट्स ने डेटा इंटेलिजेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर सॉल्यूशंस के लिए क्रिसिल के साथ एक समझौता किया है। एस्कॉर्ट्स कुबोटा ने भी महाराष्ट्र और गुजरात जैसे राज्यों के लिए कॉम्पैक्ट ट्रैक्टर रेंज में 'कुबोटा नियोस्टार' सीरीज पेश की है। अंत में बल्क डील्स की बात करें तो पाइन लैब्स में एसबीआई म्यूचुअल फंड और निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड ने बड़ी खरीदारी की है, जबकि अल्टीमीटर ग्रोथ पार्टनर्स ने अपनी हिस्सेदारी बेची है। प्रताप स्नैक्स में भी प्रमोटर ऑथम इन्वेस्टमेंट ने अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदी है।
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