मार्केट न्यूज़

4 min read | अपडेटेड December 26, 2025, 13:46 IST
सारांश
वैश्विक बाजार में प्लैटिनम निवेशकों के लिए जैकपॉट साबित हुआ है। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, प्लैटिनम ने पिछले एक साल में 165.62% का छप्परफाड़ रिटर्न दिया है, जो सोने और चांदी के मुकाबले काफी अधिक है। ऑटोमोटिव और औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती मांग ने इसकी कीमतों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है।

ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में प्लैटिनम की चमक ने सोने और चांदी को भी पीछे छोड़ दिया है।
ग्लोबल कमोडिटी मार्केट में इन दिनों एक खास धातु की चमक ने सबको हैरान कर दिया है। अगर आप अब तक केवल सोने और चांदी को ही निवेश का सबसे अच्छा विकल्प मानते थे, तो आपको प्लैटिनम के हालिया प्रदर्शन पर नजर डालनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय बाजार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्लैटिनम ने पिछले एक साल में निवेशकों को 165.62% का शानदार रिटर्न दिया है। यह प्रदर्शन न केवल सोने (72.28%) बल्कि चांदी (154.95%) के मुकाबले भी काफी बेहतर है। वैश्विक स्तर पर प्लैटिनम की बढ़ती मांग और इसकी दुर्लभता ने इसे निवेशकों की पहली पसंद बना दिया है। आज के समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्लैटिनम की कीमत 2440.40 डॉलर प्रति औंस के स्तर को छू रही है, जो पिछले बंद भाव से 7.93% (दोपहर 1 बजे तक का डेटा) की दैनिक बढ़त को भी दिखा है।
प्लैटिनम दुनिया की सबसे दुर्लभ धातुओं में से एक है, जिसका उत्पादन बेहद सीमित है। दुनिया भर में प्लैटिनम के कुल उत्पादन का लगभग 80% हिस्सा अकेले दक्षिण अफ्रीका से आता है, जिसके बाद रूस और उत्तरी अमेरिका का नंबर आता है। इस धातु की कमी और इसकी औद्योगिक उपयोगिता इसकी कीमतों में उछाल का सबसे बड़ा कारण है। प्लैटिनम का सबसे अधिक उपयोग ऑटोमोबाइल सेक्टर में 'कैटालिटिक कन्वर्टर्स' बनाने के लिए किया जाता है, जो गाड़ियों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करते हैं। इसके अलावा पेट्रोलियम रिफाइनरियों, केमिकल इंडस्ट्री और इलेक्ट्रिकल सेक्टर में भी इसकी भारी मांग रहती है। औद्योगिक मांग और निवेश के रूप में बढ़ती लोकप्रियता ने इसकी कीमतों को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।
बाजार के आंकड़ों को देखें तो प्लैटिनम और चांदी के बीच रिटर्न देने की होड़ मची हुई है। जहां चांदी ने एक साल में 154.95% का रिटर्न देकर निवेशकों को खुश किया है, वहीं प्लैटिनम 165.62% के साथ उससे भी एक कदम आगे निकल गया है। चांदी की मांग फोटोग्राफी, ज्वेलरी और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों में बहुत अधिक है, जबकि प्लैटिनम अपनी औद्योगिक विशिष्टता के कारण महंगा बना हुआ है। पिछले एक महीने के आंकड़ों पर गौर करें तो प्लैटिनम ने 50.88% की बढ़त दर्ज की है, जबकि इसी अवधि में चांदी का रिटर्न 40.03% रहा है। इन दोनों धातुओं ने सोने के मुकाबले कहीं अधिक तेजी दिखाई है, जिससे निवेशकों का ध्यान अब पारंपरिक सोने से हटकर इन धातुओं की ओर जा रहा है।
प्लैटिनम की ट्रेडिंग मुख्य रूप से न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (NYMEX), टोक्यो कमोडिटी एक्सचेंज और लंदन बुलियन मार्केट में किया जाता है। इसके फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्) 50 ट्रॉय औंस की यूनिट में ट्रेड होते हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि प्लैटिनम की दुर्लभता इसे लंबे समय के लिए एक सुरक्षित निवेश बनाती है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये कीमतें ओवर-द-काउंटर (OTC) और सीएफडी (CFD) वित्तीय साधनों पर आधारित हैं, जो केवल संदर्भ के लिए हैं।
निवेशकों को बाजार में पैसा लगाने से पहले वैश्विक आर्थिक स्थितियों और औद्योगिक मांग का बारीकी से अध्ययन करना चाहिए। जिस तरह से प्लैटिनम ने एक साल में पैसे को ढाई गुना से ज्यादा कर दिया है, उसने कमोडिटी मार्केट में एक नई हलचल पैदा कर दी है। और हां, अगर आप एक भारतीय निवेशक हैं और आप MCX के जरिए प्लेटिंनम में ट्रेडिंग करने की सोच रहे हैं तो आपको ये बात नोट कर लेनी चाहिए कि अभी प्लेटिन में MCX पर ट्रेडिंग नहीं होती है। इसलिए आप भारतीय बाजार में निवेशक कर प्लेटिनम के रिटर्न का लाभ नहीं ले सकते हैं।
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