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3 min read | अपडेटेड April 21, 2026, 15:26 IST
सारांश
नेस्ले इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 के शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का सालाना कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 3,499 करोड़ रुपये रहा। चौथी तिमाही में घरेलू सेल 6,445 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है। कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए 5 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है।

नेस्ले इंडिया ने पेश किए शानदार नतीजे।
FMCG Sector की दिग्गज कंपनी नेस्ले इंडिया ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही और पूरे साल के समेकित यानी कंसोलिडेटेड नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 21 अप्रैल 2026 को हुई, जिसमें इन वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी गई। आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने इस साल अपने मुनाफे और रेवेन्यू दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की है।
अगर हम पूरे वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो नेस्ले इंडिया का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 34,990.8 मिलियन रुपये यानी करीब 3,499 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह मुनाफा 32,075.9 मिलियन रुपये था। वहीं, कंपनी के ऑपरेशन से रेवेन्यू की बात करें तो यह सालाना आधार पर बढ़कर 231,546 मिलियन रुपये यानी लगभग 23,154.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी की कुल इनकम भी पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ी है, जो इस बार 231,949.5 मिलियन रुपये रही।
कंपनी ने अपने शेयरधारकों के लिए खुशियों का पिटारा खोलते हुए फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है। बोर्ड ने 1 रुपये की फेस वैल्यू वाले प्रति इक्विटी शेयर पर 5 रुपये का फाइनल डिविडेंड देने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए रिकॉर्ड डेट 10 जुलाई 2026 तय की गई है। अगर सालाना जनरल मीटिंग यानी एजीएम में इसे मंजूरी मिल जाती है, तो इसका भुगतान 30 जुलाई 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले कंपनी फरवरी 2026 में 7 रुपये प्रति शेयर का पहला अंतरिम डिविडेंड भी दे चुकी है।
सिर्फ सालाना आधार पर ही नहीं, बल्कि जनवरी से मार्च 2026 की चौथी तिमाही में भी कंपनी ने रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया है। इस तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 11,109 मिलियन रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 8,734.6 मिलियन रुपये के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस दौरान कंपनी की घरेलू सेल 64,450.7 मिलियन रुपये रही है। कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने बताया कि यह तिमाही पिछले करीब एक दशक में सबसे मजबूत ग्रोथ वाली रही है।
कंपनी की कुल सेल में घरेलू बाजार का हिस्सा सबसे बड़ा रहा है। पूरे वित्त वर्ष में घरेलू सेल 221,187 मिलियन रुपये रही, जबकि एक्सपोर्ट सेल 9,527.6 मिलियन रुपये दर्ज की गई है। मैगी, किटकैट और नेस्काफे जैसे बड़े ब्रांड्स ने अपनी मार्केट हिस्सेदारी बढ़ाने में कामयाबी हासिल की है। इसके अलावा कंपनी के एबिटा यानी ब्याज, टैक्स और डेप्रिसिएशन से पहले की कमाई में भी सुधार हुआ है। पूरे साल के लिए कंसोलिडेटेड एबिटा 53,060.6 मिलियन रुपये रहा है।
कंपनी ने बताया कि अगस्त 2025 में उसने 1:1 के रेशियो में बोनस शेयर भी जारी किए थे, जिसके कारण शेयर कैपिटल में बदलाव आया है। इसी वजह से प्रति शेयर कमाई यानी ईपीएस (EPS) के आंकड़ों को भी पुराने सालों के हिसाब से एडजस्ट किया गया है। इस साल का बेसिक और डाइल्यूटेड ईपीएस 18.15 रुपये रहा है। कंपनी ने नए लेबर कोड्स की वजह से कर्मचारियों के रिटायरमेंट बेनिफिट्स पर पड़ने वाले 414.4 मिलियन रुपये के अतिरिक्त खर्च को भी नतीजों में शामिल किया है।
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