मार्केट न्यूज़
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4 min read | अपडेटेड January 15, 2026, 10:38 IST
सारांश
दिसंबर 2025 की तिमाही में सरकारी बैंकों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। इंडियन ओवरसीज बैंक का मुनाफा 56 प्रतिशत बढ़ा है, जबकि यूनियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की आय में भी अच्छी बढ़ोतरी हुई है। इन बैंकों के फंसे हुए कर्ज में कमी आई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और भी बेहतर हुई है।
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तीसरी तिमाही के नतीजों में सरकारी बैंकों के मुनाफे में बड़ा उछाल देखा गया।
वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजों का दौर अब पूरी तरह से शुरू हो चुका है। हालांकि कई बड़ी कंपनियों के नतीजे अभी आने बाकी हैं, लेकिन कुछ सरकारी बैंकों ने अपने प्रदर्शन से बाजार को चौंका दिया है। इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने अपने दिसंबर 2025 की तिमाही के आंकड़े जारी कर दिए हैं। इन नतीजों से पता चलता है कि सरकारी बैंकों की सेहत में बड़ा सुधार हो रहा है और उनके मुनाफे में अच्छी बढ़त देखी जा रही है।
चेन्नई के इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने इस तिमाही में कमाल कर दिया है। बैंक का शुद्ध मुनाफा 56.2 प्रतिशत बढ़कर 1,365 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी समय बैंक का मुनाफा 874 करोड़ रुपये था। बैंक की कुल आय भी बढ़कर 9,672 करोड़ रुपये हो गई है। आईओबी की इस कामयाबी के पीछे मुख्य कारण उसके फंसे हुए कर्ज में आई कमी है। बैंक का ग्रॉस एनपीए, जो कि बैंक के कुल खराब कर्ज को दर्शाता है, वह पिछले साल के 2.55 प्रतिशत से घटकर अब केवल 1.54 प्रतिशत रह गया है। वहीं नेट एनपीए भी घटकर 0.24 प्रतिशत पर आ गया है। बैंक का कुल कारोबार अब बढ़कर 6.44 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने भी मुनाफे में 9.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है और यह 5,073 करोड़ रुपये रहा है। बैंक के मुनाफे में इस उछाल की बड़ी वजह प्रोविजनिंग में आई भारी कमी है। प्रोविजनिंग वह पैसा होता है जो बैंक संभावित नुकसान के लिए अलग रखते हैं। बैंक के सीईओ आशीष पांडे ने बताया कि बैंक अब केवल बिजनेस बढ़ाने के पीछे नहीं भाग रहा है, बल्कि उसका पूरा ध्यान मुनाफे पर है। बैंक ने बड़ी जमा राशियों को कम किया है ताकि वह अपनी कमाई को अधिक कुशल बना सके। यूनियन बैंक का ग्रॉस एनपीए अनुपात भी सुधरकर 3.06 प्रतिशत पर आ गया है, जो पिछली तिमाही में 3.29 प्रतिशत था।
पुणे के बैंक ऑफ महाराष्ट्र (BoM) ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने मुनाफे में 26.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है। बैंक का शुद्ध मुनाफा अब 1,779 करोड़ रुपये हो गया है। बैंक की ब्याज से होने वाली आय भी बढ़कर 7,344 करोड़ रुपये रही है। अच्छे नतीजों को देखते हुए बैंक के बोर्ड ने अपने शेयरधारकों के लिए 10 प्रतिशत के अंतरिम डिविडेंड यानी 1 रुपये प्रति शेयर देने का फैसला किया है। बैंक के एमडी निधु सक्सेना ने बताया कि बैंक अपने फंसे हुए कर्जों को लगातार कम करने में सफल रहा है। बैंक का नेट एनपीए अब कम होकर सिर्फ 0.15 प्रतिशत रह गया है, जो इसकी मजबूती को दिखाता है।
साल 2025 में बैंकों ने कई मुश्किलों का सामना किया था, लेकिन 2026 स्थिरता और सुधार का साल रहने वाला है। बैंकिंग सेक्टर के जानकारों के अनुसार, अब बैंकों की संपत्ति की गुणवत्ता और मुनाफे में और भी सुधार देखने को मिलेगा। डिजिटल तकनीक को अपनाने और नियमों के कड़े होने से बैंकों के साथ-साथ बीमा क्षेत्र में भी तेजी आने की उम्मीद है। सरकारी बैंकों ने जिस तरह से अपने एनपीए को कम किया है और अपनी पूंजी को सुरक्षित रखा है, उससे आने वाले समय में निवेशकों का भरोसा इन पर और बढ़ेगा। कुल मिलाकर यह तिमाही बैंकिंग सेक्टर के लिए नई उम्मीदें लेकर आई है।
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