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  1. शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 1247 अंक गिरकर बंद, जानिए बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के 4 बड़े कारण

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शेयर बाजार में कोहराम, सेंसेक्स 1247 अंक गिरकर बंद, जानिए बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के 4 बड़े कारण

विकास तिवारी

3 min read | अपडेटेड September 24, 2026, 15:46 IST

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में 24 सितंबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1247.71 प्वाइंट गिरकर 73,580.54 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 383.69 प्वाइंट टूटकर 23,063.10 के लेवल पर आ गया।

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गिरावट के साथ बाजार ने बंद किया कारोबार। | Image: Shutterstock

भारतीय शेयर बाजार में 24 सितंबर के कारोबारी सेशन में हाहाकार मच गया। बाजार की शुरुआत से ही बिकवाली का दबाव बना हुआ था, जो दिन का खेल खत्म होने तक और गहरा गया। चौतरफा बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक बड़े नुकसान के साथ बंद हुए। वैश्विक बाजारों से मिले निराशाजनक संकेतों और घरेलू स्तर पर इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़ी खबरों ने निवेशकों की धारणा को बुरी तरह प्रभावित किया। इससे बाजार के सभी प्रमुख सेक्टोरल इंडेक्स में भारी सुस्ती देखी गई।

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कारोबार खत्म होने पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 1247.71 प्वाइंट यानी 1.67% की भारी गिरावट के साथ 73,580.54 के लेवल पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 383.69 प्वाइंट यानी 1.64% का गोता लगाकर 23,063.10 के स्तर पर क्लोज हुआ। इस बड़ी गिरावट के चलते शेयर बाजार में निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।

क्यों टूटा बाजार?

बाजार में इस क्रैश का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 0.25 फीसदी की बढ़ोतरी करना रहा। ब्याज दरें बढ़ाने के साथ ही फेड चेयरमैन केविन वॉर्श और अन्य अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका में महंगाई को 2 फीसदी के लक्ष्य पर लाने के लिए आने वाले समय में दरें और बढ़ाई जा सकती हैं। इसके अलावा अमेरिका में 10 साल की ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड उछलकर 19 साल के उच्चतम स्तर 5.11 फीसदी पर पहुंच गई, जो 2007 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। बॉन्ड यील्ड बढ़ने से विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार जैसे रिस्की एसेट्स से पैसा निकालकर अमेरिकी सरकारी बॉन्ड में लगाना शुरू कर दिया।

कच्चे तेल यानी ब्रेंट क्रूड की कीमतों में आई तेजी ने भी बाजार का मूड बिगाड़ दिया। ब्रेंट क्रूड ऑयल का भाव 102.31 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार जारी है। संयुक्त राष्ट्र की बैठक में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने अमेरिका और इजराइल पर दुनिया में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि ईरान आखिरी सांस तक मुकाबला करेगा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से भारत के इंपोर्ट बिल पर असर पड़ता है और कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बनता है।

घरेलू मोर्चे पर बीमा नियामक आईआरडीएआई द्वारा इंश्योरेंस की बिक्री और डिस्ट्रीब्यूशन व्यवस्था में बड़े बदलाव के प्रस्ताव से बिकवाली का दौर तेज हो गया। इस खबर के आते ही पीबी फिनटेक जैसे ऑनलाइन एग्रीगेटर्स और फिनटेक कंपनियों के शेयर्स में बड़ी गिरावट आई। इसके साथ ही लाइफ इंश्योरेंस कंपनियों और एचडीएफसी बैंक तथा एक्सिस बैंक जैसे बड़े बैंकिंग शेयर्स में भी भारी बिकवाली का दबाव देखा गया।

सेक्टोरल इंडेक्स में दिखी चौतरफा बिकवाली

सेक्टोरल परफॉर्मेंस की बात करें तो निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स 2.08% टूट गया। निफ्टी मेटल में 1.94%, निफ्टी ऑटो में 1.58% और निफ्टी पीएसयू बैंक में 1.12% की गिरावट रही। निफ्टी FMCG भी 1.08% फिसल गया। इसके अलावा निफ्टी आईटी में 0.44%, निफ्टी फार्मा में 0.46% और निफ्टी मीडिया में 0.72% का नुकसान दर्ज किया गया। ब्रॉडर मार्केट में भी बिकवाली रही, जिससे निफ्टी स्मॉलकैप 500 इंडेक्स 1.34% और निफ्टी मिडस्मॉलकैप 400 इंडेक्स 1.68% गिरकर बंद हुआ।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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