मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड March 13, 2026, 09:16 IST
सारांश
एनएचएआई द्वारा प्रायोजित राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) का आईपीओ आज बंद होने जा रहा है। दूसरे दिन तक यह इश्यू 0.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें रिटेल और संस्थागत निवेशकों के पास निवेश का अंतिम मौका है। कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल हाईवे प्रोजेक्ट्स के विस्तार और कर्ज चुकाने में करेगी।

इस आईपीओ में आज निवेश का है आखिरी मौका
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा प्रायोजित राजमार्ग इंफ्रा इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (InvIT) का आईपीओ आज यानी 13 मार्च 2026 को बंद होने जा रहा है। अगर आप इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपके पास आज शाम तक का समय है। इस आईपीओ का साइज 6,000 करोड़ रुपये है और यह पूरी तरह से एक फ्रेश इश्यू है। इसका मतलब है कि आईपीओ से मिलने वाला सारा पैसा सीधे कंपनी के पास जाएगा और वह इसका इस्तेमाल अपने बिजनेस को बढ़ाने में करेगी। कंपनी ने इस आईपीओ के लिए 99 से 100 रुपये प्रति यूनिट का प्राइस बैंड तय किया है।
इस आईपीओ को लेकर निवेशकों का रिस्पॉन्स अब तक मिला-जुला रहा है। 12 मार्च की शाम 5 बजे तक यह कुल 0.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था। आंकड़ों के मुताबिक, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) कैटेगरी में इसे 0.20 गुना और नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) कैटेगरी में 0.55 गुना सब्सक्राइब किया गया है। रिटेल निवेशकों के लिए भी इसमें अच्छा कोटा रखा गया है।
निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि कंपनी इतने भारी-भरकम फंड का इस्तेमाल कहां करने वाली है। राजमार्ग इंफ्रा ने स्पष्ट किया है कि आईपीओ से मिलने वाले करीब 5,850 करोड़ रुपये का इस्तेमाल प्रोजेक्ट एसपीवी (Project SPV) में कर्ज और इक्विटी के रूप में निवेश करने के लिए किया जाएगा। यह पैसा प्रोजेक्ट एसपीवी द्वारा एनएचएआई को कंसेशन वैल्यू के भुगतान के लिए इस्तेमाल होगा। इसके अलावा, बाकी बची हुई राशि का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
राजमार्ग इंफ्रा इनविट के पास फिलहाल पांच बड़े टोल रोड प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो है। ये प्रोजेक्ट्स झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक जैसे राज्यों में फैले हुए हैं और इनकी कुल लंबाई करीब 260 किलोमीटर है। ये सभी सड़कें गोल्डन क्वाड्रिलैटरल नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो भारत के प्रमुख आर्थिक गलियारों को जोड़ती हैं। टोल कलेक्शन से होने वाली कमाई ही कंपनी के रेवेन्यू का मुख्य जरिया है। भविष्य में कंपनी का प्लान करीब 1,500 किलोमीटर के अतिरिक्त हाईवे एसेट्स को अपने साथ जोड़ने का है, जिससे आने वाले समय में इसके मुनाफे और कैश फ्लो में और भी मजबूती आने की संभावना है।
ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) की बात करें तो फिलहाल इसमें कोई बड़ी हलचल नहीं देखी जा रही है। जानकारों के मुताबिक, इसका जीएमपी फिलहाल स्थिर है, जिसका मतलब है कि इसकी लिस्टिंग इश्यू प्राइस के आसपास ही हो सकती है। हालांकि, शेयर बाजार की चाल और आखिरी दिन के सब्सक्रिप्शन का असर लिस्टिंग पर पड़ सकता है। इस आईपीओ के यूनिट्स की लिस्टिंग 24 मार्च 2026 को होने की संभावना है।
**(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।) **
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