मार्केट न्यूज़

3 min read | अपडेटेड June 03, 2026, 12:03 IST
सारांश
आज सबसे ज्यादा गिरावट TCS और LTM के शेयरों में है और ये 7 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए हैं। इसके अलावा Coforge, Tech Mahindra और Persistent Systems के शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी है।

Nifty IT: HCL Tech भी 4 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया है।
आईटी सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 03 जून को बड़ी गिरावट नजर आ रही है। आज Nifty IT इंडेक्स 5.06 फीसदी लुढ़ककर 29541.75 के स्तर पर आ गया है। इसके पहले पिछले 3 कारोबारी दिनों में यह इंडेक्स 7.64 फीसदी उछल गया था। इसका मतलब है कि आज की गिरावट के साथ इंडेक्स ने अपनी बढ़त का बड़ा हिस्सा गंवा दिया। दरअसल, पिछले दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने इन शेयरों में प्रॉफिट बुक करना बेहतर समझा। आज इंडेक्स में शामिल सभी शेयर लाल निशान पर ट्रेड कर रहे थे।
आज सबसे ज्यादा गिरावट TCS और LTM के शेयरों में है और ये 7 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए हैं। इसके अलावा Coforge, Tech Mahindra और Persistent Systems के शेयरों में 5 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी है। HCL Tech भी 4 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गया है। Infosys में 3 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी है।
निवेशकों को उम्मीद थी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ता खर्च और अमेरिका में संभावित ब्याज दर कटौती से भारतीय आईटी कंपनियों को फायदा होगा। इसी उम्मीद में TCS, Infosys, Tech Mahindra और HCLTech जैसे शेयर तेजी से चढ़ गए थे। लेकिन जब शेयर कम समय में 5-10% तक बढ़ गए, तो कई निवेशकों ने मुनाफा निकालना शुरू कर दिया, जिससे आज भारी बिकवाली देखने को मिली।
हाल के महीनों में निवेशकों को चिंता थी कि AI के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक सॉफ्टवेयर और आउटसोर्सिंग बिजनेस प्रभावित हो सकता है। हालांकि अमेरिकी टेक कंपनियों के अच्छे नतीजों ने इन चिंताओं को कुछ हद तक कम किया और टेक शेयरों में तेजी आई। लेकिन इतनी तेज बढ़त के बाद बाजार में करेक्शन आना स्वाभाविक माना जा रहा है।
आईटी शेयरों पर एक और दबाव विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली का है। मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से ₹8,362 करोड़ से ज्यादा की निकासी की। चूंकि बड़े आईटी शेयरों में विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी काफी होती है, इसलिए उनकी बिकवाली का सीधा असर सेक्टर पर पड़ता है।
आईटी उद्योग में अभी भी यह चिंता बनी हुई है कि वैश्विक ग्राहकों की ओर से मांग पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है। कंपनियों को नए ऑर्डर मिल रहे हैं, लेकिन निवेशक यह देखना चाहते हैं कि इन ऑर्डर्स का असर कमाई और राजस्व में कितनी तेजी से दिखाई देता है।
लंबी अवधि के नजरिए से आईटी सेक्टर के लिए कई सकारात्मक बातें भी हैं। भारतीय आईटी कंपनियां लगातार AI, डिजिटल इंजीनियरिंग और नई तकनीकों से जुड़े बड़े सौदे हासिल कर रही हैं। यदि AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता है, तो इससे इन कंपनियों को ज्यादा प्रोजेक्ट और बेहतर कमाई मिल सकती है।
कमजोर रुपया भी आईटी कंपनियों के लिए फायदेमंद है। भारतीय आईटी कंपनियां अपनी ज्यादातर सेवाएं विदेशों में देती हैं और उन्हें भुगतान डॉलर में मिलता है। जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो डॉलर में मिलने वाली आय रुपये में बदलने पर ज्यादा हो जाती है, जिससे कंपनियों के मुनाफे में सुधार होता है।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में

अगला लेख
How CPI Inflation Affects the Stock Market
RBI Annual Report: Key Indicators Every Investor Should Track
Polymer Banknotes vs Paper Currency: Key Differences Explained
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs