पर्सनल फाइनेंस
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3 min read | अपडेटेड March 12, 2026, 11:14 IST
सारांश
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में पेंशन को लेकर अहम जानकारी साझा की है। सरकार ने बताया कि देश में करीब 50.14 लाख केंद्रीय कर्मचारी हैं। पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) के तहत लगभग 69 लाख पेंशनर्स हैं, जबकि नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में 49,802 पेंशनर्स शामिल हैं। सरकार ने पेंशन सुधारों और डिजिटलाइजेशन पर भी ताजा अपडेट दिया है।

पेंशन को लेकर सरकार ने जानकारी दी है।
संसद में पेंशन के मुद्दे पर सरकार ने अपनी स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में वित्त मंत्रालय ने बताया कि देश में कितने लोग पुरानी और नई पेंशन स्कीम का फायदा ले रहे हैं। इसके साथ ही सरकार ने पेंशन सिस्टम को और भी पारदर्शी और आसान बनाने के लिए उठाए गए नए कदमों की जानकारी दी है। इस रिपोर्ट में सरकार ने उन सुधारों का भी जिक्र किया है जो कर्मचारियों के रिटायरमेंट के बाद के जीवन को सुरक्षित बनाने के लिए किए गए हैं।
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, मौजूदा समय में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की कुल संख्या लगभग 50.14 लाख है। पेंशन पाने वालों की बात करें तो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत 31 जनवरी 2026 तक 49,802 पेंशनर्स रजिस्टर्ड हैं। वहीं पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) का फायदा लेने वालों की संख्या काफी ज्यादा है। 8 दिसंबर 2025 के आंकड़ों के हिसाब से करीब 69 लाख लोग पुरानी पेंशन स्कीम के तहत पेंशन पा रहे हैं। ये आंकड़े बताते हैं कि अभी भी एक बड़ा हिस्सा पुरानी पेंशन व्यवस्था से जुड़ा हुआ है।
पेंशन मिलने में होने वाली देरी पर सरकार ने साफ कहा कि नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत पेंशन फंड रेगुलेटरी और डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) को मासिक पेंशन के भुगतान में देरी का कोई भी मामला ग्राहकों की तरफ से नहीं मिला है। वहीं, कई राज्यों द्वारा फिर से पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने की मांग पर सरकार ने कहा कि यह पूरी तरह से राज्यों के विवेक और उनकी पॉलिसी पर निर्भर करता है। हालांकि, सरकार ने यह भी बताया कि कैग (CAG) ने अपनी ऑडिट रिपोर्ट में इस बात का जिक्र किया है कि पुरानी पेंशन पर वापस लौटने से राज्यों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
केंद्र सरकार ने 1 जनवरी 2004 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों (सशस्त्र बलों को छोड़कर) के लिए NPS लागू किया था। कर्मचारियों के पेंशन से जुड़े फायदों को और बेहतर बनाने के लिए एक कमेटी बनाई गई थी। इसी कमेटी की सलाह और चर्चा के आधार पर अब नेशनल पेंशन सिस्टम के तहत 'यूनिफाइड पेंशन स्कीम' (UPS) का विकल्प पेश किया गया है। इसका मुख्य मकसद केंद्रीय कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद एक तयशुदा फायदा देना है ताकि उनका फ्यूचर सुरक्षित रह सके। यह कर्मचारियों को एक नया और बेहतर विकल्प देने की कोशिश है।
पेंशनर्स की भलाई के लिए सरकार ने डिजिटलाइजेशन पर काफी जोर दिया है। एक नया सिंगल सरलीकृत पेंशन आवेदन फॉर्म पेश किया गया है। इसके लिए 'भविष्य' नाम का एक सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर बनाया गया है, जो सभी केंद्रीय सिविल मंत्रालयों और विभागों के लिए अनिवार्य है। अब डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा करना भी बहुत आसान हो गया है। NPS से पैसा निकालने और एन्युइटी की पूरी प्रक्रिया अब डिजिटल है, जिसमें ग्राहकों को ईमेल और एसएमएस के जरिए हर अपडेट की जानकारी दी जाती है।
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