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Nifty IT: Infosys और Wipro समेत कई शेयरों में जबरदस्त तेजी, समझिए कैसे बदला निवेशकों का मूड

Shubham Singh Thakur

3 min read | अपडेटेड May 29, 2026, 13:08 IST

सारांश

आज सबसे ज्यादा तेजी Coforge, LTM और Infosys के शेयरों में है और ये सभी 3 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं। दूसरी तरफ Persistent Systems, Mphasis और Tech Mahindra में भी 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त है। Wipro और HCL Tech के शेयर 1 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं। TCS भी हरे निशान पर है, जबकि OFSS में मामूली गिरावट है।

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Nifty IT: निवेशकों का भरोसा सेक्टर पर फिर से मजबूत होता दिख रहा है।

IT सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में आज 29 मई को जबरदस्त रैली दिख रही है। इसके चलते निफ्टी IT इंडेक्स करीब 3 फीसदी उछलकर 29,747.20 के स्तर पर पहुंच गया। रिपोर्ट लिखे जाने के समय OFSS को छोड़कर इंडेक्स में शामिल सभी शेयर हरे निशान पर ट्रेड कर रहे थे। दरअसल, निवेशकों का भरोसा सेक्टर पर फिर से मजबूत होता दिख रहा है। निवेशकों को लग रहा है कि आने वाले समय में आईटी कंपनियों की कमाई बेहतर हो सकती है।

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इन शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

आज सबसे ज्यादा तेजी Coforge, LTM और Infosys के शेयरों में है और ये सभी 3 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं। दूसरी तरफ Persistent Systems, Mphasis और Tech Mahindra में भी 2 फीसदी से ज्यादा की बढ़त है। Wipro और HCL Tech के शेयर 1 फीसदी से ज्यादा उछल गए हैं। TCS भी हरे निशान पर है, जबकि OFSS में मामूली गिरावट है।

क्या है IT स्टॉक्स में तेजी की वजह

पिछले कुछ महीनों में ग्लोबल मंदी, डॉलर-रुपया उतार-चढ़ाव और AI से जुड़ी चिंताओं के कारण आईटी शेयर दबाव में थे। लेकिन अब निवेशकों का नजरिया बदल रहा है। बड़ी आईटी कंपनियों ने अपने Q4 रिजल्ट्स के दौरान कहा कि वे AI टेक्नोलॉजी, AI प्लेटफॉर्म और कर्मचारियों की AI ट्रेनिंग में लगातार निवेश कर रही हैं। इससे निवेशकों को भरोसा मिला कि भारतीय आईटी कंपनियां भविष्य की टेक्नोलॉजी रेस में पीछे नहीं रहेंगी।

वैल्यू बाइंग भी एक कारण

हाल के महीनों में आईटी शेयर काफी गिर चुके थे, जिससे उनकी वैल्यूएशन आकर्षक हो गई। यानी निवेशकों को अच्छे शेयर कम कीमत पर खरीदने का मौका मिला। इसी वजह से कई निवेशकों ने आईटी शेयरों में फिर से खरीदारी शुरू कर दी।

रुपये की कमजोरी भी आईटी कंपनियों के लिए फायदे की खबर है। भारतीय आईटी कंपनियों की कमाई का बड़ा हिस्सा डॉलर में आता है। जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो कंपनियों को डॉलर से ज्यादा रुपये मिलते हैं, जिससे उनकी कमाई बढ़ने की उम्मीद रहती है।

Wipro की AI पार्टनरशिप

Wipro और ServiceNow की पार्टनरशिप ने भी सेंटीमेंट बेहतर किया है। दोनों कंपनियां अब AI आधारित सिस्टम और ऑटोमेशन पर साथ काम करेंगी। इस खबर का असर अमेरिका में भी दिखा, जहां Wipro के ADRs में करीब 18% की तेज उछाल आई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर अमेरिका में टेक्नोलॉजी खर्च बढ़ता है, AI निवेश जारी रहता है और रुपया कमजोर बना रहता है, तो आने वाले समय में भारतीय आईटी सेक्टर में और मजबूती देखने को मिल सकती है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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