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Jio Platforms IPO: खुल गया ₹30,200 करोड़ का मेगा इश्यू, लेकिन निवेश से पहले समझें जरूरी बातें

Shubham Singh Thakur

4 min read | अपडेटेड October 21, 2026, 08:57 IST

सारांश

Jio Platforms का IPO 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। निवेशक इसमें 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे। आईपीओ के तहत मिलने वाले शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर तक फाइनल होने की संभावना है। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट होने प्रस्तावित हैं।

Jio Platforms IPO

जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1065 से ₹1119 प्रति शेयर तय किया है।

Jio Platforms IPO: रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल और टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ आज 21 अक्टूबर को आम निवेशकों के लिए खुल गया है। इस आईपीओ को लेकर बाजार में काफी उत्साह है। इसकी एक बड़ी वजह एंकर निवेशकों की ओर से मिली मजबूत मांग है। कंपनी ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों से करीब ₹8109.84 करोड़ जुटाए। इनमें ब्लैकरॉक, फिडेलिटी इन्वेस्टमेंट्स, जेपी मॉर्गन एसेट मैनेजमेंट और फ्रैंकलिन टेम्पलटन जैसे बड़े वैश्विक निवेशक शामिल हैं। यहां इस आईपीओ से जुड़ी पूरी जानकारी दी गई है।
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जियो प्लेटफॉर्म्स IPO की तारीख

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल रहा है। निवेशक इसमें 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे। आईपीओ के तहत मिलने वाले शेयरों का अलॉटमेंट 26 अक्टूबर तक फाइनल होने की संभावना है। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट होने प्रस्तावित हैं। निवेशकों को अलॉटमेंट के बाद पता चलेगा कि उन्हें कितने शेयर मिले हैं।

प्राइस बैंड समेत अन्य डिटेल

जियो प्लेटफॉर्म्स ने आईपीओ का प्राइस बैंड ₹1065 से ₹1119 प्रति शेयर तय किया है। इस इश्यू में 27 करोड़ नए शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी कर्मचारियों के लिए ₹500 करोड़ और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए ₹2500 करोड़ के शेयर आरक्षित रखेगी। कर्मचारियों को अंतिम इश्यू प्राइस पर प्रति शेयर ₹54 की छूट भी मिलेगी।

जियो प्लेटफॉर्म्स को बड़े संस्थागत निवेशकों का समर्थन मिला है। सिंगापुर का जीआईसी, नॉर्वे का सरकारी निवेश फंड, अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे निवेशकों ने भी इसमें हिस्सा लिया है। भारत के SBI म्यूचुअल फंड, HDFC म्यूचुअल फंड, ICICI प्रूडेंशियल और निप्पॉन इंडिया जैसे बड़े फंड हाउस भी इसमें शामिल हुए हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स की ताकत

देशभर में 5जी नेटवर्क और डिजिटल सेवाएं जियो प्लेटफॉर्म्स की प्रमुख ताकत हैं। कंपनी का EBITDA मार्जिन वित्त वर्ष 2023-24 के 50.16% से बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 में 51.91% हो गया। कंपनी की तकनीकी क्षमता, नेटवर्क और कारोबारी विस्तार भी अहम है। इसके साथ ही विकास की संभावनाओं और कमाई बढ़ाने की क्षमता पर एक्सपर्ट्स सकारात्मक नजर आ रहे हैं।

जून 2026 तक जियो प्लेटफॉर्म्स के पास 53.33 करोड़ ग्राहक थे। कंपनी भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक में करीब 60% हिस्सेदारी रखती थी। इसके पास 26,800.8 मेगाहर्ट्ज का स्पेक्ट्रम बैंक भी है। इतनी बड़ी ग्राहक संख्या और नेटवर्क कंपनी को प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले मजबूत स्थिति देती है।

कहां होगा फंड का इस्तेमाल

जियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल अपनी टेलीकॉम सब्सिडियरी के कर्ज का कुछ हिस्सा चुकाने और सामान्य कारोबारी जरूरतों को पूरा करने के लिए करेगी। इससे कंपनी के ब्याज खर्च में कमी आने और वित्तीय स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

जियो प्लेटफॉर्म्स का कारोबार

जियो प्लेटफॉर्म्स केवल मोबाइल नेटवर्क तक सीमित नहीं है। इसका कारोबार ब्रॉडबैंड, डिजिटल एंटरटेनमेंट, क्लाउड, एंटरप्राइज सॉल्यूशंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी सेवाओं तक फैला है। कंपनी ने किफायती टेलीकॉम सेवाओं के जरिए भारतीय बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।

हालांकि निवेश से पहले कंपनी का वैल्यूएशन, वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज और भविष्य की कमाई की संभावनाएं समझना जरूरी है। निवेशकों को निवेश का निर्णय अपनी जोखिम उठाने की क्षमता और लंबी अवधि के लक्ष्यों को ध्यान में रखकर लेना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।)

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