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NSE IPO: सितंबर में आ सकता है सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज का आईपीओ, ₹30,000 करोड़ हो सकता है इश्यू साइज

भारत की सबसे बड़ी हिंदी समाचार एजेंसियों में से एक।

3 min read | अपडेटेड July 06, 2026, 18:58 IST

सारांश

NSE IPO: अगर यह IPO तय योजना के अनुसार आता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया के अक्टूबर 2024 में आए 27,870 करोड़ रुपये के IPO से भी बड़ा होगा। यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

NSE IPO

NSE ने पहली बार 2016 में IPO के लिए आवेदन किया था।

देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का IPO सितंबर में लॉन्च हो सकता है। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इस IPO का साइज करीब 30000 करोड़ रुपये हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो यह भारत के सबसे बड़े IPO में शामिल होगा। इस इश्यू के जरिए NSE का वैल्यूएशन 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहने का अनुमान है। कंपनी जल्द ही IPO के लिए रोडशो भी शुरू करेगी।

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हुंडई मोटर इंडिया का टूट सकता है रिकॉर्ड

अगर यह IPO तय योजना के अनुसार आता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया के अक्टूबर 2024 में आए 27,870 करोड़ रुपये के IPO से भी बड़ा होगा। यह IPO पूरी तरह ऑफर फॉर सेल (OFS) होगा। यानी कंपनी नए शेयर जारी नहीं करेगी, बल्कि मौजूदा शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

कौन-कौन बेचेंगे अपनी हिस्सेदारी?

ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार, NSE IPO में करीब 14.89 करोड़ इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे, जो NSE की कुल इक्विटी का लगभग 6% है। एक्सचेंज के करीब 1.8 लाख शेयरधारक हैं। सबसे ज्यादा शेयर (SBI) बेचेगा, जो 2.48 करोड़ शेयर ऑफलोड करेगा। उसके बाद MS स्ट्रैटेजिक (मॉरीशस) लिमिटेड 1.60 करोड़ शेयर बेचेगा।

शेयर बेचने का प्रस्ताव रखने वाले अन्य शेयरधारकों में कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड, अरंडा इन्वेस्टमेंट्स (मॉरीशस) प्राइवेट लिमिटेड, बैंक ऑफ बड़ौदा, स्टॉक होल्डिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, द न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी, नेशनल इंश्योरेंस कंपनी और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी शामिल हैं। हालांकि, (LIC), जिसके पास NSE में 10.72% हिस्सेदारी है, इस IPO में अपने शेयर नहीं बेचेगी।

2016 से अटका था IPO

NSE ने पहली बार 2016 में IPO के लिए आवेदन किया था। उस समय कंपनी करीब 10,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती थी, लेकिन गवर्नेंस और को-लोकेशन मामले से जुड़ी चिंताओं के कारण (SEBI) ने मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद NSE ने गवर्नेंस और नियमों के पालन से जुड़े कई सुधार किए। इस साल फरवरी में NSE के बोर्ड ने IPO को मंजूरी दी, जिसके बाद SEBI से नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) भी मिल गया।

कैसा रहा कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन?

वित्त वर्ष 2025-26 में NSE का शुद्ध मुनाफा 15% घटकर 10,302 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 12,188 करोड़ रुपये था। वहीं कुल आय भी 19,177 करोड़ रुपये से घटकर 18,713 करोड़ रुपये रह गई। हालांकि, मार्च तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस दौरान शुद्ध मुनाफा 8% बढ़कर 2,871 करोड़ रुपये और कुल आय 22% बढ़कर 5,360 करोड़ रुपये हो गई।

जियो प्लेटफॉर्म्स भी ला सकती है बड़ा IPO

NSE के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स ने भी जून में SEBI के पास अपने IPO के लिए ड्राफ्ट दस्तावेज दाखिल किए हैं। माना जा रहा है कि यह भी भारतीय शेयर बाजार के इतिहास के सबसे बड़े IPO में से एक हो सकता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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