मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड January 22, 2026, 10:52 IST
सारांश
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज आईपीओ के तीसरे दिन सुबह तक इसे 0.65 गुना सब्सक्राइब किया गया है। रिटेल कैटेगरी में अच्छा रिस्पॉन्स मिला है, लेकिन क्यूआईबी और एनआईआई में सुस्ती है। कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) भी काफी कम नजर आ रहा है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय हो सकता है।

शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज के आईपीओ में सुस्ती देखी जा रही है।
लॉजिस्टिक्स सेक्टर की बड़ी कंपनी शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का आईपीओ (IPO) आज यानी 22 जनवरी 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए बंद होने जा रहा है। तीसरे दिन सुबह 10 बजकर 4 मिनट तक के आंकड़ों के अनुसार, इस सार्वजनिक निर्गम (पब्लिक इश्यू) को कुल 0.65 गुना सब्सक्राइब किया गया है। हालांकि अलग-अलग कैटेगरी में निवेशकों का उत्साह अलग नजर आ रहा है। रिटेल निवेशकों ने इस आईपीओ में अच्छी दिलचस्पी दिखाई है और उनकी कैटेगरी 1.81 गुना सब्सक्राइब हो चुकी है। वहीं दूसरी तरफ संस्थागत और बड़े निवेशकों का रिस्पॉन्स अब भी काफी धीमा बना हुआ है।
आंकड़ों पर गौर करें तो क्यूआईबी (QIB) हिस्से को अब तक केवल 0.40 गुना और एनआईआई (NII) कैटेगरी को महज 0.36 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। जानकारों का मानना है कि बड़े निवेशक अक्सर आखिरी घंटों में बोली लगाते हैं, इसलिए दोपहर बाद इन आंकड़ों में बदलाव की उम्मीद है। ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) की बात करें तो कंपनी के लिए यहां से संकेत बहुत उत्साहजनक नहीं मिल रहे हैं। ताजा अपडेट के अनुसार, शैडोफैक्स का जीएमपी केवल 1 रुपये चल रहा है। कंपनी का प्राइस बैंड 124 रुपये तय किया गया है, जिसके आधार पर अनुमानित लिस्टिंग प्राइस 125 रुपये हो सकता है। इसका मतलब है कि निवेशकों को प्रति शेयर महज 0.81 प्रतिशत का लिस्टिंग गेन मिलने का अनुमान है।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज साल 2015 में स्थापित हुई थी और यह भारत की एक प्रमुख थर्ड पार्टी लॉजिस्टिक्स कंपनी है। कंपनी एक 'एसेट-लाइट' मॉडल पर काम करती है, जिसका मतलब है कि यह खुद के वाहन रखने के बजाय डिलीवरी पार्टनर्स के एक विशाल नेटवर्क का इस्तेमाल करती है। वर्तमान में कंपनी का नेटवर्क भारत के 14,000 से अधिक पिन कोड्स और 2,300 से ज्यादा शहरों में फैला हुआ है। इसके पास 1.25 लाख से अधिक सक्रिय डिलीवरी पार्टनर्स हैं। शैडोफैक्स मुख्य रूप से ई-कॉमर्स डिलीवरी, क्विक कॉमर्स (10-30 मिनट में डिलीवरी) और रिवर्स लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाएं देती है। इसके ग्राहकों की सूची में फ्लिपकार्ट, मीशो और जेप्टो जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
कंपनी की कमाई और वित्तीय सेहत में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी का कुल रेवेन्यू 2,485.10 करोड़ रुपये रहा, जो साल दर साल 32.5 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रहा है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनी अब घाटे से उभरकर मुनाफे में आ गई है। जहां वित्त वर्ष 2023 में कंपनी को 142.60 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था, वहीं वित्त वर्ष 2025 में इसने 6.40 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ दर्ज किया है। वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही (H1FY26) में भी कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा है और इसका शुद्ध लाभ बढ़कर 21 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि, लॉजिस्टिक्स सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा और कम मार्जिन के कारण निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख
What is the Nifty NBFC Index? Constituents, Historical Performance, and Selection Criteria
What Is the BSE Saatvik 100 Index?
What is the Nifty Capital Goods Index? Constituents, Historical Performance, and Selection Criteria
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs