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3 min read | अपडेटेड February 05, 2026, 12:55 IST
सारांश
भारतीय शेयर बाजार में आईटी सेक्टर के लिए लगातार दूसरा दिन मुश्किल भरा रहा। कल निफ्टी आईटी में 5.87 प्रतिशत की भारी गिरावट के बाद आज भी इंडेक्स दबाव में है। अमेरिकी बाजारों में टेक शेयरों की बिकवाली और एआई सेक्टर की ओवरवैल्यूएशन को लेकर बढ़ती चिंता ने भारतीय आईटी दिग्गजों को पस्त कर दिया है।

आईटी स्टॉक्स में मंदी का दौर जारी है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन काफी हलचल भरा नजर आ रहा है। आईटी सेक्टर आज भी फोकस में हैं। पिछले कुछ समय से बाजार की जान माने जाने वाले टेक्नोलॉजी शेयरों में लगातार दूसरे दिन गिरावट का रुख बना हुआ है। कल के कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स में 5.87 प्रतिशत की एक बड़ी और ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई थी, जिसने निवेशकों के भरोसे को बुरी तरह झकझोर दिया था। आज भी बाजार खुलने के बाद आईटी इंडेक्स संभलने की कोशिश करता दिखा, लेकिन बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा है कि यह लगातार लाल निशान में बना हुआ है। इंडेक्स फिलहाल 36,308.10 के लेवल पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव से नीचे है।
भारतीय IT कंपनियों की सेहत काफी हद तक अमेरिकी शेयर बाजार और वहां की अर्थव्यवस्था पर टिकी होती है। बुधवार को अमेरिकी बाजार के टेक-हैवी इंडेक्स नास्डैक में 1.51 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। वहां निवेशकों के मन में यह डर बैठ गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI से जुड़ी कंपनियों की कीमतों में जो उछाल आया था, वह अब अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है। AMD और पालंतिर जैसी बड़ी टेक कंपनियों में हुई बिकवाली ने भारतीय निवेशकों को भी सतर्क कर दिया है। निवेशकों को लग रहा है कि अब इन कंपनियों के वैल्युएशन बहुत ज्यादा हो गए हैं और आने वाले समय में इनके मुनाफे में कमी आ सकती है। इसी वजह से घरेलू बाजार में भी बिकवाली का माहौल बना हुआ है।
अगर हम व्यक्तिगत शेयरों की बात करें तो ज्यादातर बड़े नाम आज नुकसान के साथ कारोबार कर रहे हैं। ओरेकल फाइनेंशियल सर्विसेज (OFSS) में 0.64 प्रतिशत और कोफोर्ज में 0.61 प्रतिशत की गिरावट देखी जा रही है। एलटीआईएम माइंडट्री और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में भी करीब आधा प्रतिशत की मंदी है। दिग्गज कंपनी इन्फोसिस और एचसीएल टेक के शेयर भी लाल निशान में बने हुए हैं। हालांकि, टीसीएस और विप्रो जैसे कुछ शेयरों ने मामूली बढ़त दिखाकर बाजार को संभालने की कोशिश की है, लेकिन यह बढ़त इतनी बड़ी नहीं है कि पूरे सेक्टर के सेंटिमेंट को बदल सके। बाजार में छाई इस सुस्ती ने छोटे निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
आईटी सेक्टर में इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अनिश्चितता है। निवेशकों को डर है कि अगर अमेरिका में मंदी आती है या वहां की कंपनियां अपने आईटी बजट में कटौती करती हैं, तो भारतीय कंपनियों के पास आने वाले प्रोजेक्ट्स कम हो जाएंगे। इसके अलावा, एआई के बढ़ते चलन के बीच कंपनियां खुद को कितनी जल्दी ढाल पाती हैं, इसे लेकर भी बाजार में सवाल उठ रहे हैं। कई जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ महीनों में आईटी शेयरों की कीमतें जितनी तेजी से बढ़ी थीं, अब उसमें एक बड़ा करेक्शन देखने को मिल रहा है। जब तक ग्लोबल मार्केट से कोई पॉजिटिव खबर नहीं आती, तब तक भारतीय आईटी शेयरों में बड़ी तेजी की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
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