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3 min read | अपडेटेड February 26, 2026, 10:43 IST
सारांश
IRFC के शेयरों पर आज बाजार की नजर रहेगी। सरकार ने 2% हिस्सेदारी बेचने का प्लान बनाया था, जिसमें अब एक्स्ट्रा शेयर नहीं बेचे जाएंगे। कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत है और उसने लगातार तीसरी तिमाही में रिकॉर्ड मुनाफा कमाया है। आज रिटेल निवेशक 104 रुपये के भाव पर अपनी बोली लगा सकते हैं।

IRFC के शेयरों पर आज बाजार की नजर रहेगी।
भारतीय रेलवे की रीढ़ कही जाने वाली कंपनी IRFC यानी इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉर्पोरेशन आज चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इसकी वजह है सरकार द्वारा कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बेचने का फैसला और इसके शानदार तिमाही नतीजे। गुरुवार को शेयर बाजार में इस स्टॉक पर सबकी नजर रहने वाली है क्योंकि आज आम निवेशकों यानी रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए इसमें पैसा लगाने का मौका है। सरकार ने बुधवार को आए रिस्पॉन्स को देखते हुए एक बड़ा फैसला भी लिया है।
सरकार ने IRFC में अपनी 2 फीसदी हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल यानी OFS पेश किया था। इसके साथ ही सरकार के पास 2 फीसदी और एक्स्ट्रा शेयर बेचने का विकल्प भी था जिसे 'ग्रीनशू ऑप्शन' कहा जाता है। लेकिन बुधवार को जब यह ऑफर बड़े निवेशकों के लिए खुला तो इसे उम्मीद से थोड़ा कम रेस्पॉन्स मिला। यह इश्यू केवल 95 फीसदी ही सब्सक्राइब हो पाया और करीब 1.18 करोड़ शेयरों के लिए बोली नहीं लगी। इसे देखते हुए सरकार ने अब तय किया है कि वह एक्स्ट्रा शेयर नहीं बेचेगी। इसका मतलब है कि अब सिर्फ बेस 2 फीसदी हिस्सा ही बाजार में बेचा जाएगा।
ऑफर फॉर सेल एक ऐसा तरीका है जिसमें कंपनी के मालिक यानी प्रमोटर अपने शेयर सीधे बाजार में निवेशकों को बेचते हैं। यह आईपीओ से थोड़ा अलग होता है क्योंकि इसमें नए शेयर जारी नहीं किए जाते बल्कि पुराने शेयर ही ट्रांसफर होते हैं। सरकार ने इस सेल के लिए 104 रुपये का फ्लोर प्राइस तय किया है जो कि इसके पुराने बंद भाव के बराबर ही है। आज यानी गुरुवार को देश के आम नागरिक और छोटे निवेशक इस भाव पर IRFC के शेयरों के लिए अपनी बोली लगा सकते हैं। अगर सरकार अपनी पूरी योजना के मुताबिक शेयर बेच पाती तो उसे खजाने के लिए 5,400 करोड़ रुपये से ज्यादा मिल सकते थे।
भले ही हिस्सेदारी की बिक्री में थोड़ी सुस्ती दिखी हो लेकिन कंपनी की माली हालत बहुत ही मजबूत नजर आ रही है। दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में IRFC ने अब तक का सबसे ज्यादा तिमाही मुनाफा कमाया है। कंपनी का नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर 11 फीसदी बढ़कर 1,802 करोड़ रुपये पहुंच गया है। यह लगातार तीसरी ऐसी तिमाही है जब कंपनी ने रिकॉर्ड तोड़ कमाई की है। कंपनी के लोन पोर्टफोलियो में लगातार हो रही ग्रोथ और बेहतर मैनेजमेंट की वजह से नेट इंटरेस्ट मार्जिन में भी 8 फीसदी से ज्यादा का सुधार देखने को मिला है।
कंपनी की कुल आय यानी टोटल इनकम इस तिमाही में 6,719 करोड़ रुपये रही है। हालांकि अगर हम पिछले साल की इसी तिमाही से तुलना करें तो रेवेन्यू में हल्की सी कमी आई है। पिछले साल यह 6,763 करोड़ रुपये था जो अब 6,661 करोड़ रुपये रह गया है। कंपनी ने इसके पीछे की वजह भी साफ कर दी है। रेल मंत्रालय ने एक प्रोजेक्ट के एग्रीमेंट में एक साल की मोहलत यानी मोरेटोरियम बढ़ा दिया है जिसकी वजह से रेवेन्यू की गणना में थोड़ा बदलाव आया है। कुल मिलाकर देखा जाए तो कंपनी का ऑपरेशन काफी अच्छा है और निवेशकों के लिए यह फ्यूचर में एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है।
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