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4 min read | अपडेटेड May 20, 2026, 16:12 IST
सारांश
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली बड़ी कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने मार्च 2026 को समाप्त तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। इस चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर 500 करोड़ रुपए रह गया है। वहीं पूरे फाइनेंशियल ईयर के लिए कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़ा है।

ओला इलेक्ट्रिक ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की चौथी तिमाही के अपने नतीजे पेश किए हैं। | Image: olaelectric.com
देश की बड़ी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर निर्माता कंपनी ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी लिमिटेड ने बुधवार 20 मई 2026 को अपने चौथी तिमाही के वित्तीय नतीजों का एलान कर दिया है। कंपनी के बोर्ड ने बैठक में जनवरी से मार्च 2026 की तिमाही और पूरे फाइनेंशियल ईयर के ऑडिटेड कंसोलिडेटेड नतीजों को मंजूरी दी है। इस तिमाही के दौरान कंपनी के ऑपरेशनल परफॉर्मेंस में कुछ सुधार देखने को मिला है, जिसके चलते सालाना आधार पर कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस पहले के मुकाबले काफी कम हो गया है। हालांकि कंपनी को अब भी ऑपरेशन के स्तर पर घाटा उठाना पड़ रहा है, लेकिन घाटे के आंकड़ों में आई यह कमी निवेशकों के लिए एक राहत भरी खबर हो सकती है।
ओला इलेक्ट्रिक की तरफ से जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, मार्च 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस कम होकर 500 करोड़ रुपए रह गया है। अगर हम पिछले साल की इसी तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2025 के आंकड़ों को देखें, तो उस समय कंपनी को 870 करोड़ रुपए का भारी नेट लॉस हुआ था। इस तरह कंपनी ने सालाना आधार पर अपने नेट लॉस को कम करने में सफलता पाई है। वहीं अगर पिछली तिमाही यानी दिसंबर 2025 से इसकी तुलना करें, तो उस समय कंपनी का नेट लॉस 487 करोड़ रुपए दर्ज किया गया था।
कंपनी के रेवेन्यू के मोर्चे पर मिश्रित आंकड़े देखने को मिले हैं। मार्च 2026 की चौथी तिमाही में ओला इलेक्ट्रिक का ऑपरेशन से रेवेन्यू 265 करोड़ रुपए रहा है, जो पिछले साल की समान तिमाही के 611 करोड़ रुपए के मुकाबले कम है। लेकिन अगर पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की बात की जाए, तो कंपनी का कुल ऑपरेशन से रेवेन्यू बढ़कर 4,514 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है, जो इसके पिछले फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में सिर्फ 2,253 करोड़ रुपए था। चौथी तिमाही में कंपनी की कुल इनकम 304 करोड़ रुपए रही है। वहीं पूरे साल के लिए कंपनी की कुल इनकम 4,932 करोड़ रुपए दर्ज की गई है।
अगर हम बात करें कंपनी के कुल खर्चों और EBITDA की, तो मार्च 2026 की तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 546 करोड़ रुपए रहा है, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 1,306 करोड़ रुपए से काफी कम है। खर्चों में हुई इस कटौती के कारण कंपनी का EBITDA लॉस भी पहले से कम हुआ है। चौथी तिमाही में कंपनी को 242 करोड़ रुपए का EBITDA लॉस हुआ है, जो पिछले साल की समान तिमाही में 578 करोड़ रुपए था। पूरे फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए कंपनी का कुल EBITDA लॉस 785 करोड़ रुपए रहा है, जो पिछले साल के 1,321 करोड़ रुपए के मुकाबले काफी बेहतर है।
कंपनी केपने मैनेजमेंट ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि चालू फाइनेंशियल ईयर के दौरान कंपनी का ऑपरेशन से कैश फ्लो नेगेटिव 775 करोड़ रुपए रहा है, जो पिछले साल 2,391 करोड़ रुपए के स्तर पर था। कंपनी के कामकाज और फ्यूचर के प्लान को बेहतर बनाने के लिए मैनेजमेंट कई तरह के कदम उठा रहा है। कंपनी अपने बिजनेस का विस्तार करने, नए प्रोडक्ट लॉन्च करने और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को बढ़ाने पर लगातार फोकस कर रही है। लिक्विडिटी की स्थिति को और ज्यादा मजबूत करने के लिए ओला इलेक्ट्रिक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट यानी क्युआईपी के जरिए नया फंड जुटाने की प्रक्रिया में है और इसके लिए इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के साथ उनकी बातचीत चल रही है।
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