मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड June 29, 2026, 10:51 IST
सारांश
भारतीय शेयर बाजार में 29 जून को शुरुआती गिरावट के बाद अच्छी रिकवरी देखने को मिली। सेंसेक्स अपने निचले स्तर से करीब 250 पॉइंट सुधरा, वहीं निफ्टी ने भी 24,050 का लेवल फिर से पार कर लिया। अमेरिका-ईरान तनाव में कमी और फार्मा सेक्टर के शेयरों में आई जोरदार तेजी ने बाजार को सहारा दिया।

शुरुआती कमजोरी के बाद भारतीय शेयर बाजार में लौटी रौनक | Image: Shutterstock
भारतीय शेयर बाजार में आज के कारोबारी दिन की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई थी, लेकिन बहुत जल्द मार्केट ने अपनी शुरुआती गिरावट को पूरी तरह से खत्म कर दिया। सुबह के कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी निचले स्तरों से सुधरकर बिल्कुल फ्लैट लेवल पर ट्रेड करने लगे। बाजार में आई इस रिकवरी के दौरान सेंसेक्स अपने दिन के निचले स्तर से करीब 250 पॉइंट तक ऊपर चढ़ गया, जबकि निफ्टी ने एक बार फिर से 24,050 के महत्वपूर्ण आंकड़े को पार कर लिया। बाजार के इस यू-टर्न के पीछे अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध के टलने की खबरें और घरेलू बाजार में संस्थागत निवेशकों की तरफ से हो रही खरीदारी जैसे कई बड़े कारण शामिल हैं।
इस दौरान बाजार में कुल 1513 शेयरों में तेजी देखने को मिल रही थी, जबकि 1920 शेयरों में गिरावट का रुख बना हुआ था और 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। अगर बड़े बाजार इंडेक्स की बात करें, तो निफ्टी मिडकैप 50 को छोड़कर बाकी सभी इंडेक्स सुबह के समय दबाव में थे। सभी स्मॉलकैप इंडेक्स में भी करीब 0.6 से 0.7 पर्सेंट तक की कमजोरी देखी जा रही थी।
आज के कारोबार में अलग-अलग सेक्टर्स का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। इसमें फार्मा यानी दवा बनाने वाली कंपनियों के शेयरों ने सबसे शानदार प्रदर्शन किया और निफ्टी फार्मा इंडेक्स सबसे ज्यादा मुनाफे में रहा। इसके उलट एनर्जी सेक्टर के शेयरों का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल कंपनियों में से डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज का शेयर करीब 4 पर्सेंट की मजबूती के साथ सबसे बड़ा गैनर साबित हुआ। इसके अलावा मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट और सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज जैसी दिग्गज फार्मा कंपनियों के शेयर भी लगभग 2-2 पर्सेंट तक ऊपर चढ़ गए। श्रीराम फाइनेंस और ट्रेंट के शेयरों में भी करीब 2 पर्सेंट की तेजी दर्ज की गई। वहीं निफ्टी 500 इंडेक्स में जायडस वेलनेस का शेयर 4 पर्सेंट से ज्यादा चढ़कर सबसे आगे रहा।
तेजी के बीच कुछ ऐसे भी शेयर रहे जिनमें आज भारी बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी 50 इंडेक्स में कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर करीब 3 पर्सेंट की गिरावट के साथ सबसे ज्यादा टूटने वाला स्टॉक रहा। इसके अलावा निफ्टी 200 और निफ्टी 500 दोनों ही इंडेक्स में पर्सिस्टेंट सिस्टम्स के शेयर में सबसे बड़ी गिरावट आई और यह 8 पर्सेंट से भी ज्यादा नीचे गिर गया। इसी तरह एस्ट्रल और जीई वर्नोवा टीएंडडी इंडिया के शेयरों में भी 6 से 7 पर्सेंट से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई, जिससे इन स्टॉक्स के निवेशकों को सुबह के समय नुकसान उठाना पड़ा।
बाजार में आई इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते युद्ध के खतरे का कम होना है। पिछले हफ्ते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक कार्गो शिप पर ईरानी मिसाइल या गोले के हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था और दोनों तरफ से जवाबी हमले किए गए थे। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे पर अंतरिम सीजफायर के उल्लंघन का आरोप भी लगाया था, जिससे निवेशक कच्चे तेल की कीमतों को लेकर डरे हुए थे। लेकिन अब दोनों देशों के बीच बातचीत और कूटनीतिक कोशिशें फिर से शुरू होने की खबरों ने निवेशकों को बड़ी राहत दी है, जिससे बाजार का मूड सुधरा है और कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव कम हुआ है।
बाजार को सहारा देने में विदेशी और घरेलू निवेशकों का भी बड़ा हाथ रहा है। पिछले शुक्रवार को विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई ने भारतीय बाजार में 384 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 5,748 करोड़ रुपये का भारी निवेश किया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि पिछले नौ दिनों से विदेशी निवेशक लगातार छोटी रकम में खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि, भारतीय बाजार के सामने इस समय सबसे बड़ी चिंता मानसून में चल रही 43 पर्सेंट की बड़ी कमी है।
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