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  1. Nestle India और Zydus Wellness के शेयर 2% से ज्यादा गिरे, FSSAI के नोटिस को लेकर क्या है पूरा मामला?

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Nestle India और Zydus Wellness के शेयर 2% से ज्यादा गिरे, FSSAI के नोटिस को लेकर क्या है पूरा मामला?

Upstox

3 min read | अपडेटेड October 22, 2026, 12:18 IST

सारांश

FSSAI ने कहा कि बच्चों के लिए दूध के ऑप्शन्स का यह प्रचार कथित तौर पर शिशु दूध विकल्प, आहार एवं शिशु आहार (उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 1992 का उल्लंघन करता है।

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क्यों नेस्ले इंडिया और जाइडस वेलनेस के शेयरों में आई आज गिरावट (Photo: Pexels)

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (Food Safety and Standards Authority of India, FSSAI) ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'इंस्टाग्राम' पर बच्चों के लिए दूध के ऑप्शन्स के कथित अवैध विज्ञापन और प्रचार के मामले में नेस्ले इंडिया, एबॉट हेल्थकेयर, जाइडस हेल्थकेयर समेत पांच पक्षों को नोटिस जारी किए हैं। इसका असर आज नेस्ले इंडिया और जाइडस वेलनेस के शेयरों पर भी देखने को मिला। नेस्ले इंडिया के शेयर 3% तक लुढ़के जबकि जाइडस वेलनेस के शेयरों में भी 2.5% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। FSSAI ने इन दोनों कंपनियों को उनके कुछ प्रोडक्ट्स को लेकर 'भ्रामक दावे' करने के मामले में नोटिस जारी किया है और उनसे अपने विज्ञापनों के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण देने को कहा है।

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FSSAI ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में बताया कि नोटिस पाने वालों में इंस्टाग्राम पर प्रचार करने वाली इन्फ्लूएंसर इरा फातिमा के अलावा न्यूट्रिशिया इंटरनेशनल और मीड जॉनसन न्यूट्रिशन (इंडिया) भी शामिल हैं। FSSAI के अनुसार, यह मामला इरा फातिमा के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की गई एक रील से जुड़ा है। इसमें बच्चों के लिए 'फॉर्मूला दूध' के पांच प्रोडक्ट्स की लिस्ट दी गई थी और उनकी सिफारिश की गई थी। इन प्रोडक्ट्स में नैन-प्रो 1, एप्टामिल प्रीमियम 1, सिमिलैक एडवांस 1, एनफामिल ए प्लस स्टेज 1 और डेक्सोलैक 1 शामिल हैं। इस प्रचार में इन प्रोडक्ट्स के सेवन से संतुलित पोषण मिलने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने, मस्तिष्क के विकास और आसानी से पचने जैसे लाभ होने का दावा किया गया था।

FSSAI ने कहा कि बच्चों के लिए दूध के ऑप्शन्स का यह प्रचार कथित तौर पर शिशु दूध विकल्प, आहार एवं शिशु आहार (उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 1992 का उल्लंघन करता है। इस कानून में 2003 में संशोधन किया गया था। FSSAI के मुताबिक, यह प्रचार शिशु पोषण के लिए खाद्य पदार्थों से संबंधित खाद्य सुरक्षा एवं मानक (एफएसएस) विनियम, 2020 के तहत विज्ञापन, मार्केटिंग और प्रचार संबंधी प्रावधानों का भी कथित उल्लंघन करता है। FSSAI ने पांचों पक्षों को नोटिस जारी कर पूछा है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। उन्हें निर्धारित समयसीमा के भीतर अपना जवाब देने को कहा गया है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
PTI इनपुट के साथ

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