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  1. मुहूर्त ट्रेडिंग पर शेयर चुनते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना डूब सकती है गाढ़ी कमाई

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मुहूर्त ट्रेडिंग पर शेयर चुनते समय भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना डूब सकती है गाढ़ी कमाई

विकास तिवारी

4 min read | अपडेटेड November 05, 2026, 14:35 IST

सारांश

दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग के पावन दिन शेयर बाजार में नया निवेश करते समय समझदारी दिखाना बहुत जरूरी है। ज्यादा महंगे वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स और लगातार भारी कर्ज में डूबती कंपनियों में पैसा लगाने से बचना चाहिए।

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मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन शेयर चुनते समय जरूरी सावधानियां बरतने से नुकसान से बचा जा सकता है।

दिवाली पर मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन शेयर बाजार में नई शुरुआत को बहुत शुभ माना जाता है। इस पावन अवसर पर लाखों निवेशक अपने परिवार की समृद्धि के लिए नए शेयरों में खरीदारी करते हैं। लेकिन त्योहारी माहौल के उत्साह में कई बार लोग बिना सोचे-समझे ऐसे स्टॉक्स चुन लेते हैं, जो आगे चलकर नुकसान करा देते हैं। अगर आप भी इस खास दिन किसी अच्छे शेयर में पैसा लगाने की सोच रहे हैं और स्टॉक की सही एनालिसिस करना चाहते हैं, तो कुछ गलतियों से बचना बहुत जरूरी है। केवल तेजी देखकर खरीदारी करने के बजाय कंपनी के बुनियादी पहलुओं की जांच करना समझदारी भरा कदम है।

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इंडस्ट्री से कई गुना महंगे पीई वाले शेयरों से बचें

शेयर का चुनाव करते समय वैल्यूएशन देखना सबसे जरूरी कदम होता है। कई बार किसी शेयर को लेकर बाजार में बहुत चर्चा होती है, लेकिन उसका पीई रेश्यो उसकी इंडस्ट्री के औसत पीई रेश्यो से कई गुना ज्यादा ऊपर पहुंच चुका होता है। ऐसे शेयरों में पहले से ही फ्यूचर की बहुत सारी उम्मीदें शामिल होती हैं। अगर कंपनी के नतीजे थोड़े भी कमजोर आते हैं, तो शेयर में तेज गिरावट देखने को मिलती है। इसलिए मुहूर्त के दिन केवल लोकप्रियता देखकर बहुत ज्यादा महंगे वैल्यूएशन वाले स्टॉक्स में हाथ डालने से बचना चाहिए, ताकि आपकी पूंजी किसी ऊपरी स्तर पर न फंसे।

कर्ज में डूबती और घटते रेवेन्यू वाली कंपनियों से दूरी

अगर कोई कंपनी लगातार भारी कर्ज के बोझ तले दबती जा रही है और उसका रेवेन्यू लगातार कम होता जा रहा है, तो ऐसे स्टॉक से तुरंत दूरी बना लेना ही समझदारी है। कारोबार में बढ़ता कर्ज और घटती आमदनी साफ संकेत देती है कि कंपनी का ऑपरेशनल परफॉर्मेंस बिगड़ रहा है और उसका कोर बिजनेस दबाव में है। जब रेवेन्यू घटता है तो कंपनी के पास कर्ज का ब्याज चुकाने की क्षमता भी कम हो जाती है। ऐसे शेयरों के दाम भले ही आकर्षक लगें, लेकिन कमजोर फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश करने से भारी नुकसान हो सकता है।

कमाई बढ़ने पर भी चार्ट में गिरावट दिखे तो पढ़ें प्रजेंटेशन

कई बार बाजार में ऐसी स्थिति बनती है जब कंपनी की तिमाही कमाई तो बढ़ती हुई दिखती है, लेकिन शेयर का चार्ट लगातार गिरावट दिखा रहा होता है। अगर किसी शेयर के साथ ऐसा हो रहा है, तो बिना जांच किए पैसा लगाने की जल्दबाजी न करें। ऐसी स्थिति में आपको कंपनी का इंवेस्टर प्रजेंटेशन और कंपनी का फ्यूचर प्लान गहराई से पढ़ना चाहिए। इसके साथ ही कंपनी के कर्ज का स्तर और मैनेजमेंट द्वारा दिया गया बिजनेस गाइडेंस जरूर देखना चाहिए। कई बार फ्यूचर ग्रोथ को लेकर अनिश्चितता या अंदरूनी समस्याएं होती हैं, जिसे चार्ट पहले भांप लेता है। इसलिए पूरी जानकारी के बिना दांव न लगाएं।

आंख बंद कर निवेश न करें

मुहूर्त ट्रेडिंग पर किसी भी शेयर में आंख बंद कर निवेश करने से हमेशा बचना चाहिए। सोशल मीडिया या सुनी-सुनाई बातों के आधार पर कोई सौदा न लें। अगर आप किसी शेयर को पोर्टफोलियो में शामिल करने का मन बना रहे हैं, तो उस स्टॉक पर हाल-फिलहाल में किसी ब्रोकरेज फर्म द्वारा पब्लिश की गई रिपोर्ट जरूर पढ़नी चाहिए। ब्रोकरेज रिपोर्ट में कंपनी के बिजनेस मॉडल, इंडस्ट्री के ट्रेंड्स और फ्यूचर के अनुमानों का डीटेल एनालिसिस होती है। इन रिपोर्ट्स को पढ़कर और खुद एनालिसिस करके निवेश करने से गलत फैसले लेने की संभावना घट जाती है और आपका पैसा सुरक्षित रहता है।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

लेखकों के बारे में

विकास तिवारी
Vikash Tiwary is a finance journalist with 6+ years of newsroom experience. He is currently growing Upstox Hindi, crafting data-driven stories on stocks, personal finance, mutual funds, and global markets, while exploring how AI can simplify finance. His work spans Zee Business, TV9 Bharatvarsh, ABP News, India TV, and Inshorts. He also holds NISM certification.

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