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4 min read | अपडेटेड July 20, 2026, 10:38 IST
सारांश
लार्सन एंड टुर्बो (एल एंड टी) को मेटल्स और मिनरल्स बिजनेस के लिए मेगा ऑर्डर्स मिले हैं। जिसके बाद शेयरों में कुछ एक्शन भी देखने को मिल रहा है। कौन-कौन से ऑर्डर्स मिले हैं, चलिए डीटेल्स पर नजर डालते हैं।
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लार्सन एंड टुर्बो (एल एंड टी) के शेयरों में आज क्यों दिख रहा एक्शन? (Photo: Shutterstock)
लार्सन एंड टुर्बो (L&T) के मेटल्स एंड मिनरल्स बिजनेस वर्टिकल को देश की प्रमुख मेटल और माइनिंग कंपनियों से कई ऑर्डर मिले हैं। इससे मेटल्स और मिनरल्स वैल्यू चेन में वर्ल्ड-क्लास इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सॉल्यूशन देने में कंपनी की लीडरशिप और मजबूत हुई है। इसके बाद आज लार्सन एंड टुर्बो के शेयरों में कुछ तेजी भी देखने को मिली है। सुबह करीब 10:15 बजे कंपनी के शेयर .37% यानी कि प्रति शेयर करीब 14 रुपये चढ़कर 3,828.60 रुपये पर ट्रेड हो रहे थे।
पहला ऑर्डर एक पब्लिक सेक्टर कंपनी से मिला है, जो भारत की सबसे बड़ी आयरन ओर (लौह अयस्क) उत्पादक कंपनी है। 2030 तक 100 MTPA आयरन ओर प्रोडक्शन कैपेसिटी हासिल करने के अपने विस्तार कार्यक्रम के तहत, कंपनी ने एल एंड टी को छत्तीसगढ़ में 18 MTPA आयरन ओर हैंडलिंग प्लांट का पैकेज #BE-01C सौंपा है। इस काम में डाउनहिल कन्वेयर सिस्टम, स्क्रीनिंग प्लांट, स्टॉकपाइल, यार्ड इक्विपमेंट, रैपिड वैगन लोडिंग सिस्टम (RWLS) और उससे जुड़े सहायक उपकरणों की डिजाइन और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग शामिल है।
दूसरा ऑर्डर एक और पब्लिक सेक्टर की नवरत्न कंपनी से मिला है, जो पश्चिम बंगाल में अपने स्टील प्लांट की क्षमता को 2.5 MTPA से बढ़ाकर 7.1 MTPA कर रही है। इसके लिए एल एंड टी को कई 'डिजाइन एंड बिल्ड' और 'बैलेंस ऑफ प्लांट' पैकेज मिले हैं। एल एंड टी ने प्राइवेट सेक्टर की एक बड़ी मेटल उत्पादक कंपनी के साथ भी अपना पुराना संबंध बनाए रखा है और उसे जिंक प्रोसेसिंग प्लांट के लिए EPC ऑर्डर मिला है। इस काम में डिजाइन और इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट, इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और साइट से जुड़ी सर्विसेज शामिल हैं, जो जटिल नॉन-फेरस मेटलर्जिकल प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में एल एंड टी की विशेषज्ञता को फिर से साबित करती हैं।
ऑर्डर मिलने पर, एल एंड टी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर, एस.एन. सुब्रह्मण्यन ने कहा, ‘यह मिनरल्स और मेटल्स EPC सेक्टर में एल एंड टी की मजबूत लीडरशिप को फिर से साबित करता है और दिखाता है कि ग्राहक बड़े पैमाने और जटिलता वाले प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की हमारी क्षमता पर कितना भरोसा करते हैं। जैसे-जैसे भारत लंबे समय की आर्थिक वृद्धि के लिए अपनी मेटल्स और मिनरल्स क्षमता को बढ़ाने में निवेश तेज कर रहा है, एल एंड टी देश की प्रमुख कंपनियों के साथ मिलकर वर्ल्ड-क्लास इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’
एल एंड टी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड (यूटिलिटीज एंड मेटल्स) टी. कुमारेशन ने कहा, ’माइनिंग, फेरस और नॉन-फेरस सेक्टर में मिले ये ऑर्डर एल एंड टी की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और प्रोजेक्ट को पूरा करने की क्षमता में हमारे ग्राहकों के भरोसे को फिर से पक्का करते हैं। ये भारत के मेटल्स और मिनरल्स इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में एक भरोसेमंद पार्टनर के तौर पर हमारी स्थिति को मजबूत करते हैं। हम क्वॉलिटी, सुरक्षा और सस्टेनेबिलिटी के उच्चतम मानकों के साथ प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’
लार्सन एंड टुब्रो 32 बिलियन अमेरिकी डॉलर की एक भारतीय मल्टीनेशनल कंपनी है, जो EPC प्रोजेक्ट्स, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग, प्रोडक्ट्स और सर्विसेज के सेक्टर में काम करती है और कई अलग-अलग क्षेत्रों और देशों में अपनी सर्विसेज देती है। AI और टेक्नोलॉजी पर जोर, ग्राहकों पर केंद्रित नजरिए और बेहतरीन क्वॉलिटी की लगातार खोज ने एल एंड टी को आठ दशकों से अपने मुख्य बिजनेस क्षेत्रों में लीडरशिप हासिल करने और उसे बनाए रखने में मदद की है।
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