मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड January 22, 2026, 10:25 IST
सारांश
जोमैटो और ब्लिंकिट की मूल कंपनी ईटर्नल (Eternal) के शेयरों में आज जबरदस्त तेजी देखी जा रही है। कंपनी ने तीसरी तिमाही में 72.88 प्रतिशत का जोरदार मुनाफा दर्ज किया है। साथ ही ब्लिंकिट पहली बार मुनाफे में आ गया है और नेतृत्व में बड़े बदलाव का ऐलान किया गया है।

कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 102 करोड़ रुपये हो गया है।
फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स की कंपनी ईटर्नल (पूर्व में जोमैटो) के शेयरों में गुरुवार को जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। बुधवार को बाजार बंद होने के बाद कंपनी द्वारा घोषित शानदार तिमाही नतीजों के कारण आज शुरुआती कारोबार में ही ईटर्नल का स्टॉक एनएसई (NSE) पर 7.58 प्रतिशत उछलकर 305 रुपये के लेवल पर पहुंच गया। निवेशकों का उत्साह कंपनी के मुनाफे में हुई भारी बढ़ोतरी और ब्लिंकिट (Blinkit) जैसे व्यवसायों के पहली बार मुनाफे में आने से बढ़ा है। इसके साथ ही कंपनी के नेतृत्व में हुए बड़े बदलावों को भी बाजार ने सकारात्मक रूप से लिया है।
जोमैटो और ब्लिंकिट की पैरेंट कंपनी ईटर्नल ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के लिए 102 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड शुद्ध लाभ दर्ज किया है। पिछले साल की समान अवधि में कंपनी का मुनाफा 59 करोड़ रुपये था, यानी इस बार लाभ में 72.88 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रेवेन्यू के मोर्चे पर भी कंपनी ने शानदार प्रदर्शन किया है, जिसमें ब्लिंकिट का योगदान कई गुना बढ़कर 12,256 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी के CFO अक्षत गोयल के अनुसार, ब्लिंकिट और हाइपरप्योर व्यवसायों ने पहली बार 'एडजस्टेड एबिटडा' के लेवल पर मुनाफा कमाया है।
नतीजों के साथ ही ईटर्नल के बोर्ड ने एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव भी किया है। दीपेंद्र गोयल ने 1 फरवरी से कंपनी के निदेशक, एमडी और सीईओ के पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है। हालांकि, वे अगले पांच वर्षों के लिए बोर्ड में वाइस चेयरमैन और निदेशक के रूप में अपनी सेवाएं जारी रखेंगे। दीपेंद्र गोयल की जगह अब ब्लिंकिट के वर्तमान सीईओ अलबिंदर सिंह ढींढसा को ईटर्नल का नया सीईओ नियुक्त किया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि नेतृत्व का यह हस्तांतरण कंपनी के भविष्य के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
हालांकि कंपनी के कोर बिजनेस में तेजी है, लेकिन इसके 'बिजनेस डिस्ट्रिक्ट' (टिकटिंग और डाइनिंग आउट सेवाएं) के घाटे में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का कहना है कि नई कैटेगरी में निवेश के कारण ऐसा हुआ है, लेकिन अगले 4 से 6 तिमाहियों में यह घाटा कम होकर ब्रेक-ईवन के लेवल पर आने की उम्मीद है। निवेश के कारण कंपनी का कैश बैलेंस भी थोड़ा घटकर 17,820 करोड़ रुपये रह गया है। इसके बावजूद, जेफरीज और सीएलएसए जैसी वैश्विक निवेश फर्मों ने ईटर्नल के प्रदर्शन की सराहना की है और ब्लिंकिट के मुनाफे में आने को कंपनी की मजबूती का प्रमाण बताया है।
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि फूड डिलीवरी में स्थिरता और क्विक कॉमर्स में उम्मीद से बेहतर मुनाफे ने ईटर्नल को एक नई ऊंचाई पर खड़ा कर दिया है। एचएसबीसी (HSBC) ने ईटर्नल के प्रदर्शन पर खुशी जाहिर करते हुए इससे सालाना 15-20 प्रतिशत रिटर्न की उम्मीद जताई है। हालांकि, नोमुरा (Nomura) ने सलाह दी है कि संगठनात्मक बदलावों और क्विक कॉमर्स की लाभप्रदता पर करीबी नजर रखने की जरूरत है। जानकारों के अनुसार, अलबिंदर ढींढसा को कमान सौंपना एक ऐसा कदम है जो यह दिखाता है कि कंपनी अब पूरी तरह से ब्लिंकिट जैसी आधुनिक सेवाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
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