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  1. SBI का सितंबर तिमाही में इस खास वजह से 14% बढ़ा मुनाफा? NII में भी 15% की बढ़ोतरी, कैसे रहे नतीजे?

मार्केट न्यूज़

SBI का सितंबर तिमाही में इस खास वजह से 14% बढ़ा मुनाफा? NII में भी 15% की बढ़ोतरी, कैसे रहे नतीजे?

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड November 03, 2026, 14:28 IST

सारांश

SBI की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 14.7% बढ़कर 49,143 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 42,847 करोड़ रुपये थी। नतीजों के बीच SBI के शेयरों में 0.31 फीसदी की मामूली गिरावट नजर आई और यह स्टॉक BSE पर 983.95 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा है।

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SBI का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (Operating Profit) 1.4% घटकर 26,937 करोड़ रुपये रह गया।

SBI Q2 Results: भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने आज 03 नवंबर को FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजों का ऐलान कर दिया है। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने ₹23,037.95 करोड़ का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि के ₹20,159.67 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले 14.3% की सालाना बढ़ोतरी है। बैंक के मुनाफे में यह बढ़ोतरी एक खास वजह से हुई। SBI ने अपनी सहयोगी कंपनी SBI Funds Management Limited में 6.30% हिस्सेदारी बेचकर 7,288 करोड़ रुपये की एकमुश्त कमाई की है। नतीजों के बीच SBI के शेयरों में 0.31 फीसदी की मामूली गिरावट नजर आई और यह स्टॉक BSE पर 983.95 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा था। इसका मार्केट कैप 9.03 लाख करोड़ रुपये है।
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इस वजह से बढ़ा नेट प्रॉफिट

SBI ने अपनी सहयोगी कंपनी SBI Funds Management Limited में 6.30% हिस्सेदारी बेचकर 7,288 करोड़ रुपये की एकमुश्त कमाई की। इस हिस्सेदारी की बिक्री के बाद SBI की इस कंपनी में हिस्सेदारी घटकर 55.56% रह गई। अगर इस एकमुश्त कमाई को हटा दिया जाए, तो SBI का वास्तविक मुनाफा 15,750 करोड़ रुपये रहा। यह बाजार के 22,619 करोड़ रुपये के अनुमान से काफी कम है। यानी मुनाफे में दिख रही बढ़ोतरी के बावजूद बैंक का सामान्य कारोबार से होने वाला मुनाफा उम्मीद से कमजोर रहा।

NII में 15% की बढ़ोतरी

SBI की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 14.7% बढ़कर 49,143 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 42,847 करोड़ रुपये थी। इसका घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सालाना 3 bps बढ़कर 3.08% से 3.11% हो गया। सितंबर तिमाही के दौरान SBI की एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ है। इसका ग्रॉस NPA 1.39 परसेंट रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 1.47 परसेंट था। नेट NPA की बात करें तो यह 0.36% रहा, जबकि पिछली तिमाही में यह 0.38% था।

तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 1.4% घटकर 26,937 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान अवधि में 27,311 करोड़ रुपये था। इसके अलावा एक्सेप्शनल गेन 7,289 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल यह 4,593 करोड़ रुपये था। दूसरी तरफ, बैंक को खराब कर्ज के लिए कम प्रावधान करना पड़ा। सितंबर तिमाही में प्रोविजन घटकर 4,217 करोड़ रुपये रह गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 5,400 करोड़ रुपये था। पिछली तिमाही में यह 5,047 करोड़ रुपये था।

इसके अलावा, बैंक का स्लिपेज रेशियो 0.50% रहा, जबकि घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.11% दर्ज किया गया। NIM से पता चलता है कि बैंक अपने ब्याज से होने वाली कमाई पर कितना मार्जिन कमा रहा है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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