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3 min read | अपडेटेड May 14, 2026, 14:57 IST
सारांश
इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का सालाना नेट प्रॉफिट 7.80 पर्सेंट बढ़कर 7,009 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। खास बात यह है कि कंपनी के कुल एसेट्स ने पहली बार 5 लाख करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है।
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रेलवे सेक्टर की दिग्गज फाइनेंस कंपनी आईआरएफसी ने वित्त वर्ष 2026 में दर्ज किया अब तक का सबसे शानदार प्रदर्शन। | Image: Shutterstock
रेल मंत्रालय के तहत आने वाली नवरत्न कंपनी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन (IRFC) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने तिमाही नतीजे जारी कर दिए हैं। 14 मई 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में इन आंकड़ों को मंजूरी दी गई, जो बताते हैं कि कंपनी ने मुनाफे और संपत्ति के मामले में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। आईआरएफसी के लिए यह साल रणनीतिक तौर पर काफी अहम रहा है क्योंकि कंपनी ने अपने पारंपरिक मॉडल से हटकर बिजनेस का विस्तार किया है।
कंपनी द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, 31 मार्च 2026 को खत्म हुए पूरे वित्त वर्ष के दौरान आईआरएफसी का नेट प्रॉफिट 7,009.17 करोड़ रुपये रहा है। पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में यह मुनाफा 6,502.00 करोड़ रुपये था, यानी सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट में 7.80 पर्सेंट की अच्छी बढ़त दर्ज की गई है। रेवेन्यू के मोर्चे पर भी कंपनी ने मजबूती दिखाई है। साल भर के ऑपरेशंस से मिलने वाला रेवेन्यू बढ़कर 27,284.15 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल 27,152.14 करोड़ रुपये था। चौथी तिमाही के दौरान भी कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा और मार्च तिमाही में कंपनी ने 1,684.31 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया है।
आईआरएफसी ने इस साल एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के कुल एसेट्स यानी संपत्ति पहली बार 5 लाख करोड़ रुपये के ऐतिहासिक माइलस्टोन को पार कर 5,16,676.48 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। वहीं, एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी अब तक के सबसे ऊंचे स्तर 4.85 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी की नेट वर्थ में भी जबरदस्त सुधार हुआ है और यह बढ़कर 56,748.76 करोड़ रुपये हो गई है। ये आंकड़े साफ तौर पर दर्शाते हैं कि IRFC का बैलेंस शीट पहले के मुकाबले और भी ज्यादा मजबूत हुआ है, जिससे इसकी साख बाजार में और बढ़ी है।
कंपनी के प्रदर्शन की सबसे बड़ी खूबी इसका शून्य एनपीए (NPA) स्टेटस बना रहना है। इतने बड़े स्तर पर कर्ज देने के बावजूद कंपनी ने अपनी एसेट क्वालिटी को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 1.50 पर्सेंट रहा है, जिसमें पिछले साल के मुकाबले करीब 6 पर्सेंट की ग्रोथ देखी गई है। बेहतर मैनेजमेंट और कम लागत वाली फंडिंग की वजह से कंपनी अपने मार्जिन को सुधारने में सफल रही है। कंपनी का अर्निंग पर शेयर (EPS) भी बढ़कर 5.36 रुपये पर पहुंच गया है, जो पिछले साल 4.98 रुपये था।
IRFC के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज कुमार दुबे ने बताया कि वित्त वर्ष 2026 कंपनी के लिए एक बदलाव वाला साल रहा है। कंपनी ने अब खुद को सिर्फ रेलवे फाइनेंसर तक सीमित न रखकर एक बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर फाइनेंसिंग संस्थान के रूप में विकसित किया है। कंपनी ने पावर जेनरेशन, रिन्यूएबल एनर्जी, ट्रांसमिशन और फर्टिलाइजर जैसे उन सेक्टरों में निवेश करना शुरू किया है जो सीधे तौर पर रेलवे नेटवर्क से जुड़े हैं। इस साल कंपनी ने लगभग 72,949 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी और 35,067 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा है।
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