बिजनेस न्यूज़
.png)
4 min read | अपडेटेड June 03, 2026, 10:27 IST
सारांश
भारत ने इस जांच का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया था कि यह धारा 301 के तहत जांच शुरू करने के लिए कानूनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती है। USTR को दिए गए अपने आवेदन में भारत ने जांच खत्म करने की मांग की और अमेरिकी अधिकारियों से इस मामले में नेगेटिव फैसले लेने का आग्रह किया।

USTR ने जबरन श्रम से संबंधित आयात उल्लंघनों के लिए भारत और 53 अन्य देशों पर 12.5% अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (United States Trade Representative, USTR) ने जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के आयात पर रोक लगाने में फेल रहने के कारण भारत समेत 54 देशों पर 12.5% एडिशनल टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा है। यह कार्रवाई जबरन श्रम से बने प्रोडक्ट्स के आयात पर प्रतिबंध लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में फेल रहने के आरोप में 60 देशों के खिलाफ शुरू की गई जांच के बाद की गई है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि के राजदूत जैमीसन ग्रीर ने एक बयान में कहा, ‘हमारे सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों द्वारा जबरन श्रम से बनी चीजों के आयात को रोकने में फेल होना अस्वीकार्य है। इससे ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है जहां अमेरिकी श्रमिकों को ग्लोबल लेवल पर असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।’ भारत को धारा 301 के तहत नए व्यापार कार्रवाई के तहत एडिशनल अमेरिकी टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है।
मंगलवार को जारी एक बयान में, USTR ने कहा कि उसने मार्च में शुरू की गई जांच पूरी कर ली है और पाया है कि संबंधित अर्थव्यवस्थाओं के काम, पॉलिसीज और प्रैक्टिसेज ‘अनुचित’ (Unreasonable) हैं और अमेरिकी व्यापार पर बोझ डालती हैं या उसे प्रतिबंधित करती हैं, जिससे वे 1974 के अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा 301 के तहत कार्रवाई योग्य बन जाती हैं। USTR ने जांच की गई सभी अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले प्रोडक्ट्स पर एडिशनल ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव दिया है। USTR के अनुसार, भारत उन 54 देशों में शामिल है, जो जबरन श्रम से बनी चीजों के आयात पर रोक लगाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में फेल रहे हैं। इस लिस्ट में चीन, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम, सऊदी अरब, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, थाईलैंड, वियतनाम और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
एजेंसी ने यह भी पाया कि छह देश - कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मैक्सिको और पाकिस्तान - मौजूदा प्रतिबंधों को प्रभावी ढंग से लागू करने में फेल रहे हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा, ‘हमारे सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक साझेदारों द्वारा जबरन श्रम से बने सामानों के आयात को रोकने में विफलता अस्वीकार्य है। इससे ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है जहां अमेरिकी श्रमिकों को वैश्विक स्तर पर असमान प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ता है।’ एजेंसी ने सभी 60 देशों से आयात पर एडिशनल ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव रखा। जिन देशों ने जबरन श्रम से बने सामानों के आयात पर प्रतिबंध लगाया है, व्यापार समझौतों के तहत ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, या जिनके पास आंशिक व्यवस्थाएं लागू हैं, उन्हें 10% की एडिशनल ड्यूटी देनी होगी। अन्य सभी अर्थव्यवस्थाओं को 12.5% की एडिशनल ड्यूटी देनी होगी। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) का यह फैसला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन द्वारा ऑल्टरनेटिव टैरिफ उपायों की खोज की नई कोशिश है, जो हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले के बाद आया है जिसमें राष्ट्रपति के कांग्रेस की मंजूरी के बिना व्यापक टैरिफ लगाने के अधिकार को सीमित कर दिया गया था।
भारत ने इस जांच का कड़ा विरोध करते हुए तर्क दिया था कि यह धारा 301 के तहत जांच शुरू करने के लिए कानूनी आवश्यकताओं को पूरा नहीं करती है। USTR को दिए गए अपने आवेदन में भारत ने जांच खत्म करने की मांग की और अमेरिकी अधिकारियों से इस मामले में नेगेटिव फैसले लेने का आग्रह किया। आवेदन में कहा गया, ‘भारत यूएसटीआर से अनुरोध करता है कि वह इस मामले में नेगेटिव फैसले ले और भारत के खिलाफ चल रही जांच को खत्म करे। इसके अलावा, भारत संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ रचनात्मक रूप से बातचीत करने के लिए तत्पर है।’ आपको बता दें कि 1 जून से भारत और अमेरिका के बीच चार दिवसीय ट्रेड वार्ता जारी है। अमेरिका और भारत के चीफ ट्रेड नेगोशिएटर इंटरिम ट्रेड अग्रीमेंट के ब्योरे को अंतिम रूप देने के के लिए 1 से 4 जून तक मीटिंग कर रहे हैं। इंटरिम ट्रेड अग्रीमेंट की रूपरेखा फरवरी में तय की गई थी। अमेरिकी दल का नेतृत्व उसके चीफ नेगोशिएटर ब्रेंडन लिंच कर रहे हैं और भारत के चीफ नेगोशिएटर दर्पण जैन हैं, जैन वाणिज्य विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी हैं।
संबंधित समाचार
लेखकों के बारे में
.png)
अगला लेख
What Is the Face Value of a Share?
What is Free Float Market Capitalisation? Meaning & Formula
What Is RBI MPC? Meaning, Members, Functions & Role
Explore Learning Centre
All topics · stocks, MFs, derivatives, IPOs